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क्या प्रधानमंत्री मोदी रेड्डी बंधुओं पर बिना पेपर के 5 मिनट बोल सकते हैं?

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6 months ago

बेल्लारी के रेड्डी बंधुओं के कारण राज्य को कितने राजस्व का नुकसान हुआ, इसके तीन आंकड़े हैं। संतोष हेगड़े की रिपोर्ट के अनुसार 12,000 करोड़ का नुकसान हुआ। सिद्धारमैया सरकार की एच के पाटिल कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार 1 लाख करोड़ के राजस्व का नुकसान हुआ। ये कर्नाटक के एक साल के बजट के बराबर है। 2 जी केस […]

पेट्रोल हुआ महंगा मगर लोगों को अफसोस कि 150 रुपये लीटर क्यों नहीं ?

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6 months ago

2014 के बाद से लोगों की आर्थिक क्षमता ज़रूर बढ़ी होगी तभी मुंबई में 81 रुपये 93 पैसे लीटर पेट्रल लोग ख़रीद रहे हैं। डीज़ल भी 69 रुपये 54 पैसे प्रति लीटर हो गया है। नोट करने वाली बात है कि एटीएम में पैसे नहीं है। फिर भी नोटबंदी से ज़्यादा नगद चलन में है। इसके बाद भी लोग खुश […]

जब मीडिया नहीं होगा तो आदमी को ही मीडिया बन जाना होगा- रवीश कुमार

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7 months ago

जज लोया की मौत की रिपोर्टिंग के लिए मीडिया का बड़ा हिस्सा शांत रहा। मौत की परिस्थिति पर ही सवाल उठे हैं और मांग जांच की हुई है, इसके बाद भी इस सामान्य मांग पर सबने किनारा कर लिया। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो चुकी है और फ़ैसला सुरक्षित है। इस बीच कैरवान पत्रिका की रिपोर्ट सिहरन पैदा करती है […]

जब सड़कों पर दलित-पिछड़ों ने दिखाया दम तो RSS भी देने लगा सफाई

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7 months ago

दलित भाईयों के द्वारा उच्चतम न्यायालय के फैसले के विरुद्ध भारत बंद से देश की सभी भाजपा सरकारें, केन्द्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ सकते में है। सभी बैकफुट पर हैं, केन्द्र सरकार तुरंत पुनर्विचार याचिका लेकर पंडिज्जी के पास पहुंची तो राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने तुरंत सफाई दी कि अदालत के इस फैसले से उसका कोई लेना […]

प्रधानमंत्री के हमारे मेहुल भाई और रविशंकर प्रसाद के जेंटलमैन चौकसी

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8 months ago

“कितना ही बड़ा शो रूम होगा, हमारे मेहुल भाई यहां बैठे हैं लेकिन वो जाएगा अपने सुनार के पास ज़रा चेक करो।“ ये शब्द प्रधानमंत्री के हैं। यू ट्यूब पर हैं। PM Narendra Modi at the launch of Indian Gold Coin and Gold Related Schemes नाम से टाइप कीजिए, प्रधानमंत्री का भाषण निकलेगा। इस वीडियो के 27 वें मिनट से […]

चिकित्सा विज्ञान को चुनौती देकर अंधविश्वास फैलाते विज्ञान के सिद्धहस्त

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8 months ago

पिछले दिनों देश के कुछ अखबारों में एक अध्या‍त्मिक समागम का दो सम्पूर्ण पृष्ठ वाला विज्ञापन प्रकाशित हुआ, ऐसे विज्ञापन बड़े-बड़े होर्डिगं, फ्लेक्स, बैनर, पोस्टर पूरे रायपुर शहर में लगाए गए. विज्ञापन में या दावा किया गया कि ऐसे तमाम रोग जिसमें चिकित्सा विज्ञान नाकाम हो गया है. उन्हें इस दो दिवस के समागम में ठीक किया जाएगा. इस विज्ञापन […]

आंबेडकर बनाम हेडगेवार: जाति विनाश बनाम समरस एकात्मवाद

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9 months ago

पुणे के पास भीमा कोरेगांव में दलितों के सालाना जमावड़े पर हमले और उसके बाद के आंदोलन से संघ यानी आरएसएस चिंतित है. मध्य प्रदेश के विदिशा में चल रही संघ के मध्य क्षेत्र की समन्वय बैठक में इसके संकेत नजर आए, जहां संघ प्रमुख मोहन भागवत ने आह्वान किया कि काम करने वालों को मकर संक्रांति के दिन तिल […]

