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योगी सरकार में हुआ घोटाला, 20 किलोमीटर से भी कम की दूरी से गमलों को लाने में लगे 32 लाख रुपए

Modi And Yogi
(Image Credits: Livemint)

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद मोदी और उत्तर प्रदेश के मख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट में 32 लाख रुपए का घोटाला सामने आया है। दरअसल यूपी में इनवेस्‍टर्स समिट में अधिकारियों द्वारा 32 लाख का घोटाला किया गया है। यूपी में इनवेस्‍टर्स समिट में करी गई सजावट के आयोजन में किये गए खर्चे को लेकर नए नए घोटाले सामने आ रहे हैं।

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यह घोटाले की बात तब सामने आई। जब उतर प्रदेश के लखनऊ में स्थित आलमबाग से लखनऊ तक गमलों को पहुंचाने में 32 लाख रुपए खर्च कर दिए गए। इससे भी चौकानें वाली बात यह है की ऑडिट होने पर भी इस खर्च पर आपत्ति नहीं जताई गई।

इस पूरे मामलें में विशेष बात यह है कि, जब सरकार को आयोजन में हुए खर्चे पर संदेह हुआ तो, सरकार ने इसके भुगतान पर रोक लगा दिया। सरकार द्वार यह आदेश 8 मार्च को जारी किया गया। लेकिन विभाग के रिकॉर्ड में पाया गया है कि, सरकार द्वारा इसके भुगतान पर रोक लगाने के बावजूद भी 31 मार्च तक 83 लाख का भुगतान किया जा चूका है।

एक समाचार पत्र के द्वारा प्राप्त किये गए खबर से या पता चला है कि। आयोजन में इस्तेमाल हुए गमले और फूल लखनऊ के आलमबाग से ही ख़रीदे गए है। एक रिपोर्ट में प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी सामानों को उद्यान प्रभारी संजय राठी और वहां के उद्यान अधीक्षक धर्मपाल यादव द्वारा खरीदा गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार आयोजन में साज सजावट के लिए इस्तेमाल होने वाले फूलों को कहाँ से खरीदना है। और सजावट का सामान किन लोगों को सौंपा जाना है, सामान ढुलाई का काम किनकों सौंपना हैं। इन सारे कामों को बिना किसी नियम कानून के उद्यान प्रभारी संजय राठी और अधीक्षक धर्मपाल यादव द्वारा तय कर दिया गया। बता दें की उद्यान अधीक्षक धर्मपाल की तरक्की होने के कारण उसे सहारनपुर में उप निदेशक के पद दे दी गई है। जबकि उद्यान प्रभारी संजय राठी अभी भी 25 सालों से लखनऊ में ही तैनात है।


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