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दिल्ली में घुसने की पूरी तैयारी में किसान, पुलिस की तैयारी भी पड़ी फीकी, पढ़े क्या है किसानों की मांगे

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यह पहली बार नहीं है जब किसान जिसे हम अन्नदाता कहते है उनकी मांगे पूरी न होने पर उन्होंने ऐसे कदम उठाये हो , सरकार से अपनी बाते मनवाने के लिए हरिद्वार से चली किसान क्रांति यात्रा अब दिल्ली में घुसने का पूरा मन बना चुकी, भारतीय किसान यूनियन की किसान क्रांति यात्रा लेकर दिल्ली जा रहे 50 हजार किसानों को रोकने के लिए राजधानी की सभी सीमाएं सील कर दी गई हैं।

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किसानो ने दिल्ली सीमा पर लगाए पुलिस के सभी बेरिकेट्स तोड़ दिए है, पुलिस ने हवाई फायरिंग भी करी, आंसू गैस के गोले, तेज़ पानी की बौछार भी करी पर किसनो की बहुत बड़ी संख्या होने के कारण पुलिस उन्हें रोकने मे असफल सी दिखाई पड़ रही है।

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वही किसानो की रैली दिल्ली व गाजियबाद को जोड़ने वाली NH-24 तक पहुँच चुकी है, किसान दिल्ली में महात्मा गांधी की समाधि राजघाट जाने पर अड़े हुए हैं। किसानों ने एसएसपी वैभव कृष्ण से कहा कि उन्हें दिल्ली जाने दिया जाए। वह कोई उपद्रव नहीं करेंगे। शांति से राजघाट जाएंगे। एसएसपी ने वार्ता का आश्वासन दिया।


https://www.youtube.com/watch?v=SLZ9caPfXg0

Source: ABP News

क्या है किसानो की मांगे:

  • सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर किसान की फसल खरीदने वालों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज हो। स्वामीनाथन समिति की रिपोर्ट को पूरी तरह से लागू किया जाए।
  • राज्य सरकार की तरह केन्द्र सरकार भी किसानों की कर्ज माफी का कदम उठाए।
  • मनरेगा को खेती-बाड़ी से जोड़ा जाए।
  • किसानों को होने वाले भुगतान को डिजिटल पेमेंट से जोड़ा जाए।
  • किसानों के लिए पेंशन, फसल बीमा योजना को प्रभावी बनाया जाए।
  • खेती-बाड़ी जुड़े मंत्रालयों की नोडल एजेंसी बनाई जाए। अभी खेती किसानी से जुड़े काम-काज एक दर्जन से अधिक मंत्रालय से संचालित होते हैं। किसान यूनियन का मानना है कि इसके चलते किसानों से जुड़ी समस्या का निबटारा नहीं हो पाता।
  • किसानों को दो सप्ताह के भीतर गन्ना का बकाया सीधे उनके बैंक खाते में भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
  • किसानों के लिए राज्य में मुफ्त बिजली दी जाए।
  • भूमि अधिग्रहण अधिनियम में किसी तरह का बदलाव न हो।
  • खेती खलिहानी के कामकाज में लगे वाहनों की आयु के लिए कोई समय सीमा न निर्धारित की जाए।

सरकार ने इस पुरे मामले से निबटने के लिए कुछ दिन पहले से ही तैयारी में जुट गई थी, दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा पर धारा 144 लगा दी गई है। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार के कई बड़े नेता इस पुरे मुद्दे पर नज़र बनाये हुए है।

केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, वित्तमंत्री अरुण जेटली, स्टील मंत्री चौधरी बीरेन्द्र सिंह, कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह, गजेन्द्र सिंह शेखावत समेत सरकार के कई विभाग डैमेज कंट्रोल की रणनीति बनाने में जुट गए हैं।

केंद्र सरकार किसी भी हाल में किसानो को दिल्ली में आने से रोकना चाहती है, वह इस मामले को सीमा पर ही सुलझा लिया जाए। जिसके लिए दिल्ली सीमा पर अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती भी कर दी गई है।

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मंगलवार 12 बजे में किसान नेताओं की फिर गृहमंत्री राजनाथ सिंह से बातचीत होनी है। वही किसान नेता युद्धवीर सिंह इस मामले पर पूरी कमान संभल रहे है उसके साथ राकेश टिकैत भी अहम भूमिका में है।

और देखे : दिल्ली में किसानों का बड़ा प्रदर्शन/ FARMERS PROTEST IN DELHI

 

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