ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
देश

दलित छात्रा की मौत के बाद सड़कों पर प्रदर्शन, मोदी सरकार के फैसले के खिलाफ लड़ते हुए की खुदकुशी

protest

चेन्नई। मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए होने वाले NEET एग्जाम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने वाली दलित छात्रा अनीता ने शुक्रवार को आत्महत्या कर ली। इसके बाद चैन्नई की सड़कों पर गुस्साए छात्रों ने प्रदर्शन शुरु कर दिया है।  भारी संख्या में स्टूडेंट्स की भीड़ NEET को वापस लिए जाने की मांग कर रही है। अनीता ने NEET की वजह से मेडिकल कॉलेज में एडमिशन न मिल पाने की वजह से शुक्रवार को आत्महत्या की।

मौत के विरोध में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के सदस्यों ने चेन्नै की सड़कों पर हंगामा किया। छात्र सड़कों पर लेटकर प्रदर्शन करते दिखे। दूसरी तरफ नाम तमिलर कात्ची के सदस्यों ने अनीता को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद NEET को खत्म करने की मांग की।

अनीता के पिता ने कहा, ‘उसने बेहद मुश्किल परिस्थितियों में पढ़ाई की थी। वह NEET को लेकर काफी परेशान थी। उसने क्या गलत किया था? इसकी जवाबदेही किसकी है?’

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डीएमके नेता सर्वानन ने इस पूरे मामले के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होने कहा कि NEET को बीजेपी ने लागू करवाया है। इसके लिए बीजेपी ही जिम्मेदार है। डीएमके नेता ने कहा कि बीजेपी ने हमारा गला काटा और राज्य सरकार भी इस हमले से किसी को बचा पाने में असफल रही।

Latest अपडेट के लिए National Dastak पेज को Like और Follow करे

To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved