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6 महीने बाद भी पुलवामा शहीदों के परिवार तक नहीं पहुंचे पैसे

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जम्‍मू-कश्‍मीर के पुलवामा घटना को हुए छह महीने से ज्यादा हो चुके है। पूरा देश इस घटना के बाद शौक में डूब गया था और अभी तक देशवासियो के दिल में उस घटना में शहीद हुए लोगो के प्रति सम्मान और भावनाएं है। उस घटना के दौरान 40 से अधिक सीआरपीएफ के जवान शहीद हुए थे। पुलवामा के बाद पूरा देश जवानों के साथ उठ खड़ा हुआ था। 

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जवानों के परिवार की मदद का भरोसा दिलाया गया था। केंद्र से लेकर हर राज्य की सरकार ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया और बड़े बड़े ऐलान किए । देश की जनता ने भी हर संभव माध्यम से अपने हिसाब से मदद भी की थी।  इसी दौरान डॉ. बीआर आंबेडकर यूनिवर्सिटी और बेसिक शिक्षा विभाग आगरा के शिक्षक और कर्मचारियों ने भी अपने वेतन से रुपये दिए जिसे  प्रभावित जवानों के परिवार को दिया जाना था। लेकिन, छह महीने बाद भी शिक्षकों द्वारा जमा की गई यह रकम जवानो के परिवारवालों के खाते में नहीं गई है। यह कुल राशि तकरीबन 75 लाख रुपए है। 

फरवरी 2019 में पुलवामा घटना के बाद मार्च का वेतन मिलते ही डॉ. बीआर आंबेडकर यूनिवर्सिटी के शिक्षक और कर्मचारी संघ ने अपने एक दिन का वेतन सीआरपीएफ के जवानों के परिवार को दान में दे दिया था। यूनिवर्सिटी कर्मचारी संघ के अखिलेश चौधरी का कहना है, ‘करीब 8 लाख रुपये जमा किए थे, लेकिन अफसोस की यह रुपया शहीदों के परिवार तक पहुंचने के बजाए अधिकारियों की लापरवाही से अभी बैंक खाते में ही पड़ा हुआ है.’

दूसरी ओर, बेसिक शिक्षा विभाग, आगरा के सभी टीचरों ने भी पुलवामा घटना के बाद शहीदों के परिवार वालों की मदद के लिए एक-एक हजार रुपये इकट्ठा किए थे। यह एक हजार रुपये सीधे टीचरों के वेतन से ही काट लिए गए थे। कम सैलरी पर काम करने वाली छोटे से बड़े टीचरो ने अपनी सैलरी से पैसा जमा कर संभव मदद करने की कोशिश की थी पर उन्हें क्या पता था की उनकी यह कोशिश अधिकारियो की लापरवाही से जवानो के परिजनों तक पहुचेगी ही नहीं। 

टीचरों ने अपनी सैलरी से करीब 60 लाख रुपये जमा किये थे । यह पैसा भी विभाग में तैनात अधिकारी के खाते में ही पड़ा हुआ है।  ब्याज लगने के बाद अब जमा हुई रकम में इजाफा भी हो चुका है। कुल रकम तकरीबन 75 लाख रुपए तक पहुंच चुकी है। अधिकारी यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि उन्‍हें यह नहीं पता कि अब इस पैसे को हम कहां भेजें। अब जब मामला लोगों के संज्ञान में आया तो अधिकारी कह रहे हैं कि इस पैसे का चेक बनवाकर मुख्यमंत्री राहत कोष में भेज दिया जाएगा। 


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