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रिपोर्ट में दावा: कुछ राज्यों की कई सीटों पर मतदान से ज्यादा हुई वोटो की गिनती! उत्तरप्रदेश समेत पटना साहिब और बेगुसराय भी शामिल

Claims in the report: counting-of-seats-is-more-than-actual-voting-in-many-states-including-uttar-pradesh-and-patna-sahib-Begusarai
(Image Credits: Napa Valley Register)

लोकसभा चुनाव का समापन हो चूका है। और इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी, नरेंद्र मोदी को एक बार फिर से प्रधानमंत्री बनाने को तैयार है। चुनाव के दौरान EVM को लेकर कई सवाल जवाब सुनने को मिले, इसके साथ ही कुछ पार्टियों ने EVM पर संदेह भी जताया। लेकिन अब जब चुनाव खत्म हो चुके है, तब चुनावी प्रक्रिया को लेकर एक चौंकाने वाली बात सामने आती दिख रही है।

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दावा किया जा रहा है की देश के करीब चार राज्यों की कई सीटों पर कुल वोटिंग से ज्यादा वोट गिने गए। इन सीटों में तीन हाई प्रोफाइल सीटें भी शामिल हैं, जिनमें बिहार की पटना साहिब, जहानाबाद और बेगूसराय संसदीय सीट है। दरअसल, एक न्यूज़ क्लीक ने वोटों की गिनती से जुड़ी जांच-पड़ताल की थी, जिसमें पता लगा कि बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और मध्य प्रदेश में कुछ सीटों पर कुल मतदान से अधिक संख्या में हजारों वोट गिने गए।

न्यूज़ वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक कहा गया की जिन संसदीय सीटों में वोटों की गिनती की जांच हुई। उनमें से आठ में कम से कम एक पर इस प्रकार की गड़बड़ी हारने वाले प्रत्याशी के वोटों के अंतर से भी कई है। आपको बता दे की इस तरह की जानकारी ऐसे समय में सामने आ रही है। जब चुनावी माहौल से नतीजे वाले दिन तक विपक्षी पार्टियों द्वारा EVM को लेकर लगातार कई सवाल उठाये गए। विपक्ष ने बिहार, यूपी, हरियाणा समेत कई और राज्यों में ईवीएम के साथ छेड़छाड़ होने का आरोप लगाया था।

वहीं कुछ राज्यों में चुनाव आयोग की वेबसाइटों और ईसी के वोटर टर्नआउट ऐप से जुटाए गए आकड़ो के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया कि 20 लाख 51 हजार 905 मतदाता वाले पटना साहिब क्षेत्र में 46.34 फीसदी मतदान हुआ। वहां नौ लाख 50 हजार 852 वोट डाले जाने थे, पर गिनती में नौ लाख 82 हजार 285 वोटो को गिना गया। जो की इस सीट पर 31 हजार 433 वोटों का फर्क दिखाता है। बता दे की बीजेपी उम्मीदवार ने यहां 2.84 लाख वोटों से जीत हासिल की है।

दूसरी ओर बिहार के बेगूसराय में 19 लाख 54 हजार 484 वोटर्स वाली सीट पर 61.27 प्रतिशत वोटिंग हुई। वहां 11 लाख 97 हजार 512 मत पड़ने थे, लेकिन वास्तविक में वोटों की गिनती में आंकड़ा 12 लाख 25 हजार 594 था। यहाँ भी साफ साफ असल वोटिंग और गिने गए वोटों के बीच 28 हजार 82 वोटों का फर्क देखा जा सकता है। इस सीट से भी बीजेपी उम्मीदवार को लगभग चार लाख मतों के अंतर से जीत मिली हैं।


न्यूज़ रिपोर्ट की जाँच में बिहार के अलावा पूर्वी दिल्ली, मध्य प्रदेश की गुना व मुरैना, यूपी की बदायूं और फर्रूखाबाद संसदीय सीट पर इसी प्रकार से असल में डलने वाले वोटों और उनकी गिनती के बीच फर्क देखा गया। हालांकि नेशनल दस्तक “न्यूज़ क्लिक” की रिपोर्ट की पुष्टि नहीं करता है।

जब इस मामले में चुनाव आयोग के तीन पूर्व आयुक्तों से संपर्क किया गया तो उन्होंने भी हैरानी जताई। और उन्होंने कहा, चुनाव आयोग इस मसले पर सफाई दे या फिर वोटों के आंकड़ों में गड़बड़ी मुद्दे का समाधान करे। चुनाव आयुक्तों द्वारा इस प्रकार का जवाब देना बचकाना लगता है। पटनासाहिब से हारने वाले वर्तमान कांग्रेस नेता व पूर्व बीजेपी नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने भी इस बारे में शक जताया था। और इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि, इस सीट पर ‘कोई बड़ा खेल तो जरूर हुआ है।’

इन सभी बातो से यह लगता है की विपक्षी पार्टियों द्वारा लगातार चुनावी प्रक्रिया और EVM पर उठाये गए सवाल गैर जरूरी नहीं है। कुछ राज्यों में असल मतदान से अधिक वोटो की गिनती होना चुनाव आयोग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाता है। देश में इतने बड़े चुनाव के दौरान इस तरह की चीजे सामने आना चुनाव आयोग और राज्यों के प्रशासन व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करता है।

वैसे तो चुनाव आयोग चीख चीख कर सुरक्षित और निष्पक्ष चुनाव होने की बात करता है। लेकिन जब चुनावी प्रक्रिया के दौरान इस तरह की गलतिया सामने आती है तो यह लोगो को चुनाव आयोग पर सवालिया निशान उठाने पर मजबूर कर देता है। आखिर कब तक चुनाव आयोग अपना बचाव करता रहेगा और इन सभी गलतियों पर जानबूझकर चुप्पी बनाए रखेगा। या फिर हम यह मान ले की, चुनाव आयोग किसी दबाव में इन सभी चीजों को अनदेखा करने के लिए मजबूर होता जा रहा है।

खैर जो भी हो, हम चुनाव आयोग से यह उम्मीद लगायेंगे की आयोग,”न्यूज़ क्लिक” के रिपोर्ट की जाँच करे और देश के सामने सच्चाई लाने की हिम्मत दिखाए।

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