fbpx
ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
देश

शहीदों और युद्धबंदियों के घरवालों ने मोदी पर लगाए गंभीर आरोप

The-family-of-martyrs-and-prisoners-of-war-put-serious-allegations-on-Modi
(Image Credits: Scroll.in)

लोकसभा चुनावों के दौरान बालाकोट एयर स्ट्राइक और पुलवामा वाली घटना का मुद्दा लगातार राजनीति में छाया हुआ है। वही भाजपा ने अपने चुनावी फायदों के लिए इन दोनों घटनाओ को लोकसभा चुनाव में एक बड़ा मुद्दा बनाया और पुलवामा और बालाकोट एयर स्ट्राइक के नाम पर जनता से वोट देने की भी अपील करी।

Advertisement

राजनैतिक पार्टियां पूरे जोर-शोर से इन मुद्दों को उठा रही हैं, लेकिन एक वक्त पाकिस्तान की जेलों में कैद रहे भारतीय जवान और पठानकोट आतंकी घटनाओ में शहीद जवानो के परिजन इससे निराश हैं। उन्होंने सीधे तौर पर भाजपा सरकार और नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है की वह सेना और शहीदों के नाम का इस्तेमाल लोकसभा में अपनी जीत के लिए कर रहे है।

1965 की भारत-पाकिस्तान लड़ाई में बंदी बना लिए गए और 5 महीने पाकिस्तान की जेलों में बिताने वाले रिटायर्ड कर्नल बलदेव सिंह चहल से जब इस बारे में द इंडियन एक्सप्रेस ने बात की तो उन्होंने कहा कि ‘सभी राजनैतिक पार्टियां भारतीय सुरक्षा बलों की बहादुरी की घटनाओं का क्रेडिट लेने की कोशिश करती हैं। हर युद्ध के बाद ऐसा होता है कि राजनैतिक पार्टियां इसका फायदा उठाने की कोशिश करती हैं। 1971 की लड़ाई, कारगिल लड़ाई और अब सर्जिकल स्ट्राइक में भी सत्ताधारी पार्टी ने ऐसा ही किया था। रिटायर्ड कर्नल ने कहा कि राजनैतिक पार्टियों को सेना की इन गोपनीय कार्रवाईयों को जनता के सामने इस तरह लीक नहीं करना चाहिए।’

रिटायर्ड कर्नल ने कहा कि ‘आर्म्ड फोर्सेस, देश के सुरक्षाबल हैं, ना कि किसी राजनैतिक पार्टी के।’ 1965 की लड़ाई के एक अन्य युद्धबंदी रिटायर्ड ब्रिगेडियर कंवलजीत सिंह का कहना है कि एक जवान देश के लिए लड़ता है, ना कि किसी राजनैतिक पार्टी के लिए। वह देशभक्त है ना कि किसी राजनैतिक पार्टी का सदस्य, फिर क्यों उसका नाम राजनैतिक फायदे के लिए लिया जाता है? उन्होंने कहा कि राजनैतिक पार्टियों को सुरक्षा बलों को तो कम से कम छोड़ देना चाहिए, वरना इसके परिणाम काफी गंभीर हो सकते हैं।

भारत के मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगातार विपक्षी पार्टियों के द्वारा आरोप लगते आये है उन्होंने सेना के नाम पर ही वोट मांगे है वह अपनी रैलियो में पुलवामा और बालाकोट एयर स्ट्राइक के नाम पर भारतीय जनता पार्टी को वोट देने की बात कहते नज़र आये है।


पठानकोट आतंकी घटना में शहीद होने वाले कुलवंत सिंह की पत्नी हरभजन कौर का कहना है कि मौजूदा मोदी सरकार को शहीदों के नाम पर वोट नहीं मांगने चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने कुलवंत सिंह के नाम पर एक गेट और उनके बेटे को नौकरी देने का वादा किया गया था, लेकिन अभी तक ये वादे अधूरे हैं।

कुलवंत सिंह की तरह ही फतेह सिंह भी पठानकोट हमले में शहीद हुए थे। इनके परिजनों का भी कहना है कि सुरक्षाबलों को राजनीति में नहीं घसीटा जाना चाहिए।

साल 2017 में पाकिस्तान की सीमा पर मुठभेड़ में शहीद हुए बख्तावर सिंह के परिजनों का कहना है कि राजनेता शहीद सैनिकों को भूल जाते हैं और सिर्फ राजनैतिक फायदे के वक्त ही उन्हें उनकी याद आती है।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved