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2019 चुनाव में धर्मनिरपेक्ष गठबंधन की नई दिशा तय करेगी लालू की मुहिम

बिहार की राजधानी पटना में लालू प्रसाद यादव जी के द्वारा पटना से “भाजपा भगाओ देश बचाओ”रैली के आयोजन संघ-भाजपा मुक्त राजनीति के लिए एक ऐतिहासिक और सार्थक कदम माना जा रहा है और इस रैली से आने वाले दिनों में सम्पूर्ण भारत में विपक्षी एकजुटता को एक नई दशा दिशा मिलने आज कि इस रैली का बहुत बड़ा योगदान होने जा रहा है देश भर में महागठबंधन बनाने में जैसा की आपको मालूम होगा कि इस रैली में कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद जी और बिहार कांग्रेस प्रभारी सि पी जोशी जी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता दीदी, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी, रालोद के नेता चौधरी जयंत सिंह जी, एनसीपी नेता तारिक अनवर जी, झारखंड के दोनों मुख्यमंत्री जे एम एम से हेमंत सोरेन जी और जे वीं एम नेता और झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी जी और सि पि आई नेता रेड्डी जी जेडीएस नेता दानिश अली इन सब नेताओं के अलावा जदयू के पूर्व राष्ट्रपति अध्यक्ष राज्यसभा सांसद शरद यादव जी और राज्यसभा सांसद अली अनवर अंसारी एक मंच पर जमा होने देश में मजबूत विपक्षी गठबंधन बनाने के क्रम में लालू प्रसाद यादव जी का ये एक ऐतिहासिक पहल है और शायद 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा के विजय रथ को रोकने के लिए एक मंच पर इतने दलों के नेता एक जगह पर जमा हुए जो की पहली बार हुआ है।

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इस रैली में जिन जिन दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया उस के आधार पर अगर महागठबंधन बनता है तो आने वाले 2019 के लोकसभा चुनाव में महागठबंधन को बड़ी संख्या में सीटों पर कामयाबी मिल सकती है और भाजपा को बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है जैसा कि आज के मंच से प्रतीत हो रहा था, जैसा के आपको पता होगा पिछले लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, कर्नाटक में भाजपा को बड़ी कामयाबी मिली थी जिसका मुख्य कारण सेक्युलर वोटों का ज़बरदस्त तरीके से बिखराव हुआ था, अगर सेक्यूलर दल अपनी इस कमज़ोरी को समझ चुके हैं और आने वाले लोकसभा चुनाव में अपनी साख बचाना चाहते हैं तो फिर उनको महागठबंधन के उपर जल्द ही विचार करना चाहिए और राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकता को बनाने के लिए आज पटना की रैली के तरह हर राज्य में और फिर दिल्ली में राष्ट्रपति स्तर पर एक मंच पर आना होगा तब इस में कोई संकोच नहीं है कहने में की झूठे वादे जनता के साथ विकास के नाम पर ठगने वाले दल की हवा निकल जाएगी।

जैसा के आपको बता दूं कि पिछले 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को उत्तर प्रदेश में 80 में 72 सीटें मिली, बिहार में 40 में 31 सीटें मिली, झारखंड में 14 में 12 सीटें और कर्नाटक में 28 में 17 सीटों पर कामयाबी मिली कुल मिलाकर और इस कामयाबी का इन चार राज्यों के 162 सीटों में से 133 सीटों पर कामयाबी मिली जो की बहुत बड़ी कामयाबी रही भाजपा के लिए लेकिन अगर देश में जैसा कि आज के मंच से दिखाई दिया अगर महागठबंधन बनता है तो भाजपा की सीटों में बड़ी कमियां आएंगी और 162 में 133 के जगह सिर्फ 40 से 50 सीटों पर संतोष करना पड़ेगा और वहीं सेक्युलर गठबंधन को 80 से 90 सीटों पर कामयाबी मिल सकती है| ये आंकड़े मैं आपको 2014 के वोट शेयरिंग प्रतिशत को देखते हुए बताया हूं।

और पश्चिम बंगाल की 42 लोकसभा सीटों में से भाजपा को कोई बड़ी कामयाबी मिलने की संभावना दिखाई नहीं देती है, और बहुत जल्दी कुछ और क्षेत्रीय दल देश में बन रहे सेक्युलर गठबंधन के साथ जुड़ने की संभावना दिखाई दे रही है, और कुलमिलाकर लालू प्रसाद यादव जी ने पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान से ” भाजपा भगाओ देश बचाओ रैली” के माध्यम से पूरे देश में मजबूत गैर भाजपा गठबंधन के लिए हूंकार भर दिया है जो की हिम्मत से भरपूर देश हित में बहुत बड़ा पहल है।

(ये लेखक के निजी विचार हैं। जैन साहब उस्मानी स्तंभकार हैं।)


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