रवीश कुमार की अपील- सरकारी नौकरी खत्म, इस पोस्ट को दस लाख नौजवानों तक पहुंचाएं

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9 months ago

ऐसी ख़बरें आ रही हैं कि सरकार पांच साल से ख़ाली पड़े पद समाप्त करने जा रही हैं। यह साफ नहीं है कि लगातार पांच साल से ख़ाली पड़े पदों की संख्या कितनी है। अवव्ल तो इन पर भर्ती होनी चाहिए थी मगर जब नौजवान हिन्दू मुस्लिम डिबेट में हिस्सा ले ही रहे हैं तो फिर चिन्ता की क्या बात। […]

चुनाव के वो लोकलुभावन वादे और बेरोजगारी की खाई में गिरते युवा

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9 months ago

बेरोजगारी एक ऐसा शब्द जिसका मायने किशोरावस्था तक मुझे या ज्यादातर लोग को नहीं पता रहा होगा, किशोरावस्था यानि स्कूल की आखिरी सीढ़ी से कॉलेज में घुसने तक का समय, कॉलेज में घुसने के बादचंद महीनो बाद ही इस सर्फ़ दंश के भी भयानक जहर का अंदाजा जब अपने सीनियर्स को बेरोजगार घूमते देखा तो लग गया, बिना किसी के […]

दुनिया की सबसे महंगी जाति जनगणना के आंकड़े कहां हैं?

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9 months ago

सबसे महंगी गिनती की अगर कोई ग्लोबल लिस्ट बने तो उसमें भारत की आर्थिक और जाति जनगणना को जगह जरूर मिलेगी. केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक इस जनगणना पर कुल 3,543 करोड़ रुपए खर्च होने थे. 2011 में शुरू हुई यह जनगणना लगातार लंबी खिंचती चली गई और 31 मार्च 2016 को जब इस जनगणना का काम पूरा हुआ […]

महिलाओँ के लिए शिक्षा के द्वार खोलने वाली देश की प्रथम शिक्षिका सावित्री बाई फूले को नमन

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10 months ago

अगर सावित्रीबाई फुले को प्रथम महिला शिक्षिका, प्रथम शिक्षाविद् और महिलाओं की मुक्तिदाता कहें तो कोई भी अतिशयोक्ति नही होगी, वो कवयित्री, अध्यापिका, समाजसेविका थीं। सावित्रीबाई फुले बाधाओं के बावजूद स्त्रियों को शिक्षा दिलाने के अपने संघर्ष में बिना धैर्य खोये और आत्मविश्वास के साथ डटी रहीं। सावित्रीबाई फुले ने अपने पति ज्योतिबा के साथ मिलकर उन्नीसवीं सदी में स्त्रियों […]

क्या आपने कभी सोचा है कि ज्यादातर दलित, पिछड़े, आदिवासी और अल्पसंख्यक अफसर बेईमान क्यों नहीं है?

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10 months ago

क्या आपने कभी सोचा है कि ज्यादातर दलित, पिछड़े, आदिवासी और अल्पसंख्यक अफसर बेईमान क्यों नहीं है? किसी दफ्तर में इन समूहों के कर्मचारी और अफसर सबसे कम रिश्वतखोर क्यों होते हैं? सवर्णों के बराबर वेतन के बावजूद एक बहुजन अफसर की गाड़ी छोटी क्यों होती है? इनके मकान छोटे क्यौं होते हैं? यह जानने के लिए एक सवाल का […]

लालू यादव ‘ललुआ’ हो गए, जगन्नाथ मिश्रा ‘जगन्नाथ बाबू’ ही बने रहे, यही तो खेल है

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10 months ago

उसी चारा घोटाले में फसने पर जगन्नाथ मिश्रा ‘जगन्नाथ बाबू’ बने रहते हैं, पर लालू प्रसाद ‘ललुआ’ हो जाते हैं। लालू प्रसाद से ‘ललुआ’ तक की फिसलन भरी यात्रा में लालू प्रसाद की सारथी रही मीडिया का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करना चाहिए। सांप्रदायिकता से जूझने वाला सियासतदां, पत्थर तोड़ने वाली भगवतिया देवी, जयनारायण निषाद, ब्रह्मानंद पासवान, आदि को संसद भेजने वाले, […]

ज्योतिबा और डॉ. अंबेडकर में एक समानता और एक स्वाभाविक प्रवाह को देखने की आवश्यकता

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11 months ago

ज्योतिबा फुले और आम्बेडकर का जीवन और कर्तृत्व बहुत ही बारीकी से समझे जाने योग्य है. आज जिस तरह की परिस्थितियाँ हैं उनमे ये आवश्यकता और अधिक मुखर और बहुरंगी बन पडी है. दलित आन्दोलन या दलित अस्मिता को स्थापित करने के विचार में भी एक “क्रोनोलाजिकल” प्रवृत्ति है, समय के क्रम में उसमे एक से दूसरे पायदान तक विकसित […]

1967 से समाजवाद की अलख जगा रहे गणेश यादव का यूपी विधानसभा चुनाव 2017 में क्या था रोल?

