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भाजपा राज में जातिवादी हमले होते रहे तो बौद्ध धर्म अपना लूंगी- मायावती

mayawati threat to change Religion

आजमगढ़। 2014 के लोकसभा चुनावों के बाद यूपी में मिली भारी हार के बाद बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आजमगढ़ में कड़े तेवर दिखाए। भाजपा राज में दलित, अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्ग के लोगों पर बढ़ रहे जातीय हमलों पर भाजपा को घेरते हुए मायावती ने हिंदू धर्म छोड़ने की धमकी दी है।

मायावती ने केन्द्र और उत्तर प्रदेश की सरकारों को दलित और अल्पसंख्यक विरोधी करार देते हुये आज कहा कि देश की जातिवादी सोच में बदलाव नहीं आया तो वह डॉ0 भीमराव अंबेडकर की तरह बौद्ध धर्म अपना लेंगी।

https://youtu.be/wyNbzqOK11o

यहां कार्यकर्ता सम्मेलन में मायावती ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ होने के बाद दलित,पिछडे और अल्पसंख्यक वर्ग का जबरदस्त शोषण और उत्पीडऩ हो रहा है। भाजपा पिछड़ों, अल्पसंख्यकों की दुश्मन है। भाजपा ने इन जातियों को गुमराह किया। उन्होंने कहा कि देश में धर्म के ठेकेदारों ने समाज में ऊंच नीच, भेदभाव व जातिवादी संक्रीर्ण मानसिकता में बदलाव नहीं लाया तो बाबा साहब डॉ0 भीम राम अंबेडकर की तरह वह भी हिन्दू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म धारण कर लेंगी।
योगी को मंदिरों में पूजा-पाठ से ही फुर्सत नहीं।

https://youtu.be/ZooZeyAZzhM

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि योगी को मंदिरों में पूजा-पाठ से फुर्सत नहीं है। वह प्रदेश का विकास क्या करेंगे। पूर्वांचल से ताल्लुक रखने के बावजूद उनका इस क्षेत्र के विकास पर कोई जोर नहीं है।

करीब डेढ़ घंटे के संबोधन में मायावती ने केवल पिछड़े, दलितों, अल्पसंख्यकों और आदिवासियों की बात की और कहा कि केवल बसपा में ही इन वर्गो का सम्मान है। उन्होंने मण्डल कमीशन की चर्चा करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह की तत्कालीन सरकार में मण्डल कमीशन लागू कराने मे और बाबा साहब भीम राव अंबेडकर को भारत रत्न दिलाने का योगदान बसपा का है।

उन्होंने पिछड़े समाज को याद दिलाते हुए कहा कि भाजपा तो पिछड़ों की जबरदस्त विरोधी रही है। मण्डल कमीशन लागू होने के बाद पूरे देश में इसका पुरजोर विरोध और प्रदर्शन ही भाजपा ने नहीं किया बल्कि वीपी सिंह की सरकार से समर्थन वापस लेकर सरकार ही गिरा दिया। पिछड़े वर्ग के लोगों को भाजपा से सावधान रहने की जरूरत है। भाजपा की इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन वर्ष के बाद पिछड़ा वर्ग आयोग बनाने की याद इसलिए आई कि उन्हें होने वाले शहरी निकाय और लोकसभा 2019 के चुनाव में पिछड़ो के बल पर ही चुनाव लडऩा है।

मायावती ने कहा, ‘मण्डल कमीशन बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की है। उन्हीं की प्रेरणा से मैंने भी समाज के इन वर्गो पर विशेष ध्यान दिया। डॉ0 अंबेडकर ने नेहरू एंड कंपनी की सरकार में अनुच्छेद 340 के तहत जब पिछड़ा वर्गो को आरक्षण नहीं दिया तो डॉ0 अंबेडकर ने कानून मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। 1951 से लेकर आज तक आरक्षण का कोटा सही तरीके से लागू नहीं किया गया। इसके पीछे भाजपा और कांग्रेस की अन्दरूनी साजिश आज भी है।’

डॉ0 अंबेडकर से प्रभावित होकर मैंने दिया इस्तीफा
उन्होंने कहा, ‘जिस तरह डॉ0 भीम राव अंबेडकर ने अनुच्छेद 340 लागू न होने पर कानून मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया उसी तरह मैंने भी डॉ0 अंबेडकर की प्रेरणा से प्रभावित होकर उत्तर प्रदेश में सहारनपुर जिले में सबीरपुर गांव में दलितों के साथ अत्याचार की बात सदन में न रखने देने पर राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया। भाजपा ने सहारनपुर की घटना के दौरान पूरी मेरी हत्या की साजिश रची थी।’

बसपा के इस कार्यकर्ता सम्मेलन में भारी भीड़ जुटी। सम्मेलन में खास बात रही कि आम चुनावों की रैली की तरह ही भीड़ नजर आई और इनमें महिलाओं की भारी तादात रही। मायावती ने मेरठ से कार्यकर्ता सम्मेलन की शुरूआत की थी।

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