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तमिलनाडु में नाई ने दलित के बाल काटने से किया इंकार

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तमिलनाडु में नाई ने दलित समुदाय के लोगों के बाल काटने से किया इंकार , तिरपुर गाँव में बृहस्पतिवार को हुई शांति बैठक में कांगेयम तहसीलदार के डिप्टी सुप्रीटेंडेंट ने कृषणन (नाम बदला दिया गया है) थयामपलयम का एकमात्र नाई जो की कांगेयम गावँ के पास है,उसपर कानूनी कार्रवाई की गई जब एक दलित निवासी ने बताया की कृषणन जो की नाई है उसने बाल काटने से इंकार कर दिया है। लेकिन कृषणन ने उसका  खंडन करते हुआ कहा की उसकी दूकान सबके लिए खुली है। जो की बंद पाई गई।

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500 से अधिक अरुणथथियार समुदाय के लोग कोझुमांघी पंचायत में अन्ना नगर और कोझुमांघी गांवों में और मुधलीपालयम पंचायत के थैम्पालयम में रहते हैं। 200 से ज्यादा लोग नादर, गौंडर और चेट्टियार जाति के लोग इस क्षेत्र में पर अपना प्रभुत्व रखते हैं,दलित ने बताया।

कृष्णन, रुथरावथी जो की कुंडदम के पास हैं उस जगह को छोड़कर दो दशक पहले थैम्पालयम में बस गया था। वह ग्राहक के पास जाता था और सफ्ताह में दो दिन अपनी दूकान खोलता था। लेकिन उसने कभी भी किसी भी अरुणथियायर्स (दलित) को अपनी सेवा प्रदान नहीं की, एक 56 साल के दलित नवासी ने बताया,

” उन्होंने अपनी सेवा केवल पेरियालंगा (प्रमुख समुदायों) को दी है । नतीजतन, हमें एक दूसरे की मदद करने के लिए मजबूर किया गया था। मेरे कुछ रिश्तेदार मेरे पोते के बाल काटते थे। आजकल, मेरे समुदाय के युवा शहरों में सैलून जाते हैं, ”

हालांकि, दलित निवासी इस भेदभाव के बारे में बात करने से डरते है, उन्हें डर है की उनके ऐसा करने से उनकी नौकरी के अवसर खोने और उन पर उत्पीड़न होने का खतरा है। तमिलनाडु अस्पृश्यता उन्मूलन मोर्चा के जिला सचिव सी नंदघगोपाल ने जिला प्रशासन के साथ नाई के खिलाफ शिकायत दर्ज की है।


” हालांकि प्रमुख जाति कोझुमांघी और मुधलीपालयम में अल्पसंख्यक हैं, जो सड़क द्वारा एक दूसरे से अलग बटें हुए है , वे यहाँ शर्तों को निर्देशित करते हैं क्योंकि यहाँ उनकी भूमि है। यहाँ अरुणथियायर्स न केवल बाल कटवाने से वंचित हैं, बल्कि धोभी की सेवा से भी, जो केवल प्रमुख जाति के लोगों के कपड़े धोते है ” उन्होनें कहा।

थैम्पालयम में एक दलित निवासी जिसका नाम नागराज  है, जो एक ऑटोरिक्शा चलाता है उसे इन सब चीजों के नतीजों से डर है। कहता है,

“कुछ लोग और राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से उठाया है। यह हमें सीधे प्रभावित करेगा। अगर मकान मालिक हमें नियोजित न करने का फैसला करते हैं तो हमारे समुदाय के लोगों की आजीविका प्रभावित होगी। “

1 Comment

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  1. subhash Chandra

    September 29, 2018 at 7:11 pm

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    कोंग्रेसी सोच, षड्यंत्रों के चलते भारत में भरस्टाचार, गुंडों का शासन चलत रहा – मेरी अल्प बुद्धि अनुसार ज्ञानी दलितों ने क्या क्या सर्जन किया मुझे पूर्ण ज्ञान नहीं पर रामायण व अन्य बहुत सारे उपनिषद, पूराण प्राचीन ग्रंथो को प्राचीन समय में लिखा था | आजादी पश्चात भी शिक्षा,मानवता नहीं, अभी भी सेक्स पढ़ाया जाता है- भारत की सभ्यता,स्नस्कृति, धर्म वहींन की हत्या-समाप्ति का एक सुनियोजित सडयंत्र था – भारत से कट,बने ईरान(१३७८),अफगानिस्तान,अफग़ानिस्तान,पकिस्तान, इराक +++ में कोई काफिर – बुद्ध,जैन,पारसी, पंडित, दलित,हिन्दू जिन्दा नहीं बचा है? फिर भी अभी गाते हैं “इस्लाम प्रेम,शांति,का प्रतीक धर्म”है |औरंगजेब, गजनी,गाजी, तेमूर, बाबर,++व उनके जिहाद के दारुल इस्लाम को क्यों नहीं पढ़ाया गया? क्योंकि जिहादी नेहरू एक ब्रिटिश जयचंद ही था – एक गुप्त छद्म अनुगामी/ मुसलमान, जवाहरि खान उर्फ़ नेहरू उर्फ़ नकली हिन्दू परिवार ने भारत की शिक्षा,संंस्कृति, मानवता सोच समझी चाल की परिणाम था- भारत की जड़ों में तेजाब डालने हजारों देश भगतों की हत्याओं के अपराध के सडयंत्रो का देश के सामने अभी तो उजागर होना है | याकूब मेमन द्वारा मुंबई ब्लास्ट में सैकड़ों देशवासी मारे गये- इस्लामिक आतंकवादी संसार के 99%आंतकवाद व भारत के हजारों दिल्ली , मुंबई, पटना,बोधगया +++ रहें हैं सीरियल ब्लास्ट के अपराधी जवाहरी खान के दुष्परिणामों का ही फल रहा है -दलितों, ब्रह्मिणो> सब हिन्दू++को मुर्ख बनाने,लूटने वाले- इस्लाम की बर्बरता, कट्टरता के परोक्ष, अपरोक्ष समर्थक,नकली वकील /पंडित ही तो थे- धूर्त धरम निरपेक्ष के ड्रामे बाज कांग्रेसी गेंग,दिग्गी,जीरो सिब्बल, चिदंबरम, अनपढ़,वेट्रेस उर्फ़सोनिया , चुप्पी साध कर, बर्बर आंतकवादिओ को निर्दोष व हिन्दुओं को उत्तम न बनाने वाले नेता इस्लाम को शांति, मानवता, प्रेम का धरम कहते रहे अब भी सहिष्णुता, “सूद्र “अप्सब्द का विलाप करते हें- मोदी राज में देर सबेर,अज्ञानता का अन्धकार दूर होगा- सख्त कानूनों पर पालन होगा हम पून: सच्चे आर्य,.मानव-हिन्दू होंगे

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