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‘ब्राह्मणवादियों के नहले पर श्रीमति शीला का दहला’

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1 year ago

देश और दुनिया में बड़े पैमाने पर बदलाव हो रहा है। विज्ञान की अज्ञान पर विजय जारी है। चन्द्रमा और मंगल अब हमारी पँहुच में हैं। हम अकल्पनीय शोध और खोज कर रहे हैं लेकिन कुछ पाखंडी हैं कि अभी भी अपनी चोंचलेबाजी जारी रखे हुए हैं। हिमाचल व देश के कई हिस्सों में अभी भी हिन्दू धर्म पर मनुवाद […]

आदिवासी जनता के बेमिसाल आंदोलन के समक्ष झुक गई बीजेपी सरकार

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1 year ago

जन आंदोलनों के दबाव में आखिरकार भाजपा सरकार को झुकना पड़ा और मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि सीएनटी की धारा 21 और एसपीटी की धारा 13 में संशोधन कर सरकार ने कृषि भूमि की प्रकृति बदलने का जो प्रस्ताव रखा था। अब उन प्रस्तावों को निरस्त किया जायेगा। पहले टीएसी आदिवासी परामर्शदातृ समिति उस पर फिर से गौर […]

जाति विनाश पर संजय जोठे का सुझाव

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1 year ago

जाति विनाश अगर सवर्णों से अपेक्षित है तो ये व्यर्थ का प्रोजेक्ट है। लेकिन जाति विनाश दलितों पिछड़ों से अपेक्षित है तो इस प्रोजेक्ट से बहुत उम्मीद की जा सकती है। जाति विनाश कैसे होगा इसकी विस्तार से चर्चा करने से पहले दो वक्तव्य याद रखिये। महान आयरिश लेखक, विचारक और नाटककार जार्ज बर्नार्ड शॉ से एक बार किसी ने […]

साठ साल में पहली बार प्रेस क्लब से गिरफ्तारी

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1 year ago

वर्ष 1968 में लालबाग क्षेत्र में ‘चाइना गेट’ नाम का जो भवन यूपी प्रेस क्लब को सरकार ने दस साल की लीज पर दिया उसमे पहली बार पुलिस ने प्रवेश कर एक पूर्व आईपीएस एसआर दारापुरी, प्रोफ़ेसर रमेश दीक्षित समेत आठ लोगों को सोमवार को गिरफ्तार किया. प्रेस क्लब के इतिहास में यह पहली बार हुआ ऐसा बताया जा रहा […]

अगर ‘जुनैद’ न होता तो वो ज़िंदा होता

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1 year ago

“मज़हब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना, हिंदी हैं हम वतन है हिंदोस्तां हमारा”… इन पंक्तियों को तबतक पढ़ें जबतक आप खुद को यकीन न दिला सकें कि ये किताबी बातें हैं जिनका वास्तविकता से कोई सरोकार नहीं है। ये पंक्तियां सभागारों में पढ़कर फूले न समाने के लिए ठीक हैं, संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में भारतवर्ष को परिभाषित करने के […]

हमें भी इंसाफ करने का अधिकार मिलता तो इनका तनता-सिकुड़ता जोश उखाड़ फेंकते

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1 year ago

जो औरत आपको तस्वीर में दिखाई दे रही है वो कोई ऐसी वैसी औरत नहीं है। ये है इस विश्वगुरु, अखंड भारत की ज़मीन पर पैदा हुई दुर्गा काली अन्नपूर्णा। ये जो मंजर है.. वो दरअसल भगवान की लीला है, जिसमे उसके भक्तों की जुबानी घोषित देवी के कपड़े फाड़े गए, बीच बाजार नंगा किया गया और अंत मे पीट […]

श्रेष्ठा ठाकुर ने पंडावादी मर्दों के गिरोह को दिखाया आईना

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1 year ago

एक तो मातहत, उस पर औरत, मुंह खोलने और जुबान लड़ाने की हिम्मत कैसे हुई..!!! पुलिस अफसर श्रेष्ठा ठाकुर का तबादला एक प्रतिनिधि मामला है कि पंडावादी मर्दवाद अपनी सत्ता को लेकर किस कदर हर वक्त चौकन्ना रहता है, और अपने शासितों को कैसे हर वक्त अपनी ‘हैसियत’ में रहने का संदेश देता रहता है! श्रेष्ठा ठाकुर ने पंडावादी मर्दों […]

