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लोकसभा चुनाव से ठीक पहले RBI देगी मोदी सरकार को 28000 करोड़ रुपये, समय पूर्व लाभांश देने का फैसला

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(Image Credits: My Nation)

रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने एक बड़ा ऐलान किया है। बैंक ने लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा सरकार को लाभांश के रूप में आर्थिक मदद करने का फैसला लिया है। दरअसल रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने सरकार को समय से पहले लाभांश देने का फैसला किया है। बीजेपी सरकार को लाभांश के रूप में बैंक द्वारा 28000 करोड़ रूपये दिए जाएंगे।

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अब यहाँ देखने वाली बात यह है की, आखिर बैंक द्वारा सरकार को समय से पहले लाभांश देने के पीछे क्या कारण है। वो भी ऐसे समय में जब लोकसभा चुनाव सर पर है। आखिर मोदी सरकार पर बैंक द्वारा इतनी मेहरबानी क्यों दिखाई जा रही है। आपको यह भी मामलूम होना चाहिए की रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा दिए जाने वाला यह वही लाभांश है, जिस पर सहमति न होने के कारण पिछले वर्ष दिसंबर में RBI के Governor उर्जित पटेल ने इस्तीफा दे दिया था। हलांकि उन्होंने अपने इस्तीफे की वजह निजी बताई थी। परन्तु सचाई सबके सामने है।

अब प्रश्न यह उठता ही की रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया के वर्तमान Governor Shakti kanta Das ने सरकार को यह लाभांश देने का निर्णय क्यों लिया। इतना ही नहीं सरकार को पिछले वित्त वर्ष में भी रिजर्व बैंक द्वारा सरकार को 10000 करोड़ रुपए दिए गए थे।

आइए अब यह जानते हैं की रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया का क्या बयान आया है, केंद्रीय बैंक ने एक बयान में कहा, ‘‘सीमित आडिट तथा वर्तमान आर्थिक पूंजी मसौदे की समीक्षा के बाद निदेशक मंडल ने 31 दिसंबर 2018 को समाप्त छमाही के लिये अंतरिम अधिशेष के रूप में केंद्र सरकार को 280 अरब रुपये हस्तांतरित करने का निर्णय किया है।’’

दरअसल, किसानों के खाते में पहली किस्त के रूप में 2000 रुपये देने के लिए सरकार को 20 हजार करोड़ रुपये की 31 मार्च तक जरूरत है। लेकिन यह भी माना जा रहा है की पिछले साल दिसंबर महीने में विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद, मोदी सरकार किसानों के वोटबैंक के लिए यह कदम उठा रही है। सरकार कुछ ही समय बाद देश में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए कोई भी रिस्क नहीं उठाना चाहती है।


मोदी सरकार और RBI के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल के बीच कुछ मामलों को लेकर आपसी सहयोग नहीं बनना। फिर इसके बाद अचानक उर्जित पटेल का गवर्नर पद से इस्तीफ़ा दे देना। कहीं न कहीं इससे यह पता चलता है की, वर्तमान भाजपा सरकार RBI जैसी बड़ी संस्था को भी अपने फायदे के रूप में इस्तेमाल करना चाहती है।

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