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‘मोदी सरकार ने किया सदी का सबसे बड़ा घोटाला, RBI ने छापे दो तरह के नोट’

notebandi was a big scam of modi govt says kapil sibbal

नई दिल्‍ली। नोटबंदी के बाद क्या हासिल हुआ, कितना कालाधन बैंकों में जमा हुआ और कुल कितने नोट जमा हुए इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आ पाई है। ऐसे में राज्यसभा में नोटबंदी को मोदी सरकार का सबसे बड़ा घोटाला बताते हुए हंगामा हुआ। कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्‍बल ने राज्‍यसभा में 500 के नोटों की फोटोकॉपी दिखाकर मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

मुख्य बातें-

  1. नोटबंदी से क्या हासिल हुआ यह नहीं बता पाई है मोदी सरकार
  2. नोटबंदी के बाद महीनों तक लाइनों में दिन रात खड़े रहे थे लोग
  3. नोटबंदी के कारण गई थी 100 लोगों की जान 
  4. विपक्ष ने नोटबंदी को करार दिया है मोदी सरकार का सबसे बड़ा घोटाला

कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्‍बल ने राज्‍यसभा में 500 के नोटों की फोटोकॉपी दिखाते हुए कहा, ‘उन्हें पता चल गया है कि सरकार ने नोटबंदी क्यों की। सिब्बल ने कहा’ ‘रिजर्व बैंक दो तरह के नोट छाप रहा है, अलग-अलग साइज के, अलग-अलग डिजाइन के, अलग-अलग फीचर्स के। उन्होंने कहा, ‘आज हमें पता चला है कि ऐसा क्यों हो रहा है? जो नोट बीजेपी कार्यकर्ता के पास इलेक्शन के दौरान आए, वो यही नोट हैं।’

सिब्बल की ओर से यह आरोप लगाते ही सदन में मौजूद कांग्रेस पार्टी के तमाम संसद शेम-शेम करते हुए चिल्लाने लगे। विपक्ष की ओर से नेता सदन गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह इस सदी का सबसे बड़ा घोटाला है। दो हजार और पांच सौ के नोट दो किस्म के छापे गए हैं। एक पार्टी के लिए और दूसरा सरकार के लिए। आजाद ने कहा, ‘इतनी भ्रष्ट सरकार को पांच मिनट भी सत्ता में रहने का हक नहीं है।’

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सिब्बल के अलावा राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद और जेडीयू नेता शरद यादव ने भी इस मुद्दे को सदन में उठाया। इसके जवाब में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस बेबुनियाद बयान दे रही है। जेटली ने कहा कि आप इस तरह राज्यसभा में कागज नहीं लहरा सकते हैं, देश की करेंसी के बारे में इस तरह बयान नहीं दे सकते हैं।

कपिल सिब्बल ने इस मुद्दे पर प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने कहा कि देश को इसका सच पता लगना चाहिए, अगर आरबीआई ये जानता है कि देश में एक ही नंबर के दो नोट हैं तो उन्होंने इसका जिक्र अपनी वेबसाइट पर क्यों नहीं किया है। वित्त मंत्रालय को सिर्फ एक ही तरह के नोटों की व्यवस्था करनी चाहिए। अगर आरबीआई कहता है कि हम इन्हें वापस लेंगे, तो क्या देश को एक बार फिर लाइनों में खड़ा होना पड़ेगा।

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सिब्बल की ओर से यह आरोप लगाते ही सदन में मौजूद कांग्रेस पार्टी के तमाम संसद शेम-शेम करते हुए चिल्लाने लगे। विपक्ष की ओर से नेता सदन गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह इस सदी का सबसे बड़ा घोटाला है। दो किस्म के हजार के नोट और दो किस्म के पांच सौ के नोट छापे गए हैं। एक पार्टी चलाए और एक सरकार चलाए। आजाद ने कहा, ‘इतनी भ्रष्ट सरकार को पांच मिनट भी सत्ता में रहने का हक नहीं है।’

https://www.youtube.com/watch?v=sp3FXO_kiCc

इस पर जेडी(यू) सांसद शरद यादव ने कांग्रेसी नेताओं का समर्थन करते कहा कि यह कोई छोटी बात नहीं है। सरकार को जवाब देना होगा। इस पर उपसभापति ने कहा कि वह इस मामले के एक्सपर्ट नहीं हैं। इसलिए सांसदों को अलग से नोटिस देना होगा, तभी इस मुद्दे पर कोई चर्चा हो सकती है।

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