ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
देश

बहुत हुई महंगाई की मार, पेट्रोल पहुंचा 80 पार

dharmendra pradhan react at petroleum price

नई दिल्ली। 2014 चुनावों से पहले बीजेपी का नारा था, ‘बहुत हुई महंगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार’ सरकार बने तीन साल बीत चुके हैं लेकिन जो महंगाई कांग्रेस राज में भाजपा के लिए डायन थी वह अब देवी बन गई है। लगातार महंगाई बढ़ती ही जा रही है लेकिन विपक्ष भी सरकार के खिलाफ मुंह खोलने को तैयार नहीं है। कच्चे तेल की कीमत मनमोहन सरकार की तुलना में आधी हो गई हैं लेकिन मोदी सरकार में लगातार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ते ही जा रहे हैं।

हाल के दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमत साल 2014 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तीन साल पहले के मुकाबले आधी रह गई हैं, बावजूद इसके देश में पेट्रोल, डीजल की कीमत लगातार बढ़ती जा रही है।

पढ़ें- क्या मुंबई के लोग 100 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल भी खुशी-खुशी खरीद सकते हैं?

मुंबई में तो पेट्रोल के दाम बुधवार को करीब 80 रुपये प्रति लीटर पहुंच गए। मोदी सरकार के आने के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 53 फीसदी तक कम हो गए हैं, लेकिन पेट्रोल डीजल के दाम घटने की बजाय बेतहाशा बढ़ गए हैं। इसके पीछे असली वजह यह है कि तीन सालों के दौरान सरकार ने पेट्रोल, डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कई गुना बढ़ा दी है।

दिल्ली में आज पेट्रोल की कीमत 70 रुपये 38 पैसे है। एक लीटर पेट्रोल की रिफाइनरी से खरीदने की कीमत 26.65 रुपये होती है। इस पर 4.5 रुपये मार्केटिंग मार्जिन और खर्च आता है। इसके साथ ही इस पर 21.48 रुपये सेंट्रल टैक्स लगता है। डीलर का कमीशन, वैट और सेस लगने के बाद ये कीमतें 70 से 80 रुपये प्रतिलीटर तक पहुंच जाती हैं। मोटे अनुमान के अनुसार पेट्रोल पर ड्यूटी 10 रुपये लीटर से बढ़कर करीब 22 रुपये हो गई है।

Latest अपडेट के लिए National Dastak पेज को Like और Follow करे

To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved