fbpx
ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
देश

दलित समुदाय और पिछड़ों के एकजुट होने की तैयारी, भाजपा की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

Nagar_Bahujan_Morcha
(Representational Image)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा दलितों को अपनी पार्टी से जोड़ने के लिए भले ही योजनाओं का ऐलान करा गया है। परन्तु दलित समुदाय को तोड़ने से बचाने के लिए राजनीतिक दल बसपा और दलित संघठन एकजुट हो गए हैं। समाज के सवर्ण समुदाय द्वारा SC ST एक्ट के सम्बन्ध में ओबीसी और दलित समुदाय के लोगों को अपने तरफ करने की होड़ लगी हुई है। बहुजन क्रांति मोर्चा दलितों और पिछड़े समाज के लोगों को जोड़ने के लिए दलित की राजधानी में सम्मेलन करने जा रहा है।

Advertisement

सात नवंबर को होगा सम्मेलन

आगरा में सात नवंबर को बहुजन क्रांति मोर्चा पिछड़ा वर्ग सम्मेलन एक आयोजन करेगा। जनार्दन अनुरागी आगरा मंडल के सयोंजक ने बताया कि बहुजन क्रान्ति मोर्चा सभी पिछड़ी जातियों के लोगों को एकमंच पर लाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि हाल हि में गुजरात में परिवर्तन यात्रा की मदद से लोगों को उनके अधिकार के प्रति जागरूक किया गया।

इसी तरह उत्तर प्रदेश में भी पिछड़ी जातियों के लोगों को उनके अधिकार के प्रति जागरूक किया जायगा। उन्हें भी एक मंच पर लाया जायगा। इसके साथ साथ अलग मुद्दे जैसे की अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में EVM का इस्तेमाल न किया जाये, इसके लिए सभी राजनीतिक दलों को एकत्रित किया जायगा। बहुजन क्रांति मोर्चा ने पहले ही अपना पक्ष रख दिया है कि आगामी लोकसभा चुनाव में बैलट पेपर का इस्तेमाल फिर से किया जाये।

भाजपा के लिए खड़ी हो सकती है मुश्किलें


आगरा में करीब 45 लाख की जनसँख्या है, जिसमें से साढ़े पंद्रह लाख मतदाता हैं। यहाँ दलित मतदाताओं की संख्या 30 प्रतिशत से अधिक है। राजनीतिक विषेशज्ञों का कहना हैं कि,अगर दलित और पिछड़ी जातियों के लोग आपस में मिल जाते है तो इसके कारण भाजपा को बड़ी मुश्किलें का सामना करना पड़ सकता हैं।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved