ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
देश

मुजफ्फरनगर: योगी की पुलिस की शह पर ठाकुरों ने दलितों पर किया हमला?

मुजफ्फरनगर। योगी आदित्यनाथ शासित राज्य यूपी के मुजफ्फरनगर में ठाकुर बहुल गांव भूपखेड़ी में छेड़छाड़ की घटना को लेकर दलित और ठाकुर बिरादरी के लोगों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। ठाकुरों ने अंबेडकर की प्रतिमा को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। हमले में दोनों पक्षों से करीब 18 लोग घायल हो गए। इस घटना को लेकर योगी आदित्यनाथ की पुलिस संदिग्ध घेरे में आ रही है। पुलिस पर ठाकुरों के दबाव में काम करने का आरोप लग रहा है।

पुलिस के रवैये को लेकर दलित समाज के लोगों में रोष है। दलित समाज के लोगों का कहना है कि बुधवार रात छेड़छाड़ करने वाले आरोपियों को पुलिस रात में ही कार्रवाई कर गिरफ्तार कर लेती तो उनके साथ यह घटना नहीं घटती।

पढ़ें- मुजफ्फरनगर में ठाकुर और दलितों के बीच खूनी संघर्ष, बाबा साहब की प्रतिमा तोड़ी

दलितों ने पुलिस पर ठाकुर समाज के दबाव में कार्रवाई नहीं करने का भी आरोप लगाया। दलितों में घटना को लेकर भय व्याप्त है। उनका कहना है कि गांव भूपखेड़ी ठाकुर बहुल गांव है। आसपास के गांवों में ठाकुर समाज के लोगों की संख्या अधिक है। अब ठाकुर समाज के लोग उन्हें गांव में नहीं रहने देंगे।

Bloody conflicts between Thakur and Dalits in muzaffarnagar

(दंगे के बाद की स्थिति)

ये था मामला
बुधवार की रात गांव में दलित बस्ती में रहने वाले लोगों ने अपने गुरू समनदास के जन्मदिन के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम का आयोजन किया था। जिसमें बड़ी संख्या में दलित समाज के लोगों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में महिलाएं और युवतियां भी शामिल थीं। आरोप है कि रात में ठाकुर समुदाय के लोग कार्यक्रम में पहुंच गए और उन्होंने दलित समुदाय की महिलाओं और लड़कियों के साथ छेड़खानी करनी शुरू कर दी। इसके विरोध में दलित समाज के लोगों ने ठाकुरों को ललकारा तो दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।

पढ़ें- महिलाओं का दावा- योगी के जनता दरबार में सुरक्षाकर्मियों ने अभद्रता कर भगाया

किसी ने घटना की सूचना पुलिस को दी तो पुलिस ने ठाकुरों के दबाव में आकर दलितों को शांत करा दिया। लेकिन सुबह होते ही फिर ठाकुरों ने दलितों पर हमला बोल दिया। बताया जा रहा है ठाकुर समाज के लोगों ने फायरिंग करना शुरू कर दी जिसके जवाब में दलित समाज की ओर से भी पथराव किया गया। ठाकुरों ने बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।

इसके बाद गांव से लेकर सामुदायिक अस्पताल तक दलित महिलाओं ने इस घटना के बाद विरोध प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। जहां मौके पर एसपी सिटी और एडीएम ने जाकर घटना स्थल पर से महिलाओं को समझा-बुझाकर शांत कर दिया। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पीएसी के साथ भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।

(हमले में घायल)

पढ़ें- वंचितों के लिए उच्च शिक्षण संस्थान बने कब्रगाह, अब IIT-BHU में छात्र परमात्मा यादव ने किया सुसाइड

पहले भी ठाकुरों ने दलितों पर की थी ज्यादती
भूपखेड़ी गांव के दलित इससे पहले भी ठाकुरों की ज्यादती झेल चुके हैं। दरअसल भूपखेड़ी ठाकुर बहुल गांव है। जिसकी वजह से गांव में रहने वाले दलितों और उनकी बहू-बेटियों का गांव में जीना दूभर है। दलितों का कहना है कि ठाकुर के लड़के आए दिन दलितों की बहू-बेटियों के साथ छेड़खानी करते रहते हैं। इसके अलावा दलितों को जातिगत भेदभाव का शिकार भी होना पड़ता है। कुछ समय पूर्व ठाकुरों ने नाई को दलित समाज के लोगों के बाल काटने से मना कर दिया था।

ठाकुरों ने नाई को दलितों के बाल न काटने की धमकी दी थी। नाई को धमकी देने पर उसने अपनी गांव की दुकान में ताला डाल दिया था। जिसको लेकर दलित और ठाकुर समाज के लोगों में तनातनी हो गई थी। पुलिस प्रशासन ने दोनों पक्षों की तनातनी को देखते हुए गांव में पीएसी बल तैनात कर दिया गया था। करीब सात महीने तक गांव में पीएसी तैनात रही थी।

 

Latest अपडेट के लिए National Dastak पेज को Like और Follow करे

To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved