ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
देश

गोरखपुरः डॉक्टर ने मृत बच्चे के परिजन से कहा- मंत्री जी के सामने बच्चे को ऐसे दिखाओ कि जिंदा है

गोरखपुर। कहते हैं डॉक्टर भगवान का रूप होता है और उनका कर्तव्य ही होता है जिंदगी बचाना लेकिन गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में जो हुआ वो डॉक्टरों के हैवानी रूप को उजागर करता है। गांव कनेक्शन की ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, अस्पताल में लगातार नन्हें बच्चे दम तोड़ते रहे, हैवानरूपी डॉक्टर अपने जुर्म पर पर्दा डालते रहे।

मुख्य बातें-

  1. गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल से सामने आया डॉक्टरों का हैवानी रूप
  2. डॉक्टर ने कहा- मंत्री जी का दौरा है, बच्चे को ऐसे दिखाओ कि जिंदा है
  3. बच्चा मर गया था फिर भी  डेथ सर्टिफिकेट नहीं दे रहे थें डॉक्टर

सिद्धार्थनगर के रहने वाले राम सकल ने पत्रकारों को जो व्यथा सुनाई वो जानकर आप भी रो पड़ेंगे। “मेरे पोते की मौत हो गई थी, लेकिन अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि आज मंत्री का दौरा है और बाहर मीडिया कर्मी हैं इसलिए बच्चे को कंबल से ढककर रखो जिससे लगे बच्चा जिंदा है।” इतना बताकर राम सकल फफक-फफक कर रोने लगे।

पढ़ेंः ‘योगी आदित्यनाथ रोते भी हैं, लेकिन सिर्फ अपने लिए’

8 अगस्त की सुबह गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में रामसकल तेज बुखार से तप रहे अपने पोते को लेकर पहुंचे थे। 10 तारीख की रात जब गैस खत्म हो गई तो पूरे इंसेफ्लाइटिस वार्ड में लोग घबरा गए बाद में चिकित्सकों ने बताया कि ऑक्सीजन आ रही है। इन दौरान बच्चों का इलाज होता रहा। और मेरे बच्चे की हालत बिगड़ गई। शनिवार सुबह उसके बच्चे को जब झटके आने लगे और दोपहर तक बच्चे की मौत हो गई।

पढ़ेंः गोरखपुर में मासूमों की मौत का जिम्मेदार कौन?

रामसकल का आरोप है जब वो बच्चे (शव) को घर ले जाने के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र मांगने गया तो डॉक्टर उसे टरकाने लगे और बोले अभी मंत्री का दौरा है और मीडिया कर्मी हैं। इसलिए बच्चे को ढंककर रखो।

रामसकल की आपबीती दर्दनाक दास्तां ने डॉक्टरों की लापरवाही और संवेदनहीनता की पोल खोलकर रख दी। यह संवेदनहीनता तब और ज्यादा निर्मम हो जाती है जबकि इस हादसे से दो दिन पहले ही सीएम ने इसी अस्पताल का मुआयना किया था।

 

Latest अपडेट के लिए National Dastak पेज को Like और Follow करे

To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved