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भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद (रावण) की रिहाई के लिए CJP का ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दलितों के घर जलाए जाने के मामले में जांच के लिए प्रदर्शन करने के बाद चर्चाओं में आए भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण की रिहाई के लिए ”सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस” संस्था ने ऑनलाइन हस्ताक्षर कैंपेन शुरू किया है.

मानवाधिकार की रक्षा के लिए लोगों के साथ खड़ी होने वाली इस संस्था ने पिटीशन में बताया है कि कैसे चंद्रशेखर को योगी सरकार गलत तरीके से जेल में ही रखने की कोशिश कर रही है. अगर आपको भी लगता है कि चंद्रशेखर आजाद (रावण) के साथ गलत हो रहा है तो इस पिटीशन पर साइन कर अपनी सहमति जताकर चंद्रशेखर को न्याय की लड़ाई में सीजेपी की मुहिम को समर्थन दे सकते हैं. इस पिटीशन पर बीजी कोलसे पाटिल (रिटायर्ड जज बॉम्बे हाई कोर्ट), जस्टिस पीबी सावंत (रिटायर्ड जज सुप्रीम कोर्ट और भीम आर्मी के कन्वेनर प्रदीप नरवाल ने भी समर्थन देते हुए सिग्नेचर किया है. इस पिटीशन के बारे में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को भी पत्र लिखा गया है.

पिटीशन पर हस्ताक्षर के लिए यहां क्लिक करें

बता दें कि यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 23 जनवरी को एक आश्चर्यजनक आर्डर पास कर भीम सेना के नेता चंद्रशेखर आज़ाद पर लगे राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की मुद्दत बढ़ा दी है. इस तरह वह अब उन्हें मई 2018 तक जेल में रखेगी. यूपी सरकार ने यह कदम तब उठाया है जब कि चंद्रशेखर को एक-दो नहीं 27 अलग अलग केस में ज़मानत मिल चुकी है. योगी सरकार ने 1 नवंबर को चंद्रशेखर पर “रासुका” पहली बार उस समय लगाई थी जब इलाहाबाद उच्च न्यायालय से उन्हें जमानत मिल गयी थी.

चंद्रशेखर आजाद पर रासुका लगाए जाने की तीखी आलोचना हो रही है लेकिन इससे बेपरवाह योगी सरकार इस युवा दलित नेता को जेल से बाहर ना आने देने की तमाम तिकड़में लगा रही है. चंद्रशेखर आजाद को पिछले 9 महीनों से जेल में बंद रखा गया है. गरीब दलित परिवार के बच्चों की पढ़ाई के लिए जागरुक करने वाले संगठन भीम आर्मी ने 350 स्कूल खोले थे जिसमें गरीब दलित परिवार के बच्चों को पढ़ाया जाता था, चंद्रशेखर के जेल जाने के बाद से ये भी बंद पड़े हैं.

योगी सरकार के नए पैंतरे से दलितों को संगठित करने के जुर्म मैं भीम सेना के जुझारू नेता चंद्रशेखर को अब चार महीना और जेल में काटना होगा. दरअसल चंद्रशेखर ने गिरफ्तारी से पहले दिल्ली के जंतर मंतर पर लाखों लोगों को इकट्ठा कर केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकारों को डराने वाला काम कर दिया था. दोनों ही सरकारें मिलकर चंद्रशेखर के जनसमर्थन को रोकने में नाकामयाब हुई थीं. सीजेपी की ऑनलाइन पिटीशन पर साइन कर आप चंद्रशेखर आजाद की रिहाई के रास्ते को सुलभ करने में सहयोग कर सकते हैं.

साभार- सबरंग

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