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यूपी में लगे 'कश्मीरियों यूपी छोड़ो के पोस्टर'

Created By : आदित्य साहू Date : 2017-04-21 Time : 13:16:19 PM


यूपी में लगे 'कश्मीरियों यूपी छोड़ो के पोस्टर'

मेरठ। देश में जबसे बीजेपी की सरकार बनी है हिंदूवादी संगठनों और इसी तरह के कई संगठनों का बोलबाला बढ़ गया है। ऐसे संगठन आए-दिन अपने पोस्टरों बैनरों से किसी न किसी को धमकियां देते रहते हैं। कुछ ऐसा ही देखने को मिला है योगी आदित्यनाथ के राज्य उत्तर प्रदेश राज्य के मेरठ जिले में। जहां एक स्वघोषित संगठन ने कश्मीरियों के खिलाफ पोस्टर लगाकर उन्हें यूपी छोड़ने की धमकी दी है इस पोस्टर में लिखा है कि 30 अप्रैल तक कश्मीरी यूपी छोड़ें या तो गंभीर परिणाम भुगतने को तैयार रहें।


खबर के अनुसार, दिल्ली-देहरादून राजमार्ग पर 'उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना' नामक संगठन ने लोगों से कश्मीरियों का बहिष्कार करने को कहा है। उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना के प्रमुख अमित जानी ने इंडियन एक्सप्रेस से फोन पर बातचीत में बताया कि वे राज्य में 'जम्मू और कश्मीर बैंक' के बाहर एक कैंप का आयोजन करेंगे और बैंक के खाताधारकों से अपील करेंगे कि कश्मीरियों का वित्तपोषण रोकने के लिए अपने खाते बंद कर दें।

 

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उन्होंने कहा कि इन्हीं फंडों की वजह से कश्मीर घाटी में भारतीय सेना पर पत्थर से हमले किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीरियों के खिलाफ हमारा असहयोग आंदोलन विश्वविद्यालयों में भी चलेगा जहां हमारे लोग कश्मीरियों का सामाजिक बहिष्कार करने की अपील करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा 'उनसे कलाम सलाम बंद करो' आंदोलन तीन महीनें तक चलेगा। वे जल्द ही यूपी छोड़ देंगे।

 


वहीं अधिकारियों ने तत्काल पोस्टर हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। मेरठ के पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने कहा कि किसी को भी कानून को हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। हम जिले में सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

 

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आपको बता दें कि जानी ने तब अपना संगठन बनाया था जब 2010 में शिवसेना ने महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों पर हमला किया था। उनके नाम से मेरठ, जेपी नगर और देहरादून में कम से कम 10 मामले दर्ज किये गए हैं। यहां तक कि कुछ केसों में उनपर पुरस्कार भी घोषित किया गया था।


जानी तब चर्चा में आए थे जब उन्हें बीएसपी सुप्रीमों मायावती की मू्र्ति को छति पहुंचाने के आरोप में जेल जाना पड़ा था। उन्होंने सन 2014 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी से बागपत से टिकट पाने की जोरदार कोशिश की थी।


(संपादन- भवेंद्र प्रकाश)

 


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