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पूर्व वित्तमंत्री सिन्हा का मोदी पर पलटवार-अर्थव्यवस्था का चीरहरण होगा तो खामोश नहीं रहूंगा

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नई दिल्ली। पूर्व वित्‍तमंत्री व वरिष्‍ठ भाजपा नेता यशवंत सिन्‍हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर पलटवार किया है। सिन्हा ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि अर्थव्यवस्था का चीरहरण होगा तो मैं खामोश नहीं रहूंगा, बोलूंगा। उन्होने आगे कहा, मैने तो सोचा था कि प्रधानमंत्री किसी राज्यमंत्री को आगे करेंगे, लेकिन मेरे सवालों का जवाब देने के लिए खुद आगे आ गए, ये देखकर मुझे आश्चर्य हुआ।

सिन्हा ने कहा, “प्रधानमंत्री ने खुद देश की जनता के सामने कुछ बातें रखी हैं तो यह स्वागत योग्य है। और यह डिबेट आगे बढ़ना चाहिए। और उसी डिबेट को आगे बढ़ाते हुए मैं आपसे कहूंगा कि आंकड़ों का जो खेल होता है न वह बहुत खतरनाक होता है। इन आंकड़ों के बल पर आप एक पक्ष साबित करेंगे तो उन्हीं पर मैं दूसरा पक्ष साबित कर सकता हूं। इसलिए इनके साथ हमें जमीनी हकीकत भी देखनी चाहिए।”

पूर्व वित्तमंत्री से जब पूछा गया कि पिछली सरकार में 8 बार जीडीपी 5 प्रतिशत से नीचे गई और इस एक तिमाही में ही ऐसा हुआ? तो सिन्हा ने कहा, एक तिमाही में ही ऐसा नहीं हुआ है। इसके पहले वाली तिमाही में भी ऐसा हुआ है। उस तिमाही में भी जीडीपी 5.7% से भी कम रहा था। इसलिए छह तिमाही से लगातार जीडीपी नीचे आ रही है। उन्होने आगे कहा, जब आप 2019 में चुनाव में जाएंगे, तब लोग आपसे ये नहीं पूछेंगे कि यूपीए सरकार की तुलना में कितना काम किया, लोग आपसे पूछेंगे कि आपने जो वादे किए थे, उनका क्या हुआ? इसके जवाब में हम कहेंगे कि हमने यूपीए से बेहतर काम किया है तो वे इस रिस्पॉन्स से सहमत नहीं होंगे।

सिन्हा से जब पूछा गया मोदी ने कहा कि बहुत सारे लोग ऐसे हैं, जिन्हें तब तक नींद नहीं आती, जब तक वे बुराई न कर लें। उन्होंने कर्ण के सारथी शल्य का हवाला दिया है? तो उन्होने जवाब में कहा, महाभारत में हर तरह के कैरेक्टर हैं। एक शल्य का भी चरित्र था। शल्य कौरवों के पक्ष में क्यों गया, इसकी कहानी सभी जानते हैं। दुर्योधन ने उन्हें ठग लिया। वो तो नकुल और सहदेव के मामा थे। उन्हें तो पांडवों की तरफ से लड़ना था, लेकिन ठगी के शिकार हो गए। महाभारत में एक और कैरेक्टर भीष्म पितामह का है। उनका बहुत अच्छा चरित्र है। लेकिन आज भी वो इतिहास में दोषी माने जाते हैं, जब द्रोपदी का चीरहरण हो रहा था। तब भीष्म पितामह खामोश थे। मैं कहना चाहता हूं कि अगर अर्थव्यवस्था का चीरहरण होगा तो मैं खामोश नहीं रहूंगा और बोलूंगा। ​

बता दें कि बुधवार (4 अक्टूबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहा था कि कुछ लोग महाभारत के कर्ण के सारथी रहे शल्य की तरह होते हैं, ये लोग दूसरों में केवल निराशा फैलाते हैं।

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