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एक ऐसा ‘मोबाइल गेम’ जो ले रहा बच्चों की जान, भारत में दी दस्तक

मुंबई। मुंबई के अंधेरी में एक 14 साल के बच्चे ने अपनी सोसायटी से कूदकर आत्महत्या कर ली। लेकिन आत्महत्या के कारणों के बारे में जानकर लोगों की रूह कांप गई। बताया जा रहा है कि बच्चे की आत्महत्या के पीछे एक मोबाइल गेम है। इस मोबाइल गेम का नाम ‘ब्लू व्हेल गेम’ है। सबसे ज्यादा चौकाने वाली बात है कि इस गेम की वजह से दुनिया में करीब 250 बच्चों ने अपनी जान दे दी।


खास बातें-

  1. भारत में जान लेने वाले ऑनलाइन गेम ‘ब्लू व्हेल गेम’ ने दी दस्तक
  2. मुंबई में 14 साल के बच्चे ने गेम में फंसकर की आत्महत्या
  3. खेलने वाले प्लेयर को मानसिक तौर पर कब्जे में कर लिया जाता है
  4. गेम की वजह से दुनिया में करीब 250 बच्चों ने अपनी जान दे दी

इनमें अकेले रूस में 130 से ज्यादा मौतें हुई हैं। इसके अलावा पाकिस्तान और अमेरिका समेत 19 देशों में इस गेम की वजह से खुदकुशी के कई मामले सामने आए हैं। पता ये भी चला है कि 9वीं कक्षा में पढ़ने वाले उस बच्चे ने आत्महत्या करने से पहले अपने दोस्तों के भी इस बारे में इंगित किया था। बच्चे ने सोशल साइट पर इस बारे में लिखा था। उसने लिखा था, ‘एक अंकल मुझे हटने के लिए बोल रहे हैं। जैसे ही वे हटेंगे, मैं कूद जाऊंगा।’


(मुंबई के इस बच्चे ने की आत्महत्या)


आइए आपको बताते हैं क्या है ‘ब्लू व्हेल गेम’
‘द ब्लू व्हेल गेम’ इंटरनेट पर खेला जाने वाला गेम है। इस गेम को खेलने वाले शख्स के सामने 50 तरह के चैलेंज रखे जाते हैं। ये सभी चैलेंज 50 दिन के अंदर पूरे करने होते हैं। हर चैलेंज को पूरा करने पर हाथ पर एक कट करने के लिए कहा जाता है। चैलेंज पूरे होते-होते आखिर तक हाथ पर व्हेल की आकृति उभरती है।

https://youtu.be/D59Z5H6HnC0

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इस गेम में इतने खतरनाक चैलेंज हैं कि आपको सुनकर डर लगने लगेगा। गेम के चैलेंज में हॉरर वीडियो या फिल्म देखने के लिए चैलेंज है। हाथ की 3 नसों को काटकर उसकी फोटो क्यूरेटर को भेजना भी एक चैलेंज है। इस गेम में ऊंची से ऊंची छत पर जाने को कहा जाता है। चैलेंज के तहत हाथ पर ब्लेड से एफ-57 उकेरकर फोटो भेजने को कहा जाता है। व्हेल बनने के लिए तैयार होने पर अपने पैर में ‘यस’ उकेरना होता है। तैयार होने पर खुद को चाकू से कई बार काटकर सजा देना भी चैलेंज का हिस्सा है। इसमें अंतिम चैलेंज के रूप में आत्महत्या को रखा गया है। सभी चैलेंज पूरे करने वाले को आखिर में खुदकुशी करनी पड़ती है।

http://www.youtube.com/watch?v=OGimnOWZ8is

एडमिन की तरफ से दी जाती है धमकी
इस गेम को खेलने वाले प्लेयर को मानसिक तौर पर कब्जे में कर लिया जाता है। अगर किसी ने एक बार गेम खेलना शुरू कर दिया, तो वो इसे बीच में नहीं छोड़ सकता। एक बार गेम शुरू हो जाने पर गेम खेलने वाले का फोन एडमिन हैक कर लेता है और फोन की सारी डिटेल उसके कब्जे में आ जाती है। अगर कोई बीच में गेम छोड़ना चाहे, तो एडमिन की तरफ से धमकी मिलती रहती है कि उसे या फिर उसके माता-पिता को जान से मार दिया जाएगा।

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रूस नागरिक ने की थी शुरुआत
खूनी ब्लू व्हेल खेल की शुरुआत रूस से हुई है। इस गेम को बनाने वाला एक 22 साल का रशियन लड़का फिलिप है। फिलिप बुडेकिन ने साल 2013 में इस गेम को बनाया था। फिलिप को जवान लोगों को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में साईबीरा कोर्ट ने 3 साल की सजा भी सुनाई थी। जेल जाने के दौरान अपनी सफाई में फिलिप ने कहा था कि ये गेम समाज की सफाई के लिए है, जिन लोगों ने भी गेम की वजह से आत्महत्या की, वो बॉयोलॉजिकल वेस्ट थे।

http://www.youtube.com/watch?v=SnQAreLOGII

राज्यसभा में भी उठा मुद्दा
राज्यसभा में ब्लू व्हेल गेम का मुद्दा उठा। सांसद अमर शंकर ने इस मुद्दे को उठाते हुए इस पर बैन लगाने की मांग की। मुंबई में बच्चे की खुदकुशी के बाद ब्लू व्हेल को लेकर विवाद छिड़ा। महाराष्ट्र विधानसभा में भी चिंता जताते हुए गेम पर बैन लगाने की मांग की गई थी।


(संपादन- भवेंद्र प्रकाश)

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