National Dastak

x

'नया साल सामाजिक न्याय और लोकतंत्र के संघर्ष के नाम'

Created By : नेशनल दस्तक ब्यूरो Date : 2017-01-02 Time : 11:48:29 AM

 'नया साल सामाजिक न्याय और लोकतंत्र के संघर्ष के नाम'

भागलपुर। न्याय मंच, जनसंसद, प्रगतिशील छात्र संगठन एवं सोशलिस्ट पार्टी-इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में 01 जनवरी 2017 को भागलपुर में आयोजित नव वर्ष सांस्कृतिक मेला में 'नया साल सामाजिक न्याय व लोकतंत्र के संघर्ष के नाम' कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस अवसर पर 8 दिसंबर 2016 को भागलपुर कलेक्ट्रियेट में पुलिसिया बर्बरता के खिलाफ न्याय व लोकतंत्र के पक्ष में पोस्टर प्रदर्शित किये गए।

 

पोस्टर प्रदर्शनी के जरिये जेएनयू में जारी सामाजिक न्याय की लड़ाई से एकजुटता प्रदर्शित करने से लेकर सांस्थानिक हत्या के शिकार रोहित वेमुला के इंसाफ व जेएनयू से गायब नजीब अहमद की वापसी की मांग तक के पोस्टर प्रदर्शित किया गया। कई प्रगतिशील कवियों की कविता के पोस्टर भी लगाये गये थे। 

 

 

पढ़ें-मोदी के गुजरात मॉडल का हाल, एक महीने तक नाबालिग से करते रहे दरिंदगी

 

इस अवसर पर भागलपुर पुलिसिया बर्बरता के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान की भी शुरुआत की गई। पुलिसिया बर्बरता के दोषी डीएम-एसडीओ-डीएसपी पर कार्रवाई व भूमि अधिकार की मांग पर मुख्यमंत्री व पटना उच्च न्यायालय के नाम संबोधित हस्ताक्षर अभियान पर सैकड़ों न्याय व लोकतंत्रपसंद नागरिकों ने अपने हस्ताक्षर कर न्याय की आवाज बुलन्द की।

 


उक्त अवसर पर 'बीता साल छोड़ गया सवाल! नया साल संघर्ष व संकल्प का एजेंडा!' विषय पर परिचर्चा भी आयोजित हुई। परिचर्चा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के कानपुर से आये 'भागलपुर: राष्ट्रीय शर्म के 25 साल' पुस्तक के लेखक शरद जायसवाल ने कहा कि केंद्र की सत्ता में ब्राह्मणवादी-सांप्रदायिक- कॉरपोरेटपरस्त ताकतें हैं। इस राज में चौतरफा दलितों-वंचितों-अल्पसंख्यकों महिलाओं पर हमले बढ़े हैं। संविधान व् लोकतंत्र पर हमला बढ़ा है। लेकिन बीजेपी व संघ के सत्ता में आने से रोकने के लिये बिहार की जनता ने नीतीश-लालू को ताकत दी है। लेकिन बिहार में भी दलित-वंचित-अल्पसंख्यकों पर हमला जारी है। उन्हें न्याय व अधिकार से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज तक वंचितों के भूमि अधिकार का सवाल हल नहीं हुआ है, जबकि 26 साल से ज्यादा समय से सामाजिक न्याय की बात करने वालों की सरकार चल रही है। भागलपुर दंगा पीड़ित आज भी न्याय से वंचित हैं तो भूमि अधिकार की मांग करने पर वंचित समुदाय की महिलाओं तक को अर्द्धनग्न कर बर्बरतापूर्वक पीटा जा रहा है। 

 


परिचर्चा को संबोधित करते हुए रिहाई मंच, उत्तरप्रदेश के लक्ष्मण प्रसाद ने कहा कि लालू-नीतीश-मुलायम ने भी दलितों-वंचितों-अल्पसंख्यकों से गद्दारी की है। सामाजिक न्याय के सवालों को हल करने में दलित-पिछड़ावादी राजनीतिई फेल साबित हुई है। परिचर्चा को न्याय मंच के रिंकु ने संबोधित करते हुए न्याय मंच के रिंकु ने कहा कि दलित-पिछड़ों के नाम पर राजनीति करने वाली मंडलवादी राजनीतिई ने भी मण्डल आयोग की सिफारिशों को समग्रता में लागू करने की दिशा में कोई रुचि नहीं दिखाई और उससे हाथ खींचते हुए कुर्सी से चिपके रहे। ये सभी परिवार और निजी स्वार्थ में सवर्ण-सामन्ती ताकतों के तलवे ही सहलाते हुए जबानी जमख़र्ची ही केवल करते रहे, ठोस कदम उठाने से भागते रहे। परिचर्चा को जनसंसद के रामानन्द पासवान, अजीत कुमार, बुद्धिजीवी सच्चिदानन्द इंसान, संतोष कुमार झा, नौजवान संघर्ष सभा के नवीन कुमार, मोहम्द आकिब, प्रगतिशील छात्र संगठन के अंजनी, मानस, स्वतंत्र पत्रकार आशुतोष आर्यन आदि ने संबोधित किया। परिचर्चा का संचालन न्याय मंच के डॉ. मुकेश कुमार ने किया। 

 

इनपुट- ओम सुधा 

भागलपुर


खबरों की अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, ट्विटर और Youtube पर फॉलो करें---




Latest News

मोहसिन शेख हत्याकांड में मुंबई हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ SC में अपील करेंगे परिजन

पटना में छात्रों ने किया जातिगत-वर्णगत भेदभाव के खिलाफ संघर्ष का ऐलान

रोहित वेमुला को इंसाफ के लिए मार्च निकाल रहे छात्रों पर पुलिस का कहर

नोटबंदी से कालाधन नहीं रुकेगा, जिससे रुकेगा वह सरकार ने किया ही नहीं- रिपोर्ट

भारत में 19 जनवरी को होगा लॉन्च Xiaomi Redmi Note 4

चरखे से हटाने के बाद अब गांधीजी की मूर्तियों की बारी!

मोटापे की गिरफ्त में 76 फीसदी आबादीः शोध

गुजरात लौटते ही मोदी पर हमलावर हुए हार्दिक पटेल

भारतीय मीडिया में फैला है भ्रष्टचारः मीनाक्षी लेखी

नर्सरी दाखिले में निजी स्कूलों के मनमाने मानदंड को लेकर शिक्षा मंत्री ने दिया नोटिस

गोंडा में अपरकास्ट गुंडों का दलितों पर कहर

जल्द आ रही है नई फिल्म 'अलिफ़', प्रेस क्लब में डायरेक्टर से मिलिए