“रंग से जाति पता लगाओ प्रतियोगिता”

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1 year ago

वैसे तो लड़कियों के इनबॉक्स में रोज़ तमाम तरह के मैसेज आतें हैं, पर बीते दिनों कुछ लड़कियों के जो मैसेज आए उन्होनें मुझे लिखने पर मजबूर कर दिया। पहाड़ों पर घुमक्कड़ी की कई फ़ोटो के अपलोड के दौरान बहुत से कॉमेंट और मैसेज मिले, लेकिन मेरी लड़की दोस्तों ने जो लिखा वो लगभग कई बहुजन लड़कियों के अतीत-वर्तमान और […]

..वो तुम नीच नामर्द ही होते हो, जो उस रंडी के दरबार में स्वर्ग तलाशने जाते हो

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1 year ago

आदरणीय मर्द जात :- हम जैसी बोल्ड और सोशल साइट पर लिखने वाली महिलाओं को अपना विरोध या गुस्सा दिखाने के लिए कुछ लोग फ़ेसबुक पर इन (रंडी वैश्या छिनाल) शब्द को सरेआम लिख/बोल रहे हैं। परंतु रंडी शब्द ना तो आपका विरोध दिखाता है, ना ही आपका गुस्सा। ये सिर्फ़ एक चीज़ दिखाता है, वह है आपकी घटिया मानसिकता […]

GST की चोट से अपंग हो जाएंगे किसान

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1 year ago

मध्य प्रदेश के मंदसौर में किसानों पर गोली चलवा बीजेपी अपना किसान विरोधी चेहरा उजागर कर चुकी है। मंदसौर के संहार में 6 किसानों ने अपनी जान गवां दी। जनवरी 2017 में जारी राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों को मुताबिक, किसान आत्महत्याओं में 42% की बढ़ोतरी हुई है। आत्महत्या के सबसे ज्यादा मामले बीजेपी शासित महाराष्ट्र में सामने […]

हम बड़ी धूम से बस शोक मना लेते हैं

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1 year ago

आरएसएस के विचारक हैं राकेश सिन्हा, हंसी तो इस बात पर आ जाती है कि आरएसएस में विचारक नहीं प्रोपगेंडिस्ट पैदा होते हैं फिर भी वे खुद को विचारक बताते हैं। खैर राकेश सिन्हा ने बीबीसी पर जुनैद की हत्या पर लेख लिखा है। लेख में उन्होंने कहने की कोशिश की है कि जुनैद की हत्या को सांप्रदायिक चश्मे से […]

भीड़ के इस रूप के बारे में आपका क्या ख्याल है?

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1 year ago

यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता:। यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः।। यह कहने वाले इस देश में पहले एक मानसिक रूप से विक्षिप्त औरत को बच्चा चोरी का आरोप लगा कर पहले ट्रैक्टर से बांधा जाता है, निःवस्त्र किया जाता है और इतनी पिटाई की जाती है कि वह मर जाती है और ये सब हुआ केवल शक के आधार […]

यह पोस्टर क्यों वायरल हो रहा है?

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1 year ago

हत्यारों का गिरोह हत्यारों के गिरोह का एक सदस्य हत्या करता है दूसरा उसे दुर्भाग्यपूर्ण बताता है तीसरा मारे गए आदमी के दोष गिनाता है चौथा हत्या का औचित्य ठहराता है पांचवां समर्थन में सिर हिलाता है। और अंत में सब मिलकर बैठक करते हैं अगली हत्या की योजना के संबंध में। (राजेंद्र राजन राजन की कविता से प्रेरित इस पोस्टर […]

