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मेघालय: भाजपा ने वोटरों दिया बीफ का लालच, कहा- सत्ता में आने पर नहीं होगा ‘बीफ बैन’

शिलांग। जहां एक तरफ केंद्र की मोदी सरकार ने गौमांस पर रोक लगाने के लिए बाजार से गौवध के लिए गाय खरीदने पर रोक लगा दी है। वहीं दूसरी तरफ मेघालय में सरकार बनाने के लिए भाजपा दोहरी नीति पर चल रही है। भारतीय जनता पार्टी ने मेघालय के मतदाताओं से वादा किया है कि अगर पार्टी राज्य में सरकार बनाती है तो बीफ बैन नहीं किया जाएगा।

दरअसल, मेघालय में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। जिसके लिए बीजेपी ने वोटरों को लुभाना शुरू कर दिया है। मेघायल बीजेपी के उपाध्यक्ष जे ए लिंगदोह ने कहा, ‘केन्द्र द्वारा बनाए गये कानून से किसी भी स्तर पर गायों को काटने पर रोक नहीं है।’ उन्होंने कहा कि लिंगदोह के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार को भारत से बाहर जानवरों के स्मगलिंग पर रोक लगाने के लिए दिशा निर्देश बनाने को कहा है।

उन्होंने कहा कि इस बारे में केन्द्र की ओर से जारी अधिसूचना का मकसद जानवरों के खरीद बिक्री बाजार को नियंत्रित करना है। उन्होंने कहा कि गायों के काटने पर प्रतिबंध पूर्णरूप से नहीं है। कानून ऐसा नहीं कहता है यदि ऐसा कहता भी है तो इसे हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट द्वारा अवैध करार दे दिया जाएगा।

आपको बता दें कि मोदी सरकार ने गौमांस पर रोक लगाने के लिए बाजार से गौवध के लिए गाय खरीदने पर रोक लगा दी है। इस नये नियम के दायरे में गाय के अलावे गोवंश के दूसरे पशु भी हैं। लिंगदोह ने इसी साल मई में केन्द्र के इस नियम का विरोध किया था और कहा था कि “हम पशुओं की खरीद-फरोख्त और उनके वध को लेकर जारी किए गए नए आदेश को स्वीकार नहीं कर सकते। हम अपनी खाने-पीने की आदतों के खिलाफ नहीं जा सकते हैं।”

बता दें कि मेघालय की आबादी लगभग 32 लाख है। यहां की जनसंख्या का ज्यादा हिस्सा क्रिश्चियन है। राज्य की दो मुख्य जनजातियां खासी और गारो हैं, जो गोमांस खाती हैं। ये दोनों जनजातियां राज्य की आबादी का तीन चौथाई हिस्सा हैं।

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