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दलित लेखक कांचा इलैया की आवाज दबाने की कोशिश, पुलिस ने घर में किया कैद

हैदराबाद। दलित लेखक एवं सामाजिक कार्यकर्ता कांचा इलैया पर लगातार प्रहार जारी है। कुछ दिन उन पर हमला करने की खबर आई थी अब उन्हें विजयवाड़ा में एक जनसभा को संबोधित करने से रोकने के लिए शनिवार को घर में नजरबंद कर दिया गया। हैदराबाद के तरनाका में उनके घर के बाहर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस की एक टीम ने शुक्रवार को कांचा को नोटिस थमाते हुए कहा था कि विजयवाड़ा में जनसभा के लिए अनुमति नहीं है क्योंकि शहर में निषेधाज्ञा लागू है। कांचा को आर्य वैश्य समुदाय के विभिन्न संगठनों से धमकियां मिल रही हैं। आंध्र प्रदेश की एक टीम ने उन्हें बता दिया है कि यदि वह अपने घर से बाहर निकले तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

https://www.youtube.com/watch?v=KjTYZiuAKaE&t=161s

इस बीच कुछ दलित और पिछड़े वर्ग के संगठन कांचा का साथ निभाने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। उनके घर के बाहर बड़ी संख्या में उनके समर्थक जुट गए हैं। उनके एक समर्थक ने कहा कि वे निश्चित तौर पर विजयवाड़ा जाएंगे। हैदराबाद उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कांचा को विजयवाड़ा में जनसभा करने की अनुमति नहीं देने की एक याचिका पर आंध्र प्रदेश पुलिस को निर्देश देने से मना कर दिया था। अदालत आर्य वैश्य संघ की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

https://www.youtube.com/watch?v=SyINMclsZL8&t=16s

इसके अलावा आर्य वैश्य ब्राह्मण एक्य वेदिका यानी आर्य वैश्य और ब्राहण समुदायों की संयुक्त समिति ने कांचा को चेतावनी दी है कि यदि वह विजयवाड़ा जाकर जनसभा करेंगे तो उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। संयुक्त समिति ने एक बैठक करने की भी योजना बनाई थी लेकिन पुलिस द्वारा शहर में बैठकों और रैलियों पर प्रतिबंध लगाने की वजह से उन्होंने अपनी योजनाएं ठंडे बस्ते में डाल दी। कांचा का आरोप है कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना सरकारें अभिव्यक्ति की आजादी को दबाने का प्रयास कर रही हैं।

https://www.youtube.com/watch?v=aGXJ8eDuwmU&t=12s

कांचा ने तेलुगू में प्रकाशित अपनी किताब ‘समाजिका स्मगल्लेरू कोमाटोलू’ में आर्य वैश्य समु को सामाजिक तस्कर कहा है, जिस वजह से उन्हें इन समूहों से विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

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