90 का दशकः वंचितों की सामाजिक इन्साफ की लड़ाई बनाम ब्राह्मणवाद का जंगलराज

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1 year ago

बिहार ही नहीं पूरे देश के अभिजात्य वर्ग की मीडिया और बुद्धिजीवी वर्ग ने एक साजिश के तहत यह बहस स्थापित किया की 1990 के बाद बिहार बर्बाद हो गया। इन जनता दली समाजवादियों और लालू यादव ने शिक्षा व्यवस्था को चौपट कर दिया है। 70 के दशक मे जब प्रसिद्ध समाजवादी नेता, सामाजिक न्याय के पुरोधा कर्पूरी ठाकुर जी […]

हिंदी हिंदू हिंदोस्तान का नारा बुलंद करने वाले ढोंगी हैं- सुनील यादव

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1 year ago

नई दिल्ली। मीनाक्षी लेखी के हिंदी न लिख पाने का प्रकरण सोशल मीडिया पर तैर रहा है सवाल यह नहीं है कि वो हिंदी नहीं लिख पाईं सवाल सिर्फ इतना है कि हिंदी हिंदू हिंदोस्तान का नारा बुलंद करने वाले कितने ढोंगी हैं। इसके साथ जो सबसे अधिक महत्वपूर्ण है वो यह है कि इस तरह की गलती किसी आरक्षित […]

मी लॉर्ड, आप जजों की नियुक्ति में कंपिटिशन से क्यों डरते हैं?

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1 year ago

न्यायपालिका जान-पहचान वालों, और स्वजातीय लोगों के गिरोह में तब्दील हो चुकी है। भारत दुनिया का अकेला लोकतंत्र है, जहाँ उच्च न्यायपालिका में जजों का समूह ही जजों की नियुक्ति करता है। अन्य तमाम देशों में जजों की नियुक्ति में कार्यपालिका की किसी न किसी स्तर पर भूमिका होती है। चुनी हुई सरकार की जजों की नियुक्ति में भूमिका से […]

हत्याओं का स्थानीयकरण और राष्ट्रीय रवैया

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1 year ago

हिंदुस्तान मुसलमानों की कत्लगाह में तब्दील होता जा रहा है। दिल्ली की सीमा पर लगे वल्लभगढ़ के पास चलती ट्रेन में दिन दहाड़े तीन मुस्लिम नौजवानों पर हमला, जिसमें एक की चाकू के वार से मौत हुई, न तो पहला है और न आख़िरी होनेवाला है। ठीक उसी के साथ खबर आई कि झारखंड में चतरा के पिपरवा में पुलिस […]

‘माई का दूध पिया है तो आरक्षण खत्म करके दिखाओ!’

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1 year ago

बिहार चुनाव के पहले मोहन भागवत के बयान के बाद लालू प्रसाद ने आरएसएस-भाजपा को चैलेंज दिया था और चुनाव में अच्छी जीत हासिल की! लालू जी, मोहन भागवत के आरएसएस-भाजपा की सरकार ने आपके उस चैलेंज को स्वीकार कर लिया है, अब आप साबित कीजिए कि जीत हासिल करने के अलावा आप क्या कर सकते हैं..! अब बरास्ते अदालत […]

हिंदी साहित्य में इमरान प्रतापगढ़ी क्यों नहीं हैं?

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1 year ago

इमरान प्रतापगढ़ी नाम के एक युवा उर्दू मंचीय शायर ने मुसलमानों को हाथ में काली पट्टी बाँध कर ईद मनाने के लिए कहा। यह एक मुसलमान लड़के की मॉब लिंचिंग की घटना पर प्रतीकात्मक विरोध के लिए था। अपनी इस मुहिम में इमरान एक हद तक सफल भी रहा। समाज से जुड़ने का यह लाभ है, कि समाज तक आप […]

बहुजनो कब जागोगे, आपके बच्चे खतरे में हैं…

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1 year ago

सीबीएसई ने नीट में सवर्णों छात्रों को आऱक्षित कर दिया है। इसे लेकर एक व्यापक बहस शुरू हो चुकी है। इस कदम को आरक्षण खत्म करने की शुरूआत के तौर पर देखा जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद सीबीएसई ने देशभर में इसे लागू कर दिया है। इसके अनुसार आरक्षित वर्ग का उम्मीदवार चाहे सबसे ज्यादा […]

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