fbpx
ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
देश

भाजपा के मंत्री ने शहीद की शहादत का उड़ाया मजाक

Birendra SIngh

हाल ही में केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने भारत के शहीदों पर शर्मनाक बयान  देते हुए कहा है की साल में सिर्फ एकाध जवान मरता है हम इसके लिए मुवावजा बड़ा देंगे। उन्होंने ऐसा कहकर जवानों की शहादत को एक मामूली सी चीज़ बताई है। केन्द्रीय मंत्री के इस बयान पर शहीदों के परिवार वालों ने कड़ी आपत्ति जताई है और उनका कहना है सरकार एक तरफ तो भारत के युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए प्रोत्साहन देती है और दूसरी तरफ उनके ही मंत्री द्वारा शहीदों के खिलाफ इस प्रकार का बेहूदा बयान आता है।

Advertisement

सरकार एक तरफ तो सर्जिकल स्ट्राइक के याद में देश भर में पराक्रम पर्व का आयोजन कर रही है और वहीं  दूसरी तरफ बीजेपी सरकार के नेता और केंद्रीय मंत्री शहीदों पर शर्मनाक बयान देते हैं, इस पर शहीदों की पत्नियों ने और उनके परिजनों ने कड़ी आपत्ति जतायी है।

दरसल ये वाक्या तब का है जब केंद्रीय इस्पात मंत्री हरियाणा के जींद में एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। यह कार्यक्रम शहीदों की वीरांगना पत्निओं को सम्मानित करने के लिए रखा गया था। इस कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने एक बयान देते हुए कहा “वह शहीदों की शहादत पर परिजनों को दी जाने वाली धनराशि में मुख्यमंत्री से कहकर बढ़ोत्तरी कराने का प्रयास करेंगे, क्योंकि साल में प्रदेश का एकाध सैनिक ही मरता है।”

शहीदों के परिवार वालों ने  मंत्री जी के द्वारा दिए गए इस बयान पर भारी  नाराजगी जतायी है।  शहीदों के परिजनों का इस मामले में कहना है की भाजपा सरकार एक तरफ चाहती है की भारत देश के युवा भारतीय सेना में भर्ती होकर देश का और अपना और अपने परिवार वालों का नाम ऊंचा करे और इसके लिए भाजपा सरकार युवाओं को प्रोत्साहन भी देती है परन्तु तभी उनके ही नेताओं द्वारा शहीदों के खिलाफ इस तरह का आपत्तिजनक बयान आता है,जो की बहुत दुखद है।

बीरेंद्र सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शहीदों के परिजनों का कहा की मंत्री अपने बेटों को फ़ौज में भर्ती करवाये और और जब उनके बेटों की शहादत होगी तब इसके बाद उन्हें  शहादत की कीमत पता चलेगी।  कार्यक्रम में मौजूद अन्य लोगों ने कहा की अगर भविष्य में फिर कोई मंत्री शहीद के बारें में इस तरह का बेतुका बयान देता है तो वो शहीदों के लिए आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में शामिल नहीं होंगें।


Latest अपडेट के लिए National Dastak पेज को Like और Follow करे

0
To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved