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भीमा-कोरेगावं हिंसा: हाईकोर्ट ने दी गौतम नवलखा को बड़ी राहत 35 दिन बाद हाउस अरेस्ट से हुए आजाद

Gautam-Navlakha

भीमा कोरेगाव हिंसा से जुड़े होने के आरोप में सामाजिक कार्यकर्त्ता गौतम नवलखा को हिरासत में लिया गया था। लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट ने ट्रांजिट रिमांड सम्बन्धी याचिका को ख़ारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने गौतम को हिरासत से मुक्त करने को कहा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने नवलखा को राहत देते  हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट  ने पिछले हफ्ते उन्हें आगे के उपायों चार हफ्तों के अंदर उपयुक्त अदालत का रुख करने की छूट दी थी, जिसका उन्होंने उपयोग किया है।

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हाईकोर्ट ने निचली अदालत का ट्रांजिट रिमांड के आदेश को भी रद्द कर दिया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा की नवलखा को 24 घंटे  अधिक समय हिरासत में रखा गया, जिसे  सटीक नहीं ठहराया जा सकता। वही भीमा कोरेगावं नजरबंदी से रिहा हुए गौतम ने कहा कि मेरी ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं है।

bhima koregaon case

Source: ANI 

आपको बता दे कि नवलखा महाराष्ट्र में हुए हिंसा के मामले में शामिल थे। नवलखा ने कहा की वह अपने सह- आरोपियों और हजारो राजनैतिक कैदियों को भूल नहीं सकते  उनकी विचारधारा की वजह झूठे मामलो में जेल में बंद रखा गया है। उन्होंने एक बयान में कहा कि नजरबंदी के दौरान, पांबंदिया लागू होने के बावजूद अवधि को अच्छी तरह से इस्तेमाल किया। इसीलिए मुझे कोई शिकायत नहीं है। वह 28 अगस्त से नजरबन्द थे।

बता दे कि दिल्ली हाईकोर्ट का यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के हाल में ही दिए उस फैसले  के बाद आया है, जिसमे नवलखा और चार अन्य कोर्ट ने चार सप्ताह के लिए नजरबन्द रखने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट गौतम नवलखा के अलावा वामपंथी कार्यकर्ताओ जैसे कवि वरवर राव, वर्नन गोंजाल्विस अरुण फरेरा और ट्रेड यूनियन कार्यकर्ता सुधा भरद्वाज की नजरबंदी चार हफ्तों के लिए बढ़ाई थी।


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