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‘केंद्र में सत्तारूढ़ दल को दूसरों को देशभक्ति पर निर्देश देने का कोई हक नहीं है’

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार के बीचे लंबे समय से कड़वाहट बनी हुई है। इस कड़वाहट का असर 15 अगस्त के समारोह पर भी पड़ा। दरअसर केंद्र की मोदी सरकार ने 15 अगस्त को लेकर एक सर्कुलर जारी किया था जिसे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने झटके में ठुकरा दिया।

मुख्य बातें-

  1. ममता बनर्जी ने ठुकराया मोदा सरकार का सर्कुलर
  2. राज्य शिक्षा मंत्री ने कहा आज़ादी का जश्न हम अपनी तरह से मनाएंगे
  3. ‘केंद्र में सत्तारूढ़ दल को दूसरों को देशभक्ति पर निर्देश देने का कोई हक नहीं है’

आउटलुक में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी सरकार ने अपने सर्कुलर में कहा था कि सभी स्कूलों को 9 अगस्त से 30 अगस्त तक आस पास मौजूद शहीद स्मारकों के पास संकल्प कार्यक्रम मनाने को कहा था। इस कार्यक्रम के तहत बच्चों को आजादी के शहीदों या फिर युद्ध या आतंकी हमलों में शहीद हुए शहीदों के बारे में जानकारी दी जानी थी। इसके अलावा स्कूलों में शपथ ग्रहण समारोह भी आयोजित करने को कहा गया था। इस शपथ में शिक्षक और विद्यार्थियों को साल 2022 तक देश से पांच समस्याओं को समाप्त करने के लिए शपथ लेने को कहा गया था इसमें गरीबी, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, साम्प्रदायिकता और जातिवाद शामिल है।

https://youtu.be/IWOiw6sIYSk

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लेकिन ममता बनर्जी की सरकार ने 11 अगस्त के अपने निर्देश में कहा है कि शिक्षा विभाग ने यह तय किया है कि 70वें स्वतंत्रता दिवस को इस तरह नहीं मनाया जाएगा। निर्देश में कहा गया है कि स्कूल-कॉलेज जैसे हर साल स्वतंत्रता दिवस मनाते रहे हैं, वैसे ही इस साल भी मनाएं। राज्य के शिक्षा मंत्री पार्था चटर्जी ने कहा “ऐसा नहीं है कि हम केंद्र के प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं लेकिन हमने कहा है कि यह जश्न हम अपनी तरह से मनाएंगे। हम भाजपा से देशभक्ति का पाठ नहीं पढ़ेंगे। केंद्र में सत्तारूढ़ दल को दूसरों को देशभक्ति पर निर्देश देने का कोई हक नहीं है।”

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