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भीम आर्मी की केंद्र को बड़ी चेतावनी, मंदिर का मुद्दा अगर 10 दिनों के अंदर नहीं सुलझा तो भारत बंद का आह्वान किया जाएगा

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दिल्ली के तुगलकाबाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद रविदास मंदिर ध्वस्त किये जाने को लेकर दलित संगठनों का विरोध जारी है। भीम आर्मी ने इसको लेकर केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि रविदास मंदिर का मुद्दा अगर 10 दिनों के अंदर नहीं सुलझा तो देशव्यापी बंद का आह्वान किया जाएगा। भीम आर्मी ने कहा कि वे 25 अगस्त को ‘अंतर्राष्ट्रीय धिक्कार दिवस’ के रूप में मनाएंगे और भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद और 95 अन्य के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का विरोध करेंगे।

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भीम सेना के नेताओं ने शुक्रवार को दिल्ली के वूमेन क्लब में एक प्रेस वार्ता आयोजित की। प्रेस वार्ता में भीम आर्मी भारत एकता मिशन के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव कमल सिंह वालिया ने कहा कि भीमसेना केंद्र सरकार को दस दिन का समय देती है। अगर दस दिन में रविदास गुरुधर मंदिर नहीं बनवाया गया, तो भारत बंद बुलाकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। मंदिर नहीं बनने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। 

उन्होंने कहा कि उस समय तक हम जमानत की मांग नहीं करेंगे, जब तक गिरफ्तार किए गए लोगों को रिहा नहीं किया जाता है। चंद्रशेखर और अन्य 95 लोगों को हिंसा और गैरकानूनी तरीके के एकत्र होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। कमल सिंह वालिया ने कहा कि तुगलकाबाद बवाल के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है। केंद्र सरकार ने पुलिस के जरिए प्रदर्शनकारियों के बीच शरारती तत्व घुसा दिए है। जिन्होंने तोड़फोड़ करी और इलज़ाम बहुजन समाज के लोगो पर लगा उन्हें गिरफ्तार किया गया। 

सरकारी एजेंसियों व मनुवादी सरकार ने ये बवाल करवाया है। भीम सेना के कार्यकर्ता व अन्य राज्यों से आए लोग अपना प्रदर्शन शांतिपूर्ण कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि भीम सेना के कार्यकर्ताओं ने तुगलकाबाद में तोडफ़ोड़ नहीं की। इस मामले में अभी दिल्ली पुलिस के 95 से ज्यादा लोगो को हिरासत में ले रखा है और उनपर बहुत ही गंभीर धाराएं लगाई गई है ताकि जमानत तक न मिल सके। 

भीम आर्मी के वकील महमूद परर्चा ने कहा कि वह मंदिर तोड़े जाने संबंधी आदेश को लेकर फिर से सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के सामने गलत तथ्य पेश किए गए। डीडीए व अन्य सरकारी एजेंसियों ने गलत कागजात लगाए हैं। उनके पास इस बात के सबूत हैं।


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