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11 months ago

हमारा विधानसभा क्षेत्र रामपुर कारखाना 339 है। यह 2012 में नए विधानसभा क्षेत्र के रूप में सृजित हुवा। हमारे वहां से इस नवसृजित विधानसभा क्षेत्र से विधायक श्रीमती गजाला लारी जी थीं तथा 2017 में उन्हें ही पुनः टिकट मिला था। 2012 के चुनाव में मैं भी टिकट का अभ्यर्थी था लेकिन गजाला जी टिकट पा गयीं और हमलोग साथ […]

क्या मैं हर किसी की उम्मीद बन सकता हूं?

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12 months ago

हर बातचीत इसी बात से शुरू होती है कि मैं ही उम्मीद हूं। हर बातचीत इसी बात पर ख़त्म होती है कि आपसे ही उम्मीद है। ऐसा कोई दिन नहीं होता है जब बीस से पचीस फोन अलग अलग समस्याओं को लेकर न आते हों। बातचीत से ही कॉलर की लाचारी और पीड़ा झलकने लगती है, बात करते करते मैं […]

‘राष्ट्र को नोटबंदी की सालगिरह का तोहफ़ा हैं मुकुल रॉय’

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12 months ago

8 नवंबर को नोटबंदी की पहली सालगिरह है। इस मौके पर मुकुल रॉय से अच्छा नेशनल गिफ्ट क्या हो सकता है। बिना वजह काले धन के आरोपी दूसरे दलों में घूमते दिखे, यह नोटबंदी की सफलता के ऑप्टिक्स के लिए भी अच्छा नहीं है। इसलिए बीजेपी उन्हें अपने घर ले आई। अब भाषण ही तो देना है तो दो घंटे […]

प्रधानमंत्री जी गुजरात के वे 50 लाख घर कहां हैं?

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12 months ago

2012 में जब गुजरात में चुनाव करीब आ रहे थे तब गुजरात में घर को लेकर काफी चर्चा हो रही थी। कांग्रेस ने गुजरात की महिलाओं के लिए घर नू घर कार्यक्रम चलाया था कि सरकार में आए तो 15 लाख प्लाट देंगे और 15 लाख मकान। कांग्रेस पार्टी के दफ्तरों के बाहर भीड़ लग गई थी और फार्म भरा […]

मेरा भारत महान! क्या सच में….

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12 months ago

जब बचपन मे स्कूल जाते थे तो ट्रकों, मकान के आगे, स्कूल के गेट पर लिखा मिलता था मेरा भारत महान। बच्चे थे समझ नही पाते थे इसका मतलब टीचर से पूछा तो उसने बताया था कि मेरा जो भारत है वो सबसे अच्छा है। पूरी दुनिया मे सबसे अच्छा, सर्वोपरी है। यहां 6 ऋतूएं हैं, दुनिया के महान ग्रंथ […]

किसानों का मरना राष्ट्रहित नहीं होता है क्या?

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12 months ago

तमिलनाडु के तिरुनेवेली ज़िले में साहूकार ने एक परिवार को इतना तंग कर दिया कि परिवार के तीन सदस्यों ने ख़ुद को जला डाला है। तीन लोग मर गए। सोमवार सुबह इसाक्की मुथु, उनकी पत्नी सुबुलक्ष्मी, पांच साल की मदिसरन्या डेढ़ साल के अक्षय भरनी ने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया। हम सब इसे देख रहे हैं. बर्दाश्त कर रहे […]

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आम्रपाली ग्रुप की करतूतों ने रियल एस्टेट मार्केट के विश्वास को तहस नहस कर दिया।

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सुहेल सेठ से नाबालिग के साथ उत्पीड़न और मायावती के खिलाफ आपत्तिजनक ट्वीट पर प्रश्न क्यूँ नहीं किया जाना चाहिए?

‘बच्चा अभी हुआ नहीं लेकिन लड्डू तीन बार खा गई मोदी सरकार’

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रेलवे राज्य मंत्री राजेन गोहेन: पिछले 3 सालों में लगभग 50 हजार लोग रेलवे ट्रैक पर रेल दुर्घटना के कारण गवा चुकें है जान

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ओडिशा में पेट्रोल से हुआ महंगा डीजल, सरकार की नीतियों पर उठे सवाल

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पश्चिम बंगाल में आदिवासी महिला के साथ हुआ निर्भया जैसा कांड

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कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से शेयर बजार में आई बहार, सेंसेक्स 300 अंकों की बढ़त से खुला

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