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हां Narendra Modi हम अंधे है सच में

हां Narendra Modi हम अंधे है सच में।


विकास तो हो रहा है… [ पांचवा ] विकास तो बिना दर्द के ही हो रहा है।

★ पहला विकास हुआ जब जीरो बैलेंस पर जनधन के खाते खुले, जिसमे की अब आपको 10000 या 5000 रुपये रखना अनिवार्य कर दिया गया है।


★ दूसरा विकास हुआ जब नोटबन्दी का कानून लाकर पूरे देश के बच्चे, बूढ़े- जवानों को सबको बैंक की पूरे दिन की लाइन में लगा दिया और दलील दी गयी कि इस से आतंकवाद पर रोक लगेगी, आतंकवाद में विकास हुआ ये तो कोई नहीं देख रहा है।

★ तीसरा विकास हुआ जब सेना को कटघरे में खड़ा करके पहली बार ये पूछा जाने लगा कि कहां हुई है सर्जिकल स्ट्राइक इसका जवाब दो, सबूत दो।


★ चौथा विकास हुआ रेप की बढ़ती घटनाओं में हुआ जहां पुलिस और कानून दोनों असमर्थ ही रहे।

★ [ “पांचवा विकास हुआ जब महिला सुरक्षा से अधिक महत्वपूर्ण गाय सुरक्षा हो गयी” ]

★ छठा विकास हुआ जब लोगों को धर्म के नाम पर बरगलाया जाने लगा।

★ सातवां विकास हुआ जब बीफ और गोरक्षक को आधार बनाकर लोगों को बिना बात मारा-पीटा गया यहां तक कि मौत के घाट उतार दिया गया और किया जा रहा है, इस पर सरकार सख्त कदम लेते हुए कहती है कि “गोरक्षा के नाम पर गुंडई बर्दास्त नही होगी”।

★ आठवां विकास हुआ जब पटेल जी की प्रतिमा के निर्माण पर करोड़ों का धन व्यय हुआ, मगर किसान कर्ज़ माफी पर राजनीति खेल दी गयी।

★ नवां विकास अभी GST के नाम पर हो रहा है।

★ और दसवा उसका उल्लेख तो रह ही गया जहां जीरो बैलेंस पर खाते खुल जाते थे, अब वहां 5000 या 10000 देकर खाते खुलवाने पड़ रहे है, internet banking को बढ़ावा दो और हर ट्रांसक्शन पर अपनी ही जेब कटवाओ।

★ ग्यारहवा विकास ये हुआ है कि बैंक में पैसे रखो तो निकालने पर टैक्स दो, कमाओ तब टैक्स दो, निकालो तब टैक्स दो,जमा करो तब टैक्स दो।

इतना विकास तो हो रहा है और आप कहते हो कि विकास नही हो रहा !! मध्यम वर्ग और गरीब की लग गयी है बुरी तरह और फिर भी हम अंधे है जो विकास नही दिख रहा !!

 

(मोनिका जौहरी Shoib Neuropsych- The mind healer में डॉक्टर के पद पर कार्यरत हैं। ये उनके निजी विचार हैं)

 

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