ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
देश

30 बच्चों की मौत की खबर को यूपी सरकार ने बताया था भ्रामक, लोगों को PM मोदी के ट्वीट का इंतजार

then up govt said child death news are fake

नई दिल्ली। गोरखपुर के BRD अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण 30 बच्चों ने तड़प तड़प कर मौके पर दम तोड़ दिया। वहां पुलिस का कड़ा पहरा लगाया गया है। इसपर लोग कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। वहीं इस मामले पर पीएम मोदी सहित किसी भी भाजपा नेता का ट्वीट नहीं आया है। इसे लेकर भी लोगों में रोष का माहौल है।

बीआरडी मेडिकल कालेज के 100 नंबर इंसेफ्लाइटिस वार्ड में हर दिन जिंदगी और मौत की जंग देखने को मिलती है लेकिन शुक्रवार को वहां का मंजर कुछ और ही भयावह था। मौत का पलड़ा जिंदगी पर भारी था। इसका भय वहां मौजूद हर उस व्यक्ति पर था, जिसके कलेजा का टुकड़ा इस जंग में हार की कगार पर खड़ा था। टंगी सांसें और आंखों से बहते आंसू और उन सबके बीच जेहन में उठ रहे व्यवस्था पर सवाल की छटपटाहट हर तीमारदार के चेहरे पर साफ झलक रही थी।

लेकिन इतनी बड़ी घटना होने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार का ऑफिशियल ट्वीटर अकाउंट इस दुखद घटना को झूठा और भ्रामक करार दे रहा है। यूपी गवर्नमेंट के ऑफिसियल ट्वीटर अकाउंट पर बच्चों की मौत की खबरें सामने आने के बाद कहा गया था- ”कुछ चैनलों पर चलाई गई ऑक्सीजन की कमी से पिछले कुछ घंटों में अस्पताल में भर्ती कई रोगियों की मृत्यु की खबर भ्रामक है।”

ऑक्सिजन आपूर्ति करने वाली फर्म पुष्पा सेल्स द्वारा बकाया चुकाने को लेकर पत्र लिखा गया था। पुष्पा सेल्स की ओर से दीपांकर शर्मा ने एक अगस्त को ही मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को पत्र लिखकर बकाया 63.65 लाख रु. का भुगतान न होने के कारण सप्लाई बाधित होने की चेतावनी दी थी। पत्र में लिखा था कि बकाया भुगतान न होने की स्थिति में वह गैस की सप्लाई नहीं कर पाएंगे और इसकी जिम्मेदारी संस्था की होगी।

फोटो साभार NBT

मेडिकल कॉलेज प्रशासन का भी मानना है कि गुरुवार की शाम 7:30 बजे से ही ऑक्सिजन का प्रेशर लो हो गया था जिसके चलते रिजर्व 52 सिलिंडर लगाकर काम करवाया गया। मेडिकल कॉलेज में सामान्य आपूर्ति बहाल करने के लिए कम से कम 300 सिलिंडर की जरूरत थी। ऑक्सिजन की कमी के चलते मेडिकल कॉलेज में अफरातफरी मच गई। मेडिकल कॉलेज के जापानी बुखार वार्ड में लिक्विड ऑक्सिजन के खत्म होने के बाद चार मासूमों की सबसे पहले मौत हुई। इस वार्ड में मातमी सन्नाटे के बीच मन्नत का दौर चलता दिखा। मेडिकल कॉलेज के 100 नंबर वार्ड में गंभीर मरीजों को देखते हुए ऑक्सिजन सिलिंडर लगाने का काम जारी था।

https://www.youtube.com/watch?v=ZCXD_Hj-DgA

वार्ड में एक साथ 16 ऑक्सिजन सिलिंडर लगे जो चंद घंटों में ही खत्म हो गए। एक बार फिर डॉक्टर और स्टाफ ने सिलिंडर के जुगाड़ में इधर-उधर दौड़ लगाना शुरू कर दिया। यह सब देखकर जापानी बुखार वार्ड के बाहर भर्ती मरीजों के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया था। उन्हें यह डर सता रहा था कि कहीं मौत उनके बच्चे को भी न डस ले।

इस बीच, एनआईसीयू वॉर्ड में 17, एईएस वॉर्ड में 5 व नॉन एईएस वॉर्ड में 8 मरीजों सहित 36 घंटे में 48 मरीजों को जान चली गई। देर रात एसपी कार्यकर्ताओं ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए कॉलेज परिसर में प्रदर्शन भी किया।

Latest अपडेट के लिए National Dastak पेज को Like और Follow करे

To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved