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मीरा बर्द्धन की उम्मीदवारी एक शानदार पहल….

जब समाजवाद और समाजवादी पार्टी का नाम आएगा तो स्वतः ही आचार्य नरेन्द्रदेव जी हमारी स्मृति पटल पर उभर आएंगे। जो कोई स्वतन्त्रता आंदोलन,समाजवादी सँघर्ष, वैचारिक क्रांति और त्याग /समर्पण को एक रूप में देखने की कोशिश करेगा उसे आचार्य जी का स्वरूप सबसे पहले दिखेगा।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी ने लखनऊ नगर निगम के मेयर पद हेतु राजनीति के क्षेत्र में बिलकुल अनजान से एक व्यक्तित्व श्रीमती मीरा बर्द्धन का नाम जब उजागर किया तो सहसा लोगो को लगा कि अखिलेश यादव जी ने यह नाम कहाँ से उठा लाया लेकिन जब गम्भीरता से इस नाम की पृष्ठभूमि खंगाली गयी तो मीरा बर्द्धन जी एक चमकते हुए ओजवान समाजवादी सूर्य और राष्ट्रीय आंदोलन के महानतम नेता आचार्य नरेन्द्रदेव जी के आंगन की ज्योति पुंज निकलीं।

https://www.youtube.com/watch?v=j-yWSU_XJyI

54 वर्षीय श्रीमती मीरा बर्द्धन जी ने अपने इस समाजवादी पुरखा के नाम से 1995 में “आचार्य नरेंद्र देव एकेडमी” का गठन किया।यह संस्था लखनऊ में गरीब एवं अनाथ बच्चों को निःशुल्क प्राइमरी शिक्षा देती है।मीरा बर्द्धन जी फर्नीचर डिजाइनिंग की ट्रेनिंग से लेकर पालीटेक्निक तक कि संचालिका रही हैं।आपने समाजवादी पुरोधा आचार्य नरेंद्र देव जी के मोतीमहल लखनऊ स्थित स्मारक का जीर्णोद्धार कराके आचार्य जी की स्मृतियों को सहेजने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।मीरा वर्द्धन जी शुद्ध रूप से समाजसेविका के रूप में लखनऊ में लम्बे अरसे से कार्यरत हैं।आपके पति यशोवर्द्धन जी एक उद्योगपति हैं।

आचार्य नरेंद्र देव जी के पोते श्री यशोवर्द्धन जी के परिवार का कोई व्यक्ति फिलहाल राजनीति में नही है जबकि ईमानदारी से समाजवादी इतिहास को खंगाला जाय तो ज्ञात होगा कि 1934 में पटना में आचार्य नरेन्द्रदेव जी की ही अध्यक्षता में सम्मेलन हुवा था जिसमे कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी के गठन का निश्चय किया गया था तथा आचार्य जी की ही अध्यक्षता में नई पार्टी के संविधान तथा कार्यक्रम का प्रारूप तैयार करने के लिए प्रारूप समिति बनाई गई थी।पटना के पश्चात अक्टूबर 1934 में बम्बई में डॉ सम्पूर्णानन्द जी की अध्यक्षता में हुए सम्मेलन में समाजवादियों के नए दल का नाम “कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी” रखा गया था। कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी ने पूर्व में तय किये गए योजनानुसार 6 सूत्रीय कार्यक्रम घोषित किया।इस छः सूत्रीय कार्यक्रम में कांग्रेस के अंदर समाजवादी पार्टी के उद्देश्य और कार्यक्रम को स्वीकार करने का यत्न करना,किसान व मजदूरों को संगठित करना, उनमे वर्ग संघर्ष की भावना पैदा कर उनके आर्थिक संघर्षो को तेज करना और जहां ऐसे संगठन हों उनमे शामिल होना, युवक संघ, महिला संघ,स्वयंसेवक संघ आदि संगठनों में प्रवेश करना,उन्हें संगठित करना और समाजवादी विचारधारा के रंग में रंगना, साम्राज्यवादी युद्दों के विरुद्ध चलने वाले स्वतन्त्रता संग्राम को मजबूत करने में अपनी शक्ति को।लगाना,ब्रिटिश सरकार से किसी भी प्रकार से तथा किसी भी स्थिति में वैधानिक समझौता न करना तथा सत्तारूढ़ होने पर मजदूरों,किसानों और अन्य शोषित वर्गो की समितियों द्वारा चुने हुए प्रतिनिधियों की संविधान सभा आयोजित कर संविधान बनाना प्रमुख था।

