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विमर्श

शरद यादव जी! इतिहास बनाने का मौका बार-बार नहीं मिलता

आदरणीय शरद जी! अब विलम्ब ठीक नही…….

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मैंने 1990 के दशक में मण्डल आंदोलन में शरद यादव जी की अग्रणी भूमिका को देखते हुए उनसे प्रभावित हो उन्हें देश के पिछडो का सर्वश्रेष्ठ बुद्धिजीवी नेता मानते हुए उनके नेतृत्व में काम करना शुरू किया था। मैं आर्थिक स्थिति ठीक न होने के बावजूद शरद यादव जी के बदायूं से पराजय के बाद मधेपुरा से उपचुनाव लड़ने पर मधेपुरा प्रचार तक में गया था।

देश की संसद हो या चौराहा शरद यादव जी का तार्किक भाषण व विचार हर सामाजिक न्याय के समर्थक साथी को अंदर तक उद्वेलित करने में सक्षम है।

मुझे शरद यादव जी ने देवरिया युवा जनता दल का जिलाध्यक्ष बनाया था। मैं शरद यादव जी के मण्डल रथ कार्यक्रम का जिले का यूथ प्रभारी भी बनाया गया था और वोट क्लब की मण्डल रैली में दिल्ली बस के साथ गया था।

https://youtu.be/BjJUjEM0HTA

शरद यादव जी से मेरा वैचारिक लगाव सर्वदा रहा है और में निःसन्देह कह सकता हूँ कि वर्तमान में शरद यादव जी जैसा क्लियर कांसेप्ट का कोई और पिछड़ा नेता नहीं है लेकिन वर्तमान राजनैतिक परिवेश में शरद यादव जी की चुप्पी खल रही है। मेरा स्पष्ट अभिमत है कि शरद यादव जी को सामाजिक न्याय की ताकतों को एकजुट करने का वीणा उठा लेना चाहिए।


देश फासिज्म की तरफ बढ़ रहा है। कम्युनल ताकतें सर उठा रही हैं। पिछड़े, दलित नेता स्वहित में वर्गीय हित को तिलांजलि दे फासीवादी ताकतों के समक्ष घुटने टेक दिए हैं। मुलायम सिंह यादव जी जैसा विश्व का महानतम सेक्युलर नेता पता नहीं क्यों दिग्भ्रम की स्थिति में जाने-अनजाने कम्युनल ताकतों को बलवान बनाने की राह पर अग्रसर है।

नीतीश कुमार जी निराश कर “मिट्टी में मिल जाऊंगा पर भाजपा के साथ फिर न जाऊंगा” कहते-कहते भाजपा की गोद मे बैठ गये हैं। रामविलास पासवान जी, रामदास अठावले जी या अन्यान्य पिछड़े/दलित नेता मोदी-मोदी कहते हुए कृतार्थ हुए जा रहे हैं, ऐसे में शरद यादव जी एकमात्र ऐसे सेक्युलर और सोशल जस्टिस के फालोवर नेता बच जाते हैं जिन पर देश के वंचित-उपेक्षित लोगो की उम्मीद टिकी हैं।

https://youtu.be/D8h_bL-fbc4

बिहार में अकेले लालू प्रसाद यादव जी इन फासीवादी ताकतों से लोहा लेते हुए शहादत दे रहे हैं। यूपी में अखिलेश जी व मायावती जी सही राह पर हैं तो लेकिन जो गति होनी चाहिए वह नहीं है। शरद यादव जी यदि इस दुरूह घड़ी में मोर्चा संभाल ले तो देश की तकदीर और तस्वीर बदल जाएगी, एक समर्थ, सक्षम, अनुभवी नेतृत्व सेक्युलर ताकतों को मिल जाएगा। शरद जी के रूप में विचारों और संघर्षो की ऐसी थाती देश की समाजवादी, समतावादी, बहुजनवादी, धर्मनिरपेक्ष ताकतों को मिल जाएगी जो निर्विवाद और चमकदार है।

शरद यादव जी! न इतिहास बनाने का मौका बार-बार मिलता है और न चूक जाने पर इतिहास कलंकित होने से बच पाता है। देश एक बहुत बड़े वैक्यूम से गुजर रहा है जिसमे आपके सक्षम नेतृत्व की जरूरत है।

शरद यादव जी! चिमटानन्द, घण्टानन्द, बाल्टीनन्द, छाल्टी नन्द आदि से देश की राजनीति और संसद को मुक्त कराने के लिए, देश की जनता को ढपोर शंखी राजनीति से उबारने के लिए, आरक्षण, संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की ताकतों को बलवती बनाने के लिए आप मौन तोड़िये, नेतृत्व संभालिये वरना तय मानिए इतिहास आपको कभी माफ नही करेगा।

(लेखक पत्रकार व राजनीतिक टिप्पणीकार हैं।)

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