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देश की तीसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी ने 600 कर्मचारियों को निकाला

Created By : अंकित राज Date : 2017-04-21 Time : 13:04:16 PM


देश की तीसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी ने 600 कर्मचारियों को निकाला

दिल्ली। देश की तीसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर सर्विस कंपनी विप्रो (Wipro) ने अपने वार्षिक परफोर्मेंस अप्रेजल के आधार पर सैकड़ों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। एक समाचार एजेंसी के मुताबिक, कंपनी ने “वार्षिक मूल्यांकन” के दौरान इन कर्मचारियों को “खराब प्रदर्शन” के आधार पर निकाला है। 

 

विप्रो ने तकरीबन 600 कर्मचारियों को बाहर का रास्‍ता दिखाया है, जबकि ऐसा अनुमान व्‍यक्‍त किया जा रहा है कि यह संख्‍या बढ़कर 2000 तक जा सकती है। दिसंबर 2016 के अंत तक कंपनी के कर्मचारियों की संख्या 1.79 लाख से अधिक थी। 

 

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विप्रो ने पीटीआई से बातचीत के दौरान कहा कि कंपनी नियमित तौर पर “गहन प्रदर्शन मूल्यांकन प्रक्रिया” का पालन करती है ताकि अपने कारोबारी लक्ष्यों, रणनीतिक प्राथमिकताएं और ग्राहकों की मांग के अनुरूप कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित कर सके। कंपनी 25 अप्रैल को पिछले साल की अंतिम तिमाही का कारोबारी ब्योरा और वार्षिक रिपोर्ट पेश करने वाली है। 

 

 

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विप्रो ने आगे कहा कि यह कंपनी की रणनीति प्राथमिकताओं और ग्राहक की जरूरत के अनुसार किया जाता है। इस मूल्यांकन के बाद कुछ कर्मचारियों को नौकरी छोड़नी पड़ती है, जिनकी संख्या हर साल बदलती रहती है। हालांकि, कंपनी ने निकाले गए कर्मचारियों पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

 

 

विप्रो का ये फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में भारतीय प्रवासियों को वीजा देने को लेकर नियम कड़े किए जा चुके हैं। इन देशों के वीजा संबंधी फैसलों से सबसे ज्यादा प्रभावित भारतीय आईटी उद्योग को माना जा रहा है। भारतीय कंपनियां अपने क्लाइंट कंपनी के लिए काम करने के लिए अपने कर्मचारी संबंधित देशों में भेजती रही हैं।

भारतीय आईटी कंपनियां 60% से ज्यादा राजस्व उत्तरी अमेरिका के बाजारों से, जबकि 20% यूरोप से और बाकी अन्य जगहों से जुटाती हैं। ऐसे में इन देशों में वीजा नीति के पहले से ज्यादा सख्त होने जाने के चलते आईटी कंपनियां चुनौती महसूस कर रही हैं।


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