आचार्य नरेंद्र देव जी का नाम कुलपति के रूप से लेकर देश के महानतम लेखकों में शुमार हैं। आचार्य नरेन्द्रदेव जी ने मशहूर “बौद्ध धर्म दर्शन” किताब लिखा जिसे उनके मरणोपरांत साहित्य अकादमी पुरस्कार दिया गया। आचार्य जी ने “राष्ट्रीयता व समाजवाद”,”समाजवाद व राज्य क्रांति”,”समाजवादी क्रांति व कांग्रेस”,”समाजवाद का बिगुल” तथा “भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का इतिहास तथा समाजवाद” आदि कालजयी रचनाएं समाजवाद की अवधारणा को समझने हेतु कर रखी हैं। आचार्य नरेन्द्रदेव जी ने अपने जीवन के दो ही लक्ष्य निर्धारित कर रखे थे जिसमे पहला देश की मुक्ति तथा दूसरा समाजवादी समाज की स्थापना था।

https://www.youtube.com/watch?v=3lsKmHzBA9s

ऐसे महान समाजवादी पूर्वज आचार्य नरेन्द्रदेव जी की तीसरी पीढ़ी श्रीमती मीरा वर्द्धन जी के रूप में लखनऊ से मेयर पद हेतु चुनावी अखाड़े में उतरी हुई है।देश के ऐसे महानायक जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी देश और समाज को समर्पित कर दी।जिन्होंने तन, मन, धन, सोच, नीति, विचार, कार्यक्रम, सँघर्ष सहित अपना सब कुछ देश व समाज को होम कर दिया,आज उनकी पौत्र बधू श्रीमती मीरा वर्द्धन लखनऊ से मेयर पद पर लखनऊ की जनता के बीच अपने पुरखा नरेंद्र देव जी के उज्ज्वल इतिहास और अपने खुद के निःस्वार्थ सामाजिक हित हेतु समर्पित जीवन को लेकर आई हैं। लखनऊ की जनता को अन्य पार्टियों और उम्मीदवारों के बीच तुलना करना है कि किसका कल और आज जनहित को समर्पित है?कौन दल है जो अपने अपने पुरखों की विरासत को सहेजते हुए वर्तमान में तरक्की की इबारत लिख सकने में सक्षम है?

मीरा वर्द्धन जी एक तरफ भारतीय राजनीति के अग्रिम पंक्ति के महानतम चिंतक,संघर्षपुरुष, समाजवाद के झंडावरदार आचार्य नरेंद्र देव जी की वरासत को सहेजते हुए वर्तमान के समाजवाद के ध्वजवाहक माननीय श्री मुलायम सिंह यादव जी व उनके सुलायक वारिस श्री अखिलेश यादव जी के अग्रगामी सोच,तरक्की पसन्द कार्य व ईमानदार छबि की छाया को खुद में समेटते हुए लखनऊ नगर निगम में मेयर पद के सँघर्ष में शामिल हैं।लखनऊ का बच्चा-बच्चा जनता है कि अखिलेश यादव जी ने लखनऊ को दुनिया के मानचित्र पर ऐसे उकेर डाला है जैसे कोई कोई स्वप्नकार अपने सपनो में स्वर्ग का खाका खींच डालता है। सबसे कम समय मे मेट्रो बनाने का कीर्तिमान,गोमती नदी को लन्दन के रिवर फ्रंट की तरह सजाने का काम, लखनऊ से आगरा को जोड़ने वाला अद्भुत एक्सप्रेस वे,अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम,एशिया का सर्बोत्कृष्ट जनेश्वर मिश्र पार्क,जयप्रकाश अंतरराष्ट्रीय केंद्र सहित सड़क,पुल आदि से लखनऊ को सजाने के काम अखिलेश यादव जी ने करके अपने सोच को स्पष्ट कर दिया है।

https://www.youtube.com/watch?v=dOGZFWmlf0E

मीरा वर्द्धन जी को लखनऊ मेयर पद का प्रत्याशी बनाके अखिलेश यादव जी ने जहां समाजवादी पुरखा व स्वतन्त्रता आंदोलन के महानायक श्री नरेन्द्र देव् जी को श्रद्धांजलि अर्पित की है वही अपने “काम बोलता है”कांसेप्ट को क्रियाशील बनाये रखने हेतु लखनऊ की जनता को एक बेहतर विकल्प दिया है।उम्मीद है लखनऊ की जनता “आचार्य नरेंद्र देव” जी की पौत्र बधू मीरा वर्द्धन जी व अखिलेश यादव जी के सायकिल को पसन्द करेगी।

(ये लेखक के निजी विचार हैं। चंद्रभूषण सिंह यादव त्रैमासिक पत्रिका ‘यादव शक्ति’ के प्रधान संपादक हैं।)

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