ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
राजनीति

बाबा साहब और मान्यवर कांशीराम की देन है दोनों तरफ से दलित उम्मीदवार होना: मायावती

mayawati praised baba saheb

नई दिल्ली। राष्ट्रपति चुनाव की वोटिंग शुरू होते ही बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती का बड़ा बयान आया है। मायावती ने कहा कि यह पहली बार है कि सत्ता और विपक्ष की ओर से दलित उम्मीदवार मैदान में उतारा गया है। जीत या हार किसी की भी हो लेकिन राष्ट्रपति दलित ही होगा। राज्यसभा सांसद मायावती ने कहा कि यह देन बाबा साहेब अंबेडकर की है, माननीय कांशीराम जी की है और बहुजन समाज पार्टी की है।

मुख्य बातें-

  1. दलित होने की स्थिति में मायावती ने किया था बेहतर उम्मीदवार को वोट देने का ऐलान
  2. विपक्ष ने मीरा कुमार को उतारा है मैदान में
  3. बीजेपी ने पहले ही खेल दिया था दलित कार्ड
  4. 20 जुलाई को खुलेंगे वोट

बता दें कि मायावती की पार्टी बसपा के लोकसभा में कोई सांसद नहीं हैं, वहीं यूपी में बसपा के 19 विधायक हैं। हालांकि बसपा की ओर से राज्यसभा में 6 सासंद हैं। आपको बता दें कि एनडीए ने रामनाथ कोविंद को उम्मीदवार घोषित कर दलित कार्ड खेला था, इसके बाद यूपीए ने भी इसे आगे बढ़ाते हुए पूर्व उप प्रधामंत्री बाबू जगजीवन राम की बेटी मीरा कुमार को प्रत्याशी बनाया। मीरा कुमार लोकसभा स्पीकर रह चुकी हैं। वे बिहार से आती हैं।

वहीं दूसरी तरफ एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद मूलत: उत्तर प्रदेश से आते हैं, रामनाथ कोविंद दलित हैं। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को खत्म हो रहा है, जिसके अगले दिन यानी 25 जुलाई को नए राष्ट्रपति पदभार ग्रहण करेंगे।

सियासी समीकरणों को देखें तो इस चुनाव में एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद की जीत पक्की मानी जा रही है। राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ में शामिल दोनों उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और मीरा कुमार दलित समुदाय से आते हैं और उन्होंने देशभर में घूम-घूम कर विधायकों का समर्थन हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की है।

https://www.youtube.com/watch?v=YSrrajn42iU

ये होता है सांसद और विधायकों के वोट का वैल्यू
राष्ट्रपति चुनाव में हर सांसद के वोट का वैल्यू 708 है, जबकि विधायकों के वोटों का मूल्य उनके राज्यों की आबादी के अनुसार होगा, जैसे उत्तर प्रदेश के एक विधायक के वोट का वैल्यू 208, जबकि अरुणाचल जैसे कम आबादी वाले राज्य के विधायक के वोट का मूल्य 8 बैठता है। ऐसे में कोविंद को निर्वाचक मंडल के कुल 10,98,903 मतों में से 63 फीसदी से ज्यादा मत मिलने की संभावना है।

https://www.youtube.com/watch?v=W89kIHxe4Qw

राष्ट्रपति चुनाव में कोई भी राजनीतिक दल अपने विधायकों और सांसद को अपने प्रत्याशी को वोट देने के लिए व्हिप नहीं जारी कर सकता। यानी विधायक और सांसद अपनी मर्जी से वोट दे सकते हैं और पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ वोट करने पर उनकी कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकती।

संपादन- भवेंद्र प्रकाश

Latest अपडेट के लिए National Dastak पेज को Like और Follow करे

To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved