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वाराणसी में भगवान हनुमान के जाति प्रमाण पत्र के लिए आया आवेदन

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के भगवान हनुमान को दलित बताने के बाद मानो घमासान सा मच गया है। राजनीति में वैसे तो राजनेता अपने चुनावी फायदे के लिए जाने क्या क्या बोल जाते है। अब योगी आदित्यनाथ अपने ही बयान में बुरी तरह फस गए है जब उन्होंने भगवान हनुमान को दलित समुदाय का बताया, इस बयान पर अब राजनीति शुरू हो गई है।

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दलित समुदाय के लोगो ने इस बयान पर भाजपा को जमकर लताड़ा है, उत्तर प्रदेश के एक जिले में दलित समुदाय के लोगो द्वारा हनुमान मंदिर पर कब्ज़ा जमाने की खबर भी सामने आई है। वही दलित समुदाय के लोगो का कहना है की यदि हनुमान दलित थे तो हनुमान मंदिर पर भी उनका हक़ होना चाहिए वह मंदिर में भी पंडित दलित समुदाय का ही होना चाहिए।

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हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में हनुमान जी का जाति प्रमाण पत्र मांगा जा रहा है। इसके लिए बाकायदा आवेदन किया गया है। यह मांग जिला मुख्यालय पर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के युवजन सभा के लोग द्वारा की गई है,.जहा बहुत से लोग इकठ्ठा हुए और उन्होंने भगवान् हनुमान के जाति प्रमाण पत्र की मांग की है।

भगवान् हनुमान के जाति प्रमाण पत्र के लिए उन्होंने बकायदा जाति प्रमाण पत्र प्राप्त का आवेदन फॉर्म भी भरा है। कार्यकर्ताओ के आवेदन फार्म में वांछित जानकारी भी भरी है. जैसे, बजरंगबली के पिता का नाम महाराज केशरी, जाति में वनवासी आदि भरा हुआ है। कार्यकर्ता फार्म लेकर कार्यलय में गए और जाति प्रमाण पत्र की मांग की है।


साथ ही साथ प्रगतिशील युवजन सभा के कार्यकर्ताओ ने भगवान् हनुमान के आरक्षण की मांग भी करी है। सभा के जिला अध्यक्ष हरीश मिश्रा कहते हैं कि पिछले दिनों योगी आदित्यनाथ ने हनुमान जी को दलित बताया था, उसी क्रम में आज यहां उनके जाती प्रमाण के लिए आवेदन दिया गया। हरीश मिश्रा ने भाजपा पर लगातार आरोप लगाते हुए कहा की भाजपा के मंत्री अपने चुनावी फायदे के लिए भगवान को भी राजनीति में घसीट रहे है। पहले भगवान राम और अब हनुमान को मुद्दा बनाकर राजनीति करने की कोशिश कर रहे है।

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