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“सुप्रीम कोर्ट हमारा है” बयान पर BJP के मंत्री पर भड़के CJI गोगोई,यूँ दिया जवाब

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भाजपा के सत्ता में आ जाने के बाद से भाजपा के मंत्री कोई न कोई विवादित बयान देकर मुसीबत पैदा कर देते है। वैसे तो सभी को पता है की भाजपा के शासन काल में भारत की स्वतंत्र संस्थाओ पर भी सरकार अपना नियंत्रण बनाने की पूरी कोशिश में लगी रहती है। हाल ही में उत्तर प्रदेश के मंत्री के ‘सुप्रीम कोर्ट हमारा है’ के बयान पर सर्वोच्च अदालत ने नाराजगी जाहिर की।

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अयोध्या जमीन मामले की सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष के वकील ने योगी सरकार के मंत्री के बयान का जिक्र किया। अयोध्या में 2.77 एकड़ विवादित जमीन के मालिकाना हक की सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष ने कहा कि केस के लिए एक सही माहौल की कमी साफ नजर आ रही है। अयोध्या केस की सुनवाई चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 जजों की संविधान पीठ कर रही है।

मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने कहा, ‘कल मेरे सहयोगी को सुप्रीम कोर्ट में अपशब्द कहे गए और परेशान किया गया क्योंकि मैं मुस्लिम पक्ष की तरफदारी कर रहा हूं। यह सब कुछ बहुत खराब माहौल तैयार कर रहा है। कुछ दिन पहले ही यूपी के एक मंत्री ने कहा था कि यह जगह हमारी है, मंदिर हमारा है और सुप्रीम कोर्ट भी हमारा है। मैं कितनी और अवमानना याचिका दाखिल करूं?’

बता दे की उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री मुक्त बिहारी वर्मा ने राम मंदिर पर पूछे सवाल के जवाब में कहा था कि जगह हमारी है, मंदिर हमारा है और सुप्रीम कोर्ट भी हमारा है। हालांकि, विवाद होने के बाद उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि उनके कहने का अर्थ है कि सुप्रीम कोर्ट देश के नागरिकों का है।

धवन ने कुछ दिन पहले ही 88 साल के एक बुजुर्ग के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल की है। सरकारी नौकरी से रिटायर हुए बुजुर्ग ने मुस्लिम पक्ष की तरफदारी करने पर धवन को श्राप देने की बात कही थी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कोर्ट में मौजूद किसी भी पक्ष से उन्हें कोई शिकायत नहीं है।
चीफ जस्टिस ने मुस्लिम फक्ष के वकील की पूरी बात को ध्यान से सुनने के बाद अन्य जजों के साथ कुछ चर्चा की।


फिर उन्होंने कहा, ‘हम इसकी कठोर निंदा करते हैं। इस देश में यह सब कुछ नहीं होना चाहिए। दोनों ही पक्षों को पूरा अधिकार है कि वह बिना किसी दबाव में निर्भीक होकर अपनी दलील पेश करें।’ संविधान पीठ ने वकील राजीव धवन से पूछा कि क्या वह अपने लिए सुरक्षा चाहते हैं? हालांकि, धवन ने सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया।

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