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'समान नागरिक संहिता' पर नीतीश कुमार ने मोदी सरकार को दिखाया आईना

Created By : नेशनल दस्तक ब्यूरो Date : 2017-01-11 Time : 17:00:14 PM

 'समान नागरिक संहिता' पर नीतीश कुमार ने मोदी सरकार को दिखाया आईना

नई दिल्ली। हाल ही में नीतीश कुमार और पीएम मोदी के बीच जारी दोस्ताना से राजनीतिक गलियारों में हलचल मची हुई थी। राजनीतिज्ञ विशेषज्ञ कयास लगा रहे थे इस दोस्ताना से मोदी सरकार को फायदा होगा और वो अपने विवादित बिल ‘कॉमन सिविल कोड’ पर  जदयू का सहयोग ले लेगी। लेकिन आज बिहार सरकार ने इन कयासों पर विराम लगाते हुए ये साफ कर दिया है कि वो फिलहाल मोदी सरकार को ऐसी कोई सहायता नहीं करने वाली है।


बिहार सरकार फिलहाल समान नागरिक संहिता के पक्ष में नहीं हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को बिहार कैबिनेट में इस पर चर्चा कर साफ़ कर दिया कि फ़िलहाल केंद्र को सभी संबंधित पक्षों से और अधिक विचार-विमर्श करना चाहिए।

 

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बिहार सरकार ने केंद्र की प्रश्नावली पर जवाब देने के बजाय केंद्र के राज्यों के विचार जानने के इस तरीके को गलत मानते हुए उलटे सलाह दे डाली कि पहले पक्षों से राय लेकर तब कोई कदम उठाना चाहिए।  

 

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हालांकि नीतीश कुमार का समान नागरिक संहिता पर ये पुरानी लाइन है लेकिन, हाल के दिनों में नोटबंदी को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समर्थन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिहार में लागू किए गए शराबबंदी के समर्थन के बाद भले ही जो भी राजनैतिक कयास लगाया जा रहा हो उसके बाद ये फैसला काफी महत्वपूर्ण है। खासकर राज्य के महागठबंधन के सहयोगी राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के मंत्री और विधायक नीतीश कुमार के इस स्टैंड से अब राहत की सांस ले रहे हैं।

 

आपको बता दें कि नीतीश कुमार ने 1996 में जब बीजेपी के साथ तालमेल किया था तब दोनों के बीच इस बात पर सहमति बनी थी कि बीजेपी चुनाव में या उसके बाद आर्टिकल 370 से छेड़छाड़ नहीं करेगी। समान नागरिक संहिता लाने की कोशिश नहीं करेगी और अयोध्या में राम मंदिर के मसले पर कोर्ट का निर्णय मानेगी।

 

 

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दरअसल राज्य सरकार को आपत्ति केंद्र की प्रश्नावली से थी जिसमें हर मुद्दे पर हां या ना में जवाब मांगा गया था। ये प्रश्नावली राष्ट्रीय विधि आयोग के अध्यक्ष बीएस चौहान ने पिछले साल अक्टूबर महीने में 16 बिंदुओं में भेजी थी। लेकिन, नीतीश सरकार ने विधि विभाग के सलाह पर संबंधित कानून में संशोधन की इस प्रश्नावली पर आधारित तरीके को खारिज कर दिया है।


हालांकि, कैबिनेट की बैठक में उन सारे 16 सवालों के बारे में भी जानकारी दी गई। बिहार में समान नागरिक सहिंता पर महागठबंधन के तीनों दलों में एक विचार हैं और इन दलों का मानना है कि फ़िलहाल केंद्र द्वारा इसे थोपा नहीं जाना चाहिए।

 


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