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लिखने से डरे IIMC प्रशासन ने हड़बड़ी में रोहिन कुमार का रियल नाम भी जानने की कोशिश नहीं की!

Created By : नेशनल दस्तक ब्यूरो Date : 2017-01-11 Time : 13:17:43 PM

लिखने से डरे IIMC प्रशासन ने हड़बड़ी में रोहिन कुमार का रियल नाम  भी जानने की कोशिश नहीं की!

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर लिखने के कारण अपने इंस्टिट्यूट से सस्पेंड होने वाले रोहिन वर्मा देश के पहले स्टूडेंट हैं। केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत काम करने वाले IIMC ने यह क़दम उठाया है। रोहिन अपने कॉलेज के श्रेष्ठ स्टूडेंट रहे हैं। रोहिन पर लिखने का आरोप है। रोहिन ने ऐसा क्या आपत्तिजनक लिख दिया है, वह IIMC को सार्वजनिक करना चाहिए।

 

इस मामले में खुद रोहिन ने लिखा है...


IIMC ने मुझे ‘ऑनलाइन मीडिया’ पर लिखने की वजह से सस्पेंड कर दिया है
मुझे नोटिस नहीं, सस्पेंशन आर्डर थमाया गया है। लाइब्रेरी और हॉस्टल में ही नही कैंपस तक में आने से मना कर दिया है। गार्ड्स को मेरी तस्वीर दे दी गई है ताकि वो मुझे रोक सके। कारण है हमारा ऑनलाइन मीडिया में लिखना। आर्डर में लिखा है कि हमारा ऑनलाइन मीडिया में लिखना संस्थान के अकादमिक माहौल को ख़राब कर रहा है। कह रहे हैं हमारी लेखनी आईआईएमसी के साथियों को उकसा रही है।


विगत 29/12/2016 को हमारे रेडियो टीवी विभाग के पांच स्टूडेंट्स को सोशल मीडिया पर लगातार लिखने के बावजूद, पहले उन्हें IIMC के disciplinary committee के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस दिया गया। नोटिस के बाद उन्हें पक्ष रखने का मौका देकर कमेटी द्वारा सुनवाई की गई। सुनवाई के बाद उन्हें सम्बन्धित ऑर्डर से सूचित किया गया। जबकि, मेरे मामले में कमेटी के सामने पेश होने सम्बन्धी नोटिस दिए बिना सस्पेंड कर दिया गया। 


ऑर्डर में कमेटी का गठन कब होगा इसकी कोई सूचना नहीं दी गई है। प्रथमदृष्टया (prima facie) ऐसा प्रतीत होता है की प्रशासन ने इतनी जल्दबाजी में ये फैसला लिया की उन्होंने IIMC के ऑफिसियल दस्तावेज में मेरा क्या वास्तविक नाम है इसे पता करना भी जरुरी नहीं समझा। आपको बता दूं, IIMC के ऑफिसियल दस्तावेज में मेरा नाम ‘ROHIN KUMAR’ है और फेसबुक पर ‘ROHIN VERMA’।


अभी मैं अपना कोई पक्ष नहीं रख रहा क्यूंकि लगाये गए आरोप बहुत ही सब्जेक्टिव हैं। हमने आजतक ऐसा कुछ भी नहीं लिखा जो defamatory, discriminatory, harassing, threatening या obscene हैं। आईआईएमसी आये तो चार-पांच महीने ही हुए हैं, ऑनलाइन मीडिया पर काफी वक़्त से लिख रहा हूं लेकिन कभी सोचा नहीं था मीडिया संस्थान ही हमें लिखने के लिए सस्पेंड कर देगा। खैर, अब तो हो ही गया हूं!


आज आप भी हमारे प्रोफाइल से गुजरिये और पता कीजिये आखिर मैं ऐसा क्या लिखता रहा हूं। जिसके लिखे से कैंपस में 'unrest' और 'vitiating academic atmosphere' हो सकता है। जो शक्स अकादमिक माहौल, डिबेट-डिशक्शन को हमेशा वरीयता देता आया हो उसपर ही इसे खराब करने का आरोप मढ़ दिया।

 

पढ़ें- IIMC प्रशासन की तानाशाही, फेसबुक पर लिखने की वजह से छात्र सस्पेंड किया

 

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