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नोटबंदी से जमा हुए नोटों के बारे में नहीं बताएगी मोदी सरकार, लोकसभा में दी जानकारी

नई दिल्ली। मोदी सरकार ने 8 नवंबर 2016 की रात अचानक से नोटबंदी की घोषणा कर दी थी। जिसके बाद देश में आर्थिक भूचाल आ गया था। नोटबंदी की वजह से सैकड़ों लोगों की जान चली गई थी, लेकिन नोटबंदी से कितना कालाधन और भ्रष्टाचार आया यह किसी को नहीं मालूम। इसके अलावा नोटबंदी के बाद लोगों की गाढ़ी कमाई को ले तो लिया गया लेकिन न तो इसका कोई आंकड़ा बताया गया न ही इसकी गणना की जानकारी दी जा रही है।

खास बातें-

  1. नोटबंदी के आंकड़े जारी नहीं करना चाहती मोदी सरकार
  2. गिनती कब तक होगी किसी को नहीं मालूम
  3. मोदी सरकार ने लोकसभा में दी ये जानकारी

वित्त मंत्रालय ने आज लोकसभा को जानकारी दी है कि नोटबंदी में जमा किए गए नोटों की गिनती कब तक होगी, यह किसी को नहीं मालूम। इसकी गिनती की भी कोई समय सीमा नहीं है।

पढ़ें- मोदी सरकार ने लोकसभा में कबूला, तीन साल में 300 फीसदी बढ़ा सरकारी बैंकों का कर्जा

http://www.youtube.com/watch?v=1H5-F-I7ak0

दरअसल लोकसभा सांसद थोकचोम मेन्या और कौशलेंद्र कुमार ने 11 अगस्त की कार्रवाई में पूछा था कि क्या वित्त मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि-

(क) क्या सरकार ने ध्यान दिया है कि अभी तक विमुद्रीकरण नोटों की गणना पूर्ण नहीं की गई है और यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है?
(ख) क्या सरकार द्वारा जमा किए गए पुराने नोटों संबंधी पूर्व में जारी आंकड़े त्रुटिपूर्ण/अधूरे हैं और यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है तथा इसके क्या कारण है?
(ग) क्या सरकार इस प्रयोजन हेतु नोट गिनने वाली नई मशीनें खरीदने की प्रक्रिया में है?
(घ) यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है?
(ड.) कुल जमा की गई पुरानी मुद्रा का सत्यापन कब तक किए जाने की संभावना है?

http://www.youtube.com/watch?v=qsz5i7Ytz4c

इसके जवाब में वित्त राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि-

प्राप्त किए गए विनिर्दिष्ट बैंक नोटों (एसबीएन) की रिपोर्टिंग त्रुटियों का निराकरण करने के लिए मिलान किया जाना है तथा अंकीय सटीकता और प्रमाणिकता के लिए उन पर मशीनों के जरिए कार्रवाई की जानी है। मशीन प्रक्रिया क्षमता का विस्तार करने के लिए कदम उठाए गए हैं।

दो निविदाएं जारी की गई है: एक निविदा विनिर्दिष्ट बैंक नोटों के सत्यापन और प्रमाणिकता को गति को बढ़ाने के लिए करेंसी वेरिफिकेशन एंड प्रोसेंसिग सिस्टम (सीवीपीएस) को पट्टे पर लेने के लिए है। दूसरी निविदा 50 नई सीवीपीएस की खरीद के लिए जारी की गई है जिनकी सुपुर्दगी होने पर प्रक्रिया में सहायता मिलने की संभावना है। फिलहाल विनिर्दिष्ट बैंक नोटों की गिनती का कार्य प्रगति पर है।

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