ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
देश

राजनीति के पलटूराम हैं नीतीश कुमार, हमारे बेटों की बलि चढ़ाना चाहते थे- लालू यादव

पटना। बिहार में नई सरकार के गठन के बाद नीतीश कुमार ने कल (31 जुलाई) को मीडिया के सामने आकर महगठबंधन से नाता तोड़ने और बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाने की सफाई दी। इसी मुद्दे पर आज राजद सुप्रीमो लालू यादव ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर नीतीश कुमार पर हमला बोला। लालू प्रसाद यादव ने कहा कि नीतीश राजनीति के पलटूराम हैं। लालू ने कहा कि वो नीतीश से काफी सीनियर हैं। नीतीश का आदर्शवाद काफी झूठा है। वो पहले मेरे से चंदन लगवाते थे, आज किनारे कर दिया।

खास बातें-

  1. लालू यादव ने प्रेस कांफ्रेंस कर नीतीश कुमार को दिया जवाब
  2. राजनीति के पलटूराम हैं नीतीश कुमार
  3. हमारे बेटों की बलि चढ़ाना चाहते थे नीतीश कुमार
  4. अगर आप जननेता हैं तो कुर्मी सम्मेलन क्यों करवाया

प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए लालू यादव ने कहा कि वो नीतीश को काफी अच्छे से और शुरुआत से जानते हैं। नीतीश को मैंने आगे बढ़ाया था। जयप्रकाश के समय में नीतीश को छात्र जीवन से ही नीतीश को राजनीति में आगे बढ़ाया। यूनिवर्सिटी में डायरेक्ट चुनाव के लिए लड़ाई लड़ी और चुनाव में हमें वोट दिलवाया। लालू ने नीतीश कुमार सत्ता के लालची है। वो एनडीए के साथ मिलकर के जय श्री राम करते रहे। मुझे नीतीश पर कभी भरोसा नहीं रहा। वो तेजस्वी की लोकप्रियता से काफी डर गए थे।

पढ़ें- नीतीश कुमार के नाम दिलीप मंडल की खुली चिट्ठी

लालू यादव ने कहा कि छात्र जीवन में नीतीश को कमेटी में नॉमिनी बनाया था। जेपी आंदोलन के वक्त नीतीश को कोई नहीं जानता था, तब मैंने ही उनको आगे बढ़ाया। सुशील मोदी भी हाफ पैंट पहनकर के मेरे सामने घूमता था। लालू ने कहा कि नीतीश ने हमारा 2014 के चुनाव से इस्तेमाल किया। मुलायम के कहने पर इनको महागठबंधन का नेता बनाया था, लेकिन इन्होंने उनका भी मान नहीं रखा।

http://www.youtube.com/watch?v=8u7lDh2DnLU

तेजस्वी पर पूछे गए सवाल पर नीतीश की चुप्पी काफी कुछ कहती है। नीतीश मेरे बच्चों को परेशान कर रहे हैं और वो उनकी बलि चढ़ाना चाहते हैं। तेजस्वी के सवाल पर विधानसभा में गर्दन झुकाकर नीतीश कुमार बैठे रहे।

पढ़ें- ‘लालू यादव’ बनना कोई हंसी-ठठ्ठा नहीं है..

इसके पहले आरजेडी सुप्रीमो ने सोमवार को एक के बाद एक कई ट्वीट करके नीतीश पर वार किए। लालू ने प्रधानमंत्री मोदी की स्टाइल में पूछा – मित्रों, क्या हत्या जैसे संगीन जुर्म में आरोपित मुख्यमंत्री को कुर्सी पर बैठने का नैतिक अधिकार है जहाँ केस ही CM Versus State of Bihar हो?

पढ़ें- वंचितों के लिए शिव की तरह जहर पिया है लालू ने …

http://www.youtube.com/watch?v=OKDCH3mQRKc

एक और ट्वीट में लालू ने कहा कि एक व्यक्ति की नृशंस हत्या करने व 302 के तहत हत्या के संगीन जुर्म में आरोपित नीतीश को CM बनते वक़्त अंतरात्मा ने पुकारा था या कुर्सीआत्मा ने?

(संपादन- भवेंद्र प्रकाश)

Latest अपडेट के लिए National Dastak पेज को Like और Follow करे

To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved