Switch to English

National Dastak

x

जेएनयू में इंटरव्यू को लेकर क्या है पूरा विवाद

Created By : राजेश कुमार मंडल Date : 2016-12-31 Time : 18:28:20 PM


जेएनयू में इंटरव्यू को लेकर क्या है पूरा विवाद

JNU में (M.Phil/Ph.D) Written Exam (70 Number) के बाद Viva (Interview -30 Number) का होता जो की अभी तक चला आ रहा हैं. Viva marks (30 Number) में दलित-आदिवासी-पिछड़े समुदाय से आने वाले छात्रों के साथ भेदभाव शुरू से ही होता आया हैं. इस तरह के हो रहे भेदभाव पहली बार 2010 में तब सामने आया जब हमलोगों (AIBSF) ने RTI के द्वारा 2010-2011 के written exam और viva का लिस्ट JNU से माँगा तो हमलोगों ने पाया कि अधिकतर दलित-आदिवासी-पिछड़े छात्रों को viva में 0, 0, 1, 2, 3, 5 नंबर तक दिया गया जबकि General Catogery के अधिकतर छात्रों को 26, 25, 23, 24, 20 नम्बर दिए गए. जब Viva में हो रहे भेदभाव खुलकर सामने आया तो हमलोगों ने 2011 में AC (Accadmic Council) मीटिंग के सामने पहली बार viva के marks को कम करने के लिए प्रोटेस्ट किया. उस समय Left अधिकतर अधिकतर संगठनो और JNUSU ने भी हमारा साथ नहीं दिया और आज 2016 में भी jnusu के रवैया वैसा ही हैं और अधिकतर left संगठन (जो अपने को प्रगतिशील/ क्रन्तिकारी/ अति क्रन्तिकारी और न जाने क्या क्या कहते हैं)

 

No automatic alt text available.

 

 

viva के marks को 30 से 10 करने के लिए हमारे साथ खडा नहीं हैं. इसके बाद हर AC मीटिंग 2012, 2013, 2014.... के समय भी हमलोगों ने viva के marks को 30 से घटाकर 10 करने के लिए प्रोटेस्ट जारी रखा... उस समय दो संगठन AIBSF और UDSF ने बड़ी मुस्तेदी से आवाज उठाई और आज पिछले दो सालों से BAPSA, United OBC Forum और अन्य indivisual स्टूडेंट्स viva के marks को 30 से 10 करने के लिए बड़ी सिद्दत और मुस्तेदी से लड़ाई लड़ रही हैं....

 

No automatic alt text available.

 

पिछला AC मीटिंग जो की 10 मई और 27 मई 2016 को हुआ था उसमे यह तय हुआ था कि “A time bound committee has been set up to look at the matter and analyse a the data works submitted by previous JNUSU. After this a decision will be taken on the issue in the next AC meeting committee”. Viva-Voce में हो रहे भेदभाव की जाँच के लिए प्रो. अब्दुल नाफे की अध्यक्षता में एक कमिटी बनाई गयी जिन्होंने 2012-2015 के viva marks के आकड़े की छानबीन कर और राजीव भट्ट कमिटी (2007-2011) की रिपोर्ट के आधार पर अपना रिपोर्ट दिया, जिसमे नाफे कमिटी ने माना कि viva-voce में दलित-आदिवासी-पिछड़े छात्रों के साथ भेदभाव होता हैं इसलिए viva का marks 30 से घटाकर 15 कर देनी चाहिए.

 

No automatic alt text available.

 

अभी 23 दिसम्बर और 26 दिसम्बर 2016 को एक AC मीटिंग हुआ जिसमें BAPSA, United OBC Forum, और अन्य संगठन और Individual छात्रों ने प्रोटेस्ट किया और मांग राखी थी की नाफे कमिटी की रिपोर्ट को तुरंत लागू कर viva के marks को 30 से घटाकर 10 किया जाय. इसके आलावा अन्य minority deprivation points, fee hike और SC, ST, OBC reservation in Faculty Post and Direct PhD प्रमुख मुद्दा था. इन सभी मांगों के लिए प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों (जिसमे viva का marks 30 से 10 कराना प्रमुख था) को JNU के संघी VC जग्गू ने यह कहते हुए की इन छात्रों ने मीटिंग को बाधित और मारपीट किया, 12 दलित-आदिवासी-पिछड़े-माइनॉरिटी छात्रों को JNU से निष्काषित कर उन्हें क्लास रूम, लाइब्रेरी, हॉस्टल और अन्य सुविधाओ से वंचित कर इस कडकडाती सर्दी में अपना बोरिया बिस्तर गोल कर JNU से बाहर जाने का तुगलकी फरमान सुना दिया. JNU के तथाकथित प्रगतिशील/ क्रन्तिकारी/ अति क्रन्तिकारी संगठन और AISA-SFI की JNUSU यूनियन खामोश तमाशा देख रही हैं...
 

No automatic alt text available.

 


खबरों की अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, ट्विटर और Youtube पर फॉलो करें---




Latest News

दिल्ली यूनिवर्सिटी में एबीवीपी की सरेआम गुंडागर्दी

20 साल बाद कोर्ट को पता चला फर्जी था भोजपुर एनकाउंटर

गर्व से कहो, हम गधे हैं!

मुझे प्रधानमंत्री का कुत्ता कहा गया- तारिक फतेह

उमा भारती के गढ़ में सबसे मजबूत नजर आ रही BSP!

झारखंडवासियों को शराब पिला कर लूटना चाहती सरकारः हेमंत सोरेन

भाजपा ने विधायक ने मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा

मोदी के श्मशान वाले बयान की मायावती ने खोली पोल

आर्थिक तंगी और कर्ज ना उतार पाने के कारण किसानों ने की आत्महत्या

सपा को समर्थन करने पर नीतीश ने जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष को निकाला

पांच सालों में मायावती ने कराए खूब काम, मीडिया को दिखीं सिर्फ मूर्तियां

प्ले स्कूल में 3 साल की छात्रा के साथ रेप