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उप्र. पुलिस की पिटाई से दलित दिव्यांग की मौतः दरोगा निलंबित

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उत्तर प्रदेश में दो पुलिसकर्मियों की पिटाई से एक दलित दिव्यांग की मौत हो गई।  यह घटना सोमवार की है इस घटना के बाद शहर में जमकर बवाल हुआ घटना से गुस्साए लोगों ने सड़कों पर जमकर बवाल किया।

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घटना के बाद गुस्साए लोगों ने सबको बीच सड़क पर शव को रखकर जाम लगाया और पथराव करने लगे लोगों ने कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया।  वहीं इस घटना के बाद आगजनी का प्रयास भी हुआ इस दौरान कई पुलिसकर्मियों पर लोगों ने हमला बोल दिया जिसमें कई पुलिसकर्मी और अन्य लोग चोटिल हो गए।

वहां काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा घटना की सूचना मिलते ही डीएम, एसपी कई थानों के पुलिसकर्मी वहां पहुंच गए।  बाद में कुछ नेताओं के समझाने पर अधिकारियों द्वारा आर्थिक मदद दिए जाने पर करीब 3 घंटे के बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ और जाम को खोला गया।

इस घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस के बड़े अधिकारी भी मौके पर पहुंचे उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच कराने का आदेश दिया। अधिकारियों ने एक्शन लेते हुए इस मामले में एक दरोगा सहित तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।  आरोपी दरोगा आशीष यादव को निलंबित कर दिया गया है।

दलित दिव्यांग विमल (45) पुत्र गुलाब सिंह मुख्य रूप से हाथरस कोतवाली सदर क्षेत्रान्तर्गत नगला भोजा के निवासी थे। पुलिसकर्मियों को यह शक था कि दलित दिव्यांग विमल अपनी ठेली पर शराब बेचता था इसी शक के आधार पर पुलिसकर्मियों ने उसकी बुरी तरह से पिटाई कर दी। जिसके बाद दिव्यांग बुरी तरह से घायल हो गया पुलिसकर्मियों के जाने के बाद कुछ लोग घायल दिव्यांग को निकट के जिला अस्पताल लेकर पहुंचे वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।  इस घटना की जानकारी मिलते ही लोगों में गुस्सा भड़क उठा आक्रोशित लोगों ने आगरा रोड पर गैलेक्सी होटल के सामने शव रखकर सड़क को पूरी तरह से बंद कर दिया और जाम लगा दिया।


रोडवेज की बस और जब कुछ अन्य वाहन वहां से गुजरे तो गुस्साई भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया पथराव के कारण वहां पर अफरा-तफरी मच गई कई वाहनों को क्षति पहुंची।  कुछ लोग भी घायल हो गए , इस घटना की सूचना पुलिस को मिली तो पुलिस वहां पर पहुंची पर गुस्साई भीड़ ने पुलिस वालों पर भी पथराव किया।  कोतवाली  पुलिस की जीप को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। यह देखकर पुलिसकर्मियों ने वहां से भाग कर अपनी जान बचाई।

डीएम डॉ.रमाशंकर मौर्य, एसपी जयप्रकाश  व अन्य अधिकारी व कई थानों की फोर्स को लेकर वहां पहुंचे अधिकारियों ने इस पूरी घटना को नियंत्रित करने का प्रयास किया पर वह असफल रहे।  लगभग 3 घंटे के बाद लोग शांत हुए लोगों का कहना था कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करी जाएगी तब तक वह रोड को बंद रखेंगे।  किसी भी वाहन  को वहां से नहीं जाने दिया जाएगा लोगों ने मृत दलित दिव्यांग के परिजनों को मुआवजा देने की भी मांग करी मौजूद अधिकारियों और नेताओं ने इस पूरे घटना की निष्पक्ष जांच कराने के आदेश दिए और दलित दिव्यांग के परिजनों को मुआवजा देने का वादा किया।

घटनास्थल पर बाद में वहां के बसपा नेता दिनेश देशमुख, लल्लन बाबू, जिला पंचायत सदस्य रामेश्वर उपाध्याय, ब्रजमोहन राही आदि भी पहुंच गए । काफी देर तक इन लोगों ने गुस्साई भीड़ से बातचीत कर उन्हें समझा बुझा कर शांत किया तब जाकर जाम खुल सका।  डीएम ने देर रात तक एक लाख रूपये की आर्थिक सहायता मृतक के परिजनों को दी साथ ही यह भरोसा भी दिलाया कि वह और आर्थिक मदद करेंगे और प्रशासन से दिलाने की संतुष्टि करेंगे

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