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नोटबंदी से सिर्फ 34 दिनों में चली गई 35 फीसदी नौकरियां, मार्च तक दोगुनी होगी बेरोजगारी- रिपोर्ट

Created By : नेशनल दस्तक ब्यूरो Date : 2017-01-09 Time : 14:21:25 PM


नोटबंदी से सिर्फ 34 दिनों में चली गई 35 फीसदी नौकरियां, मार्च तक दोगुनी होगी बेरोजगारी- रिपोर्ट

नई दिल्ली। पीएम मोदी की नोटबंदी ने देश की अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। यह हम नहीं कह रहे हैं बल्कि ऑल इंडिया मैन्युफैक्चरर्स ऑर्गनाइजेशन यानि AIMO द्वारा की गई एक स्टडी से पता चला है। स्टडी में कहा गया है कि नोटबंदी का फैसला लागू होने के 34 दिन के भीतर ही सूक्ष्म-लघु स्तर के उद्योगों में 35 फीसदी नौकरियां चली गईं वहीं राजस्व में भी 50 फीसदी की गिरावट हुई। 


आपको बता दें AIMO भारत में निर्माताओं (मैन्युफैक्चरर्स) की सबसे बड़ी संस्था है। AIMO द्वारा की गई एक स्टडी में मार्च 2017 से पहले नौकरियों  में 60 फीसदी की गिरावट और राजस्व 55 फीसदी घटने के संकेत दिए हैं। AIMO के अंतर्गत मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट से जुड़े 3 लाख सूक्ष्म, मध्यम और बड़े स्तर के उद्योग आते हैं।

 

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स्टडी में कहा गया है कि लगभग सभी उद्योगों में एक ठहराव देखने को मिला है, लेकिन छोटे और मध्यम स्तर के उद्योग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। अध्यन में कहा गया, “AIMO सरकार द्वारा उठाए गए इस तरह के बड़े कदम (नोटबंदी) के तत्काल प्रभाव को समझता है, लेकिन एक महीने बाद भी इंडस्ट्री में सुधार नहीं हो पाया है।” नोटबंदी के प्रभाव को लेकर AIMO की यह तीसरी स्टडी है, जिसे पिछले महीने सभी सदस्यों को भेजा गया था। जल्द ही चौथी स्टडी भी आने वाली है। 

 


स्टडी के मुताबिक उद्योगों को प्रभावित करने वाले कारकों में कैश की किल्लत, पैसे निकालने की लिमिट, स्टाफ की अनुपस्थिति, कमजोर रुपया, रियल स्टेट सेक्टर का रुक जाना, विदेशियों में भय, कमजोर तैयारी, जीएसटी को लेकर अनिश्चितता का भी योगदान रहा।

 

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इस अध्यन की मुख्य बातें इस प्रकार थीं-

 

बड़े सड़क निर्माण जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट से जुड़े मध्यम और बड़े स्तर के उद्योगों में 35 फीसदी नौकरी घटीं और 45 फीसदी राजस्व में गिरावट हुई। मार्च तक नौकरी और राजस्व में 40 फीसदी गिरावट होने की आशंका है।

 

 

निर्यात से जुड़े मध्यम और बड़े स्तर के उद्योगों, जिसमें विदेशी कंपनियां भी शामिल है; में 30 फीसदी नौकरी और 40 फीसदी राजस्व घटा है। मार्च तक नौकरियां घटने का आंकड़ा 35 फीसदी और राजस्व में गिरावट का आंकड़ा 45 फीसदी हो सकता है।
  

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मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मध्यम और बड़े स्तर के उद्योगों में पहले 34 दिन में सबसे कम नौकरियां (5 फीसदी) गई और राजस्व में 20 फीसदी की गिरावट हुई। यह आंकड़ा मार्च तक 15 फीसदी हो सकता है।

 


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