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गोरखपुर: 60 बच्चों की मौत पर वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल ने लिखी मार्मिक दास्तान्

लखनऊ। गोरखपुर के BRD अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के लगभग 60 बच्चों ने तड़प तड़प कर मौके पर दम तोड़ दिया। अस्पताल के बाहर यूपी पुलिस का कड़ा पहरा लगाया गया है। सरकार की इस लापरवाही पर लोग कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। बता दें कि इस मामले पर पीएम मोदी सहित किसी भी भाजपा नेता का ट्वीट नहीं आया है। इसे लेकर भी लोगों में रोष का माहौल है।

मुख्य बातें-

  1. योगीराज में ऑक्सीजन की कमी से दर्जनों की मौत
  2. वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल ने उठाए गंभीर सवाल
  3. फेसबुक यूजर यूजर पूनम लाल ने लिखा- मीडिया का निम्नतर स्तर  

इस मामले में वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल ने सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर अपना दर्द प्रकट किया है। दिलीप मंडल ने लिखा है-

“अपनी आंखों के सामने बच्चे का बिना ऑक्सीजन के तड़पकर मर जाना। बच्चे ने क्या कहा होगा? कह भी पाया होगा या नहीं? माता-पिता कैसी लाचारगी महसूस कर रहे होंगे? डॉक्टर कितने लाचार होंगे? वे माता-पिता से क्या कह रहे होंगे? नर्सों का दिल कैसे रो रहा होगा? बच्चों की मुंदती आंखें जब सवाल पूछती होंगी, तो नर्सें उनसे क्या कहती होंगी? उफ! और यह सब इसलिए हो गया कि साठ लाख रुपए यूपी सरकार ने ऑक्सीजन कंपनी को नहीं चुकाए? ऑक्सीजन की कमी से शरीर और खासकर दिमाग पर बेहद बुरा असर पड़ता है।”

पढ़ेंः 30 बच्चों की मौत की खबर को यूपी सरकार ने बताया था भ्रामक, लोगों को PM मोदी के ट्वीट का इंतजार

वहीं एक फेसबुक यूजर पूनम लाल ने लिखा…

“मीडिया का निम्नतर स्तर। गोरखपुर में 30 बच्चों की जान ऑक्सीजन की कमी से चली गई। न जाने कितने मांओं के आंचल सूने हो गए। न जाने कितने परिवार उनके बच्चों की चहचआहट से खामोश हो गए। लेकिन न्यूज चैनल चीन से लड़ाई और मदरसों में राष्ट्रगान गवा रहे हैं और चीनी झालर का बहिष्कार करवाने में व्यस्त है। सरकार अडानी, अम्बानी, ललित मोदी, माल्या का हजारों करोड़ बकाया माफ कर जनता से वसूल कर भरपाई कर रही है। आक्सीजन जैसे जीवन रक्षक सिलेंडर का बकाया बाकी रहने पर सप्लाई बंद कर दी, बिना ये सोचे कि कितने चिराग बुझ जाएंगे। कोई संवेदना बची भी है तुम सब के अंदर? गोदी मीडिया का सबसे शर्मनाक दौर। आज से तुम सबका बहिष्कार निर्लज्जों। योगी योगी, मोदी मोदी, गोदी गोदी।”

गौरतलब है कि ये घटना ऑक्सीजन सप्लाई ठप होने की वजह से हुई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक अस्पताल पर 68 लाख रुपये की बकायेदारी होने के बाद ठेकेदार ने सप्लाई देने से हाथ खड़े कर दिए थे। इस वजह से अस्पताल की ऑक्सीजन सप्लाई बाधित हो गई। सभी बच्चे महराजगंज, सिद्धार्थ नगर और कुशीनगर के बच्चे हैं। चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने इसकी मजिस्ट्रेट जांच कराने को कहा है। उन्होंने माना कि ऑक्सीजन के पेमेंट को लेकर विवाद था, लेकिन ये मौत इससे पहले और बाद की हैं।

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