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बीजेपी राज में आयुष्‍मान कार्ड धारकों से अस्‍पताल कर्मचारी ने मांगे पैसे, अस्‍पताल को ही किया योजना से बाहर

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(image credits: lnct university)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाई गई आयुष्मान भारत योजना विवादों में आती दिख रही है। आये दिन इससे जुड़े नए नए मामले आते दिख रहे है। दरअसल यह योजना पूरी तरह से सफल होती नहीं दिख रही है। कुछ महीनो पहले इस योजना के अंतर्गत गलत दवाई दिए जाने की बात सामने आई।  वहीँ अब इससे जुड़ा कुछ और ही मामला सामने आता दिख रहा है।

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मामला गुजरात में सरदार भाई पटेल अस्पताल से जुड़ा है। जहाँ अस्‍पताल के कर्मचारी अस्‍पताल में इलाज कराने के लिए आने वाले आयुष्‍मान कार्ड धारकों से अक्सर पैसे माँगा करते थें। जिसके बाद हॉस्पिटल पर कार्रवाई करने की बजाय इस अस्पताल को आयुष्मान भारत योजना से ही हटा दिया गया। यहां देखने वाली बात यह है की कार्डधारक लोगो से पैसे की मांग करना इस योजना के खिलाफ है। इसका मतलब मौजूदा सरकार की यह योजना सभी अस्पतालों में  काम करती नहीं दिखाई दे रही है। 

बता दे की सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्रत्येक परिवार को सालाना पांच लाख रुपये की कवरेज दी जाएगी और वे सरकारी या निजी अस्पताल में कैशलेस इलाज करा सकेंगे। मौजूदा सरकार की आयुष्मान भारत योजना का लक्ष्य खासकर निम्न और निम्न मध्यम वर्ग के परिवारों को महंगे मेडिकल बिल से निजात दिलाना है। इस योजना के दायरे में गरीब, वंचित ग्रामीण परिवार और शहरी श्रमिकों की पेशेवर श्रेणियों को रखा गया है। नवीनतम सामाजिक आर्थिक जातीय जनगणना (एसईसीसी) के हिसाब से गांवों के ऐसे 8.03 करोड़ और शहरों के 2.33 परिवारों को शामिल किया गया है। 

आपको बता दे की सरदार वल्‍लभ भाई पटेल अस्‍पताल का उद्घाटन इसी साल जनवरी में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही किया था।  बताया यह जाता है की अस्‍पताल के निर्माण में लगभग 750 करोड़ रुपये खर्च किए गए। अहमदाबाद नगरपालिका का यह अस्‍पताल हाई प्रोफाइल सरकारी अस्‍पताल माना जाता है।  वही 15 दिन पहले ही इस अस्‍पताल के चार ऑपरेशन थियेटर को बंद करना पड़ा था।  बताया जा रहा है कि वहां बारिश का पानी भर गया था।  जिसके कारण एक सप्‍ताह तक ऑपरेशन थियेटर भी बंद रहा था। 

बीजेपी राज में उनके ही द्वारा लाये गए योजना के तहत लोगो को मिलने वाले लाभ को देने से इंकार करना बेहद अटपटा लगता है। अब देखना यह होगा की जब बीजेपी के ही राज्य में आयुषमान भारत के तहत मिलने वाले लाभ से कुछ लोगो को वंचित रखा गया।  तो बाकी राज्यों की बात छोड़ दीजिये। केंद्र सरकार को यह सोचना चाहिए की सिर्फ योजनाए लागु कर देने से लोगो को फायदा नहीं पहुँचता, बल्कि इसके तहत मिलने वाले लाभ पर लगातार ध्यान रखने की भी जरूरत होती है।


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