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छात्रसंघ चुनाव रद्द कराए जाने का विरोध कर रहे छात्रों को अपराधियों की तरह पीटा

gorakhpur

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गढ़ कहे जाने वाले गोरखपुर की डीडीयू यूनिवर्सिटी (दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय) में छात्रसंघ चुनाव से ठीक पहले प्रॉक्टर बदला गया और फिर छात्रसंघ चुनाव रद्द करने फैसला किया गया है। छात्रों का कहना है कि यह एक सुनियोजित घटनाक्रम हैं, आखिर उप-मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने ऐसा क्यों किया जबकि सुबह चुनाव की सारी तिथियां घोषित कर दी गयी थीं।

छात्रों ने पूछा कि क्या सीएम, पीएम अब विश्वविद्यालयों में चुनाव की तिथि घोषित करेंगे। इसके खिलाफ छात्र धरने पर बैठे। दरअसल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के आज गोरखपुर विश्वविद्यालय में मौजूद थे जिस कारण छात्र संघ चुनाव की घोषणा तय मानी जा रही थी।

कैंपस से उप-मुख्यमंत्री के जाने के बाद छात्र चुनाव रद्द कराए जाने को लेकर जब छात्रों ने प्रदर्शन किया तो पुलिस ने उनपर जमकर लाठियां बरसाकर बुरी तरह पीटा। छात्रों के साथ अपराधियों की तरह व्यवहार किया गया। इस दौरान कई छात्रों का सिर फटा। कुछ के पैर और हाथ भी टूटे हैं। सबसे बड़ी बात छात्र संघ रद्द कराए जाने के बाद जिन छात्रों ने प्रदर्शन किया उनमें बीजेपी की स्टुडेंट विंग एबीवीपी का कोई भी कार्यकर्ता सरीक नहीं हुआ।

छात्रों ने नेशनल दस्तक को बताया कि इसके बाद फिर जब छात्रवास से आंदोलन शुरू हुआ तो पुलिस ने कई छात्रावास के गेट तोड़कर और कमरे में घुसकर छात्रों को पीटा। पुलिस ने खुद छात्रवास में लगे सीसीटीवी कैमरे का मॉनीटर तोड़ा और हार्डडिस्क ले लिया। यही नहीं पुलिस ने एक कर्मचारी के आरोप के आधार पर लगभग 3 दर्जन छात्रो पर नए प्रॉक्टर गंम्भीर आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिए हैं।

डीडीयू परिसर व हॉस्टल में छात्रों में दहशत का माहौल व्याप्त है। छात्रों ने आरोप लगाया कि एबीवीपी और छात्रसंघ के कुछ पूर्व नेताओं के इशारे पर उनको चुन-चुनकर निशाना बनाया गया है। ये नेता कुछ चहेतों और जातीय आधार पर नाम निकलवाने में लग गए है।

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