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नौकरी से हटाई गईं दलित IAS बोलीं- चुनावी रण में होगी भाजपा से आर-पार की लड़ाई

भोपाल। बर्खास्त की गईं दलित आईएएस अधिकारी शशि कर्णावत ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में दलित आईएएस अफसर ने कहा कि अभी तक वह डिफेंसिव थीं लेकिन अब सरकार के खिलाफ खुलकर मैदान में खेलेंगी। उन्होंने कहा कि एक दलित की बेटी की नौकरी छीन ली गई।

अपने बयान में कर्णावत ने कहा कि अभी तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मेरे सिर पर हाथ रखकर कहते थे कि तुम मेरी बहन हो तुम्हारे साथ अन्याय हुआ है मैं इसकी भरपाई करूंगा। लेकिन इसके बाद उनके कहने पर ही मुझे बर्खास्त कर दिया गया। उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह चौहान ने भाई होकर एक बहन की रोटी छीनी है।

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उन्होंने कहा मेरे खिलाफ भ्रष्टाचार, गबन, रिश्वत का कोई आरोप नहीं है। एक दलित की बेटी होने के कारण मेरे खिलाफ राजनीतिक, प्रशासनिक और विधिक षड़यंत्र करके नौकरी से बर्खास्त किया गया है। शिवराज सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार मेरी हत्या करवा सकती है।

आपको बता दें कि पिछले चार साल ने निलंबित चल रही दलित आईएएस अफसर शशि कर्णावत को मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने बर्खास्त कर दिया गया है। मध्य प्रदेश कैडर की इस अफसर को बर्खास्त करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेजा गया था। प्रस्ताव पर संघ लोक सेवा आयोग ने मुहर लगा दी, जिसके बाद सरकार ने कर्णावत को बर्खास्त कर दिया।

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माना जा रहा है कि पिछले दिनो अमित शाह के मध्य प्रदेश दौरे पर खलल डालने की वजह से मोदी सरकार ने कर्णावत को बर्खास्त किया है। बर्खास्त किए जाने के बाद कर्णावत ने कहा दलित होने की वजह से उनकी नौकरी छीनी गई है। उन्होंने भाजपा सरकार को चुनौती दी कि वह चुनाव के मैदान में इसका बदला चुकाएंगी।

इसके पहले उन्होंने कहा था कि भाजपा बाबासाहेब के नाम पर जीतती है लेकिन दलितों पर सबसे ज्यादा अत्याचार मध्य प्रदेश में होते हैं। उन्होंने खुद को धमकी मिलने की भी बात कही थी। उन्होंने कहा था कि अगर मैं व्यापम की औलाद होती तो कब की मरवा दी जाती। इसके पहले शशी कर्णावत जल समाधि की चेतावनी देकर शिवराज सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर चुकी हैं।

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