ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
ब्लॉग

लाल किले से एक कन्फ्यूज़ प्रधानमंत्री

pm-modi

हिन्दू और हिन्दुत्व के ढोंग को यदि भारतीय जनता पार्टी अलग कर दे तो उसके वोटर ही देश और प्रदेश की सत्तासीन सरकारों को नकार दें , दरअसल इस गिरोह की हर विफलता का कवच केवल और केवल हिन्दू हिन्दुत्व का ढोंग और मुस्लिम-इस्लाम विरोधी प्रोपगंडा रहा है और केवल इसी कारण इस पार्टी की सरकारों के कार्य का आकलन इसके वोटर नहीं कर पाते।

हकीक़त यह है कि इस पार्टी और इसके मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की कार्यकुशलता और विशेषज्ञता केवल और केवल इस खेल में रही है कि पूरे देश में कुछ घंटों में कैसे झूठी अफवाह सफलता से फैलाई जाए और यह वह गणेश जी को दूध पिलाने से लेकर पूरे देश में नमक की कमी की अफवाह फैला कर अपनी कुशलता सिद्ध करते रहे हैं।

इनको सरकार और उसकी विभिन्न विभागों की नीतियों से कोई ना तो कभी मतलब रहा और ना ही कभी यह इनका विषय रहा है।
अर्थ , विदेश , रक्षा , गृह इत्यादि विषयों से इनके पूरे गिरोह का दूर दूर तक कोई संबंध नहीं , इसीलिए पिछले 39 महीने से केन्द्र की मोदी सरकार एक कन्फ्यूज़ सरकार से अधिक कुछ नहीं लगती।

दरअसल नरेंद्र मोदी ही नहीं बल्कि तमाम राज्यों की भाजपा सरकारों का यही हाल है तो नरेंद्र मोदी की सरकार तो सबसे अधिक कन्फ्यूज़ सरकार है।
चाहे पाकिस्तान हो या अन्य विदेश नीति , नरेंद्र मोदी समझते रहे हैं कि किसी देश का दौरा करके , वहाँ के राष्ट्राध्यक्ष को अपने यहाँ बुलाकर उसकी प्रशंसा और “बराक बराक” करके यदि विदेश नीति की जटिलता सुलझाई जा सकती है तो ऐसा करने वाले कब का कर चुके होते , इसी भ्रम के कारण नरेंद्र मोदी अब तक 40 देश का दौरा कर चुके हैं और उसमें अमेरिका का सबसे अधिक 7 बार का दौरा है।

हालात ज्यों का त्यों है , चीन देश की सीमा में घुस कर चैलेंज दे रहा तो विपक्ष में रहते हुए दिन रात पाकिस्तान को ललकारने वाले नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद पाकिस्तान का नाम लेना भूल गये।

दरअसल , सरकार बनते ही कांग्रेस या पिछली सरकारों की योजनाओं को नाम बदलकर अपने नाम से चलाने और ऐसी योजनाओं का उद्घाटन करते रहती यह केन्द्र की सरकार वहाँ 100% विफल दिखती है जहाँ वह ऐसा नहीं कर पाती।

ऐसा ही उदाहरण है “काश्मीर”
लालकिले के प्राचीर से प्रधानमंत्री ने काश्मीर के लोगों से जिस अपनेपन के संबंध की बात कही है दरअसल हम जैसे लोग इसे सालों से कहते आ रहे हैं और इसी कारण मोदी भक्तों की गालियाँ भी खाते रहे हैं , देशद्रोही घोषित होते रहे हैं , नरेंद्र मोदी ने हमारी उसी बात को स्वीकार करके अपने भक्तों के मुँह पर जूता मार दिया है।

“काश्मीर” को पूरी तरह पाना है तो सबसे पहले काश्मीरी लोगों को खुले दिल से अपनाकर उनका दिल जीतना होगा”
काश्मीरी पंडितों पर थोड़ा बहुत हुए ज़ुल्म को पहाड़ बनाकर आम काश्मीरी लोगों को गालियाँ देना काश्मीर को खो देने की स्थिति पैदा कर देगी। काश्मीर के लोगों को पंडित और मुस्लिम खाने में खींचने से ही आज काश्मीर समस्या इस हाल में पहुंच गयी है। इसे अब प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद बंद कर देना चाहिए।
काश्मीर और काश्मीरी लोगों को देश विरोधी बता कर अब तक की संघ और भाजपा सरकार काश्मीर को बहुत हद तक देश से दूर कर चुकी है। उन्हें करीब लाने का प्रयास करना चाहिए।

दरअसल कन्फ्यूज़ केन्द्र सरकार समझ ही नहीं पा रही कि काश्मीर में क्या करें , प्रधानमंत्री काश्मीरी लोगों के साथ ईद की जगह दिपावली मनाते हैं तो कभी वहाँ पैलेट गन चला कर सैकड़ों बच्चों को अंधा कर देते हैं तो कभी काश्मीरियत की बात करते हैं तो कभी काश्मीरी लोगों का दिल जीतने की बात करते हैं।
जब किसी के पास कोई ठोस नीति नहीं होती तो वह ऐसा ही करता है।

प्रधानमंत्री और भाजपा की सरकार भी वही कर रही है , ईश्वर इनको सद्बुद्धी दे।

(ये लेखक के निजी विचार हैं। मोहम्मद जाहिद पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता हैं।)

Latest अपडेट के लिए National Dastak पेज को Like और Follow करे

To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved