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IAS के इंटरव्यू में भयंकर जातिवाद, अपर कास्ट के छात्रों को बांटे गए ज्यादा नंबर

नई दिल्ली। वैसे तो देश की हर परीक्षा में एससी, एसटी और ओबीसी समुदाय के लोगों से जातिगत भेदभाव किया जाता है, लेकिन सिविल सेवा जैसी बड़ी परीक्षा में इस तरह का भेदभाव सामने आना अपने आप में शर्मनाक है। यूपीएससी हर साल सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन करता है। यह दुनिया की सबसे कठिन परीक्षा मानी जाती है। इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि इस परीक्षा में सफल एक भी उम्मीदवार यह दावा नहीं कर सकता कि वह दोबारा यह परीक्षा क्रैक कर सकेगा, संभवत: टॉप 100 में आए उम्मीदवार भी यह दावा नहीं कर सकते कि वह दोबारा इस परीक्षा को पास कर सकते हैं। इसलिए कई उम्मीदवार यूपीएससी द्वारा इस परीक्षा में चयन को अंधेरे में लगे एक शॉट की तरह मानते हैं।

संवैधानिक नियमों के अनुसार यूपीएससी में भी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और शारीरिक अक्षम लोगों के लिए आरक्षण की सुविधा देना आवश्यक है। इसमें तीन प्रतिशत सीटें शारीरिक रूप से विकलांग उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है। इस बार कुल 1099 उम्मीदवार यूपीएससी में चयनित हुए हैं। अगर शारीरिक रूप से विकलांग उम्मीदवारों के लिए 3 प्रतिशत रिजर्वेशन को मानें तो उनकी संख्या इस हिसाब से 33 होनी चाहिए जबकि यह संख्या 44 है।

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हालांकि यहां पर 33 के बजाय 44 शारीरिक रूप से विकलांग उम्मीदवारों की सफलता से कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन यहां योग्य शारीरिक रूप से विकलांग उम्मीदवार की जगह पर षड़यंत्र हुआ है। बता दें कि इन 44 लोगों में 35 उम्मीदवार सामान्य श्रेणी के हैं और केवल 9 उम्मीदवार ओबीसी समुदाय के हैं। जबकि किसी भी अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति उम्मीदवार का इस आरक्षण की सीट में चयन नहीं किया गया है।

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जब आप ओबीसी और अपर कास्ट के शारीरिक अक्षम उम्मीदवारों के द्वारा प्राप्त किए गए नंबर देखेंगे तो आपको भेदभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। आप इन नंबरों में देख पाएंगे कि ओबीसी समुदाय के उम्मीदवारों ने लिखित परीक्षा में ज्यादा नंबर लाया है उन्हें साक्षात्कार में षड़यंत्र के तहत कम नंबर दिए गए हैं जबकि कम नंबर लाने वाले सवर्ण उम्मीदवारों को साक्षात्कार में ज्यादा नंबर देकर पास कराया गया है। यह ओबीसी समुदाय के प्रति पूर्वाग्रह को दिखाता है।

 

All PH candidates General Category OBC SC ST
Total Number of candidates 44.0 35.0 9.0
Written Test Marks 781.5 779.4 789.3
Personality Test Marks 163.5 164.7 159.1
Total Marks 945.0 944.1 948.4

 

यह रिजल्ट तब है जब अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समूह में शारीरिक विकलांग लोग अधिक हैं। साल 2011 की जनगणना पर हुए एक अध्ययन के अनुसार, देश में लगभग 18 प्रतिशत अनुसूचित जाति की आबादी और करीब 15 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति की आबादी शारीरिक रूप से विकलांग है जबकि देश की आबादी में विकलांग लोगों का औसत 2.5 प्रतिशत है।

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विकलांग आरक्षण के नाम पर यूपीएससी में जो खेल हो रहा है उसे स्पष्ट रूप से रोका जाना चाहिए और विकलांग श्रेणी में एससी, एसटी और ओबीसी को आरक्षण दिया जाना चाहिए। अपर कास्ट विकलांग के नाम पर आरक्षण चाहता है लेकिन वह किसी अन्य को आरक्षण नहीं देना चाहता। इस रिसर्च ने साबित कर दिया है कि विकलांग श्रेणी में भी एससी, एसटी और ओबीसी समुदाय के लोगों से भेदभाव किया जा रहा है और उनका हक मारा जा रहा है।

 

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