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जाति का सवाल हमारे लिए है, उनके लिए बस फैशनेबल ट्रेंड…..

हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम करने के लिए कौन लोग मुकर्रर हैं? सड़ी-गली से लेकर हर तरह की लाशों के बॉडी पार्ट चीरना। खून के फव्वारे से लेकर असहनीय बदबू तक…… अंदाज़ा लगाना तो दूर, सोच भी नहीं पाएंगे आप।

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सीवरों में क्या होता है बताने की ज़रूरत है क्या। बिना सिक्युरिटी टूल के उसमें उतरना, जहाँ एक सेकेंड के लिए सांस लेना भी दूभर होता है, जान का जोख़िम तो हथेली पर होता ही है।

लावारिश लाशों की अंतिम क्रिया हो या मरे हुए जानवरों को ऊठाने का काम। दफ़्ना दी गई सड़ी-गली लाशों को निकालने से लेकर उनके दोबारा अंतिम क्रिया तक का काम। हर सुबह गली-मोहल्लों से लेकर सार्वजनिक स्थानों, चौक-बाज़ार, घर-मकान की सफाई, कूड़ा ऊठाने और बीनने वाले लोग। स्वस्थ और स्वच्छ वातावरण का बीड़ा किसके जिम्मे?

घरेलू कामगार महिलाएँ किस जाति की है? टॉयलेट्स साफ करने वाले कौन लोग हैं? कौन लोग हैं जो पढ़ नहीं पाए? किसके पास ना घर है ना ज़मीन? कौन लोग हैं जो मजूरी करते खप गए?

रोटी-बियारी की चिंता से बड़ी; जी जाने की लड़ाई आख़िर किसकी? आपके चमकते घरों से लेकर जहाँ तक नज़र जाती हो वहाँ तक देख लो एक बार इन सारे कामों में कौन लोग कार्यरत है?


दूसरी तरफ़ मंदिरों में पीढ़ियों से नख गड़ा कर बैठे एंटीने वाले पंडे, भविष्यवाणी-पोथी-जतरा,भोग-हवन की दुकान खोले दान-दक्षिणा समेट कर भाग जाने वाले पंडत, फलानी-ढिमकी कथा कर-कर के बेवकूफ़ बनाने वाले ब्राह्मण …….जो पैर भी पड़वाते है, लूटते भी हैं, वो भी फ़ोकट में। विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका, मीडिया, शिक्षण संस्थान, व्यवसाय,शिक्षा-रोज़गार, धन-संपत्ति, इतिहास से लेकर सोशल प्रिविलेज तक सब जगह कुंडली मारकर बैठें हैं आपका मनोबल गिराने और ग़ुलाम बनाए रखने के लिए।

इनमें पहले प्रकार के वो हैं जो अपने बाप-दादे के पूंछ पकड़े आरक्षण के मुद्दे पर गरियाने के ठेके पर हैं। इसमें दूसरे फर वाली खाल ओढ़े ढोंगी प्रगतिशील भी है जो वर्ग की बात करके वर्ण/जाति की बात छुपा जाएंगे।

आज फ़िर एक दलित मर गया सीवर में 3 गम्भीर रूप से घायल हैं, फ़िर से एक दलित महिला हुई भीड़ का शिकार, मार दी गई चोटी काटने के अफवाह में…….छोटा सा बच्चा तक लथेड़ दिया गया जो बहुत गंभीर हालत में है।

जाति का सवाल हमारे लिए है, उनके लिए बस फैशनेबल ट्रेंड…..

(दिपाली तायडे छात्रा हैं। विभिन्न सामाजिक मुद्दे पर वो लिखती रहती हैं। ये लेख उनके फेसबुक पोस्ट से लिया गया